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केसर से भी वैर की गाँठ ज्यादा भयंकर है: विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- जिस प्रकार शरीर में रही एक छोटी -सी भी केन्सर की गाँठ अ...

त्यागमय जीवन मेँ मानव जीवन की सार्थकता: विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- अपने जीवन व्यवहार मे हमे दो तत्वों के सम्पर्क मे ही आना ...

वैज्ञानिक साधनों से आध्यात्मिक नुकसान: विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- जीवन में से श्रम गया :-जो कर्म अत्यधिक श्रम साध्य था ,...

तेयुप चेन्नई टीम पहुंची गुरु चरणों में

तेरापंथ युवक परिषद्, चेन्नई द्वारा गुरुदेव दर्शनार्थ एक दल हैदराबाद पहुँचाl तेयूप चेन्नई के अध्यक्ष श्री रमेश डागा ने पूज्य प्रवर आचार्य श्री महाश्रमणजी एंव असा...

सदाचार व सन्तोष ही सुख का मार्ग है: विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मोक्ष के वास्तविक स्वरुप से अनभिज्ञ आत्माएँ अर्थ और काम (धन और प...

सदाचार व सन्तोष ही सुख का मार्ग है: विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेनसुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मोक्ष के वास्तविक स्वरुप से अनभिज्ञ आत्माएँ अर्थ और काम (धन और प...

धर्म क्रियाओ के आधार पर भी यह अनुमान नही कर सकते है कि व्यक्ति के जीवन में धर्म आ गया: विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

सुंदेशा मुथा जैन भवन कोन्डितौप चेन्नई मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- सुर्य के ताप में खडे रहने से भी शरीर गर्म हो जाता है। आग के ...

पाप की निंदा से पापक्षय और पुण्य की अनुमोदना से पुण्यबंध होता है: विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- मटके को पकाने के लिए कुंभार उसे आग में डालता है...

“मनुष्य जन्म की प्रत्येक पल है अति कीमती “: विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोन्डितौप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि :- मनुष्य जन्म की प्रत्येक पल अति कीमती है । इस ...

“सब्से मीठी होती है प्रभु की वाणी “:
विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई मे जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि:- केवलज्ञान की प्राप्ति के बाद तीर्थंकर परमात्मा प...

आचार्य जयमल के 313वें जन्मोत्सव पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित

(no subject) चेन्नई. जयगच्छाधिपति आचार्य पार्श्वचन्द्र महाराज एवं मुनि डॉ पदमचंद्र महाराज की पावन प्रेरणा से एक भवावतारी चरित्र चूड़ामणि चर्चा चक्रवर्ती भीष्म प...

“प्रतिपल पाप व्यापारों से बचने सावधान रहना चाहिए ” : विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा

(no subject) सुंदेशा मुथा जैन भवन कोंडितोप चेन्नई में जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सुरीश्वरजी म.सा ने कहा कि;- हमारा जीवन क्षण भंगुर है । एक छोटे सा उपघात हमा...

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