(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- जिस प्रकार शरीर में रही एक छोटी -सी भी केन्सर की गाँठ अ...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- अपने जीवन व्यवहार मे हमे दो तत्वों के सम्पर्क मे ही आना ...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- जीवन में से श्रम गया :-जो कर्म अत्यधिक श्रम साध्य था ,...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मोक्ष के वास्तविक स्वरुप से अनभिज्ञ आत्माएँ अर्थ और काम (धन और प...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मोक्ष के वास्तविक स्वरुप से अनभिज्ञ आत्माएँ अर्थ और काम (धन और प...
सुंदेशा मुथा जैन भवन कोन्डितौप चेन्नई मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- सुर्य के ताप में खडे रहने से भी शरीर गर्म हो जाता है। आग के ...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मटके को पकाने के लिए कुंभार उसे आग में डालता है...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोन्डितौप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि :- मनुष्य जन्म की प्रत्येक पल अति कीमती है । इस ...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- केवलज्ञान की प्राप्ति के बाद तीर्थंकर परमात्मा प...
(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि;- हमारा जीवन क्षण भंगुर है । एक छोटे सा उपघात हमा...