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खंद प्रत्याख्यान दिवस के रुप में स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में मनाया गया 

खंद प्रत्याख्यान दिवस के रुप में स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में मनाया गया 

परमाराध्य आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस ज्येष्ठ कृष्ण बदी पंचमी गुरुवार 7 मई 2026 को खंद प्रत्याख्यान दिवस के रुप में स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में मनाया गया

साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में रत्नवंश के अष्ठम पट्टधर आचार्य पूज्यश्री हीराचंद्र म.सा का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस दो -दो सामायिक साधना पूर्वक मनाया गया |

वरिष्ठ स्वाध्यायी वीरेन्द्रजी कांकरिया ने आचार्य हस्तीमलजी म.सा द्वारा अर्थ व भावार्थ किये गए आगम प्रश्न व्याकरण सूत्र में पांचवे आश्रव द्वार का वांचन करने के पश्चात आचार्यश्री के गुणगान में कहा कि उनकी प्रेरणा के कारण ही मैं 22 वर्षो से पर्युषण पर्व में स्वाध्यायी के रुप मे सेवा दे रहा हूं | आचार्यश्री की प्रेरणा के फलस्वरुप स्वाध्याय भवन में दैनिक रुप से सामायिक स्वाध्याय चल रहा हैं |

 उपस्थित श्रदालुओं ने आचार्य हीरा चालीसा की सामुहिक स्तुति की |

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने 36 वर्षो पूर्व आज ही की तिथि पर सूर्यनगरी जोधपुर के सरदार स्कूल में सम्पन्न आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा के आचार्य पदारोहण महोत्सव पर स्वयं प्रत्यक्ष रुप से अपने पिताश्री के साथ उपस्थित रहने को अपने जीवन की पुण्यवानी बताते हुए धर्मसभा में आचार्य पदारोहण महोत्सव का दृश्य चित्रण शब्दों के माध्यम से रखा और बताया कि आचार्यश्री हीराचंद्रजी म. सा ने सभी चरित्र आत्माओं के प्रति कृतज्ञ भाव रखते हुए नन्दी सूत्र में वर्णित संघ रुपी तीर्थ को वन्दन करते हुए आचार्य पद के चादर की जिम्मेदारी को स्वीकार्य किया और स्थानकवासी परम्परा के विभिन्न संघो के आचार्यों, उपाध्यायों व महापुरुषों के रत्नवंश के साथ वर्षों से चले आ रहे प्रेम,स्नेह व मधुर संबंधों का महापुरुषों के नाम सहित स्मरण किया | आचार्यश्री ने अपने गुरुदेव आचार्य हस्ती की तरह ही सभी परम्पराओं के महापुरुषों के संग मधुर व्यवहार कायम रखा हैं |

स्वाध्यायी श्री दीपकजी श्रीश्रीमाल ने पिछले वर्ष युवक परिषद तमिलनाडु के संग आचार्य भगवन्त के दर्शन व उनकी प्रेरणाओं के प्रसंग का भाव विभोर कर देने वाले प्रसंग का उल्लेख किया |

स्वाध्यायी योगेशजी श्रीश्रीमाल ने श्रदेय श्री प्रमोदमुनिजी म.सा से श्रवण किये प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुणगान किये |

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के उपाध्यक्ष स्वाध्यायी गौतमचंदजी मुणोत ने पीपाड़ के प्रसंगों का उल्लेख किया |

स्वाध्यायी इंदरचंदजी कर्णावट ने स्तुति गान करते हुए गुणगान किये |

तपस्वी विमलचन्दजी सुराणा ने आचार्य भगवन्त व भावी आचार्यश्री के उनके जीवन को बदलने के संस्मरणों का विस्तृत रुप से उल्लेख करते हुए उपकारों पर कृतज्ञता भाव व्यक्त किये |

जे कमलजी चोरडिया ने आचार्यश्री के उपकारों के संस्मरण सुनाए |

धर्मसभा में श्री रुपराजजी सेठिया,युवक परिषद् के पूर्व सचिव महावीरजी कर्णावट, महावीरचन्दजी छाजेड़, पदमचन्दजी श्रीश्रीमाल, बालक हितेनजी कोठारी, बाबू धनपतराजजी सुराणा, लीलमचन्दजी बागमार, उच्छबराजजी गांग सहित अनेक श्रदालुओं ने व्रत,नियम व सामूहिक प्रत्याख्यान में चार खंद के नियम किए |

हितेन कोठारी ने संकल्प सूत्र व मनोरथ पाठ किया | गौतमचन्दजी मुणोत ने गुरु सुखसाता पाठ से पृच्छा की |

वीरपिता बाबू धनपतराजजी सुराणा ने मंगल पाठ सुनाया | तीर्थंकरों,आचार्यों,उपाध्याय भगवन्त,साध्वी प्रमुखा चरित्र आत्माओं की जयजयकार के साथ आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ |

प्रेषक :-

 स्वाध्याय भवन

24 / 25 बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट, चेन्नई 600 079.

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