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सन्त आते है तो संस्कृति मुस्कराती है : मुनि अर्हत कुमारजी

अभिनन्दन है लम्बी प्रतीक्षा के बाद आने वाले बसन्त का   आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस       होसकोटे बैंगलोर 10.04.2022 :-  युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनिश्री अर्हतकुमारजी ठाणा 3 का बेंगलुरु में रामनवमी एवं तेरापंथ के प्रवर्तक आचार्य भिक्षु के अभिनिष्क्रमण के पावन दिवस पर प्रवेश हुआ। मुनि श्री के आगमन से बेंगलुरु समाज का ह्रदय आनंद हिलोरे ले रहा है। मुनि श्री ने सभा को संबोधित करते हुए फरमाया संतों का योग व उनका सान्निध्य प्राप्त होना भाग्य नहीं सौभाग्य का सूचक है। बसन्त जब आता है, प्रकृति मुस्कुराती है और जब सन्त आते है, तो संस्कृति मुस्कुराती है। गुरुदेव की कृपा से गांधीनगर, बेंगलुरु नगर के चातुर्मास का पावन अवसर मिला है। आज रामनवमी है। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाएं। जब राम का राज्याभिषेक होने का अवसर था व अचानक मिले वनवास के आदेश से भी राम के चेहरे पर कोई भी फर्क न...

समस्या समाधान के समयज्ञ थे भिक्षु : साध्वी डॉ. मंगलप्रज्ञा

आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस  पट्टालम, चेन्नई :- तेरापंथ सभा चेन्नई के तत्वावधान में साध्वी श्री डॉ. मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में तेरापंथ जैन विद्यालय के प्रांगण में 263वॉ आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस मनाया गया।  साध्वी श्री डॉ. मंगलप्रज्ञाजी ने कहा आज का पावन प्रभात तेरापंथ के सूर्योदय का दिन है। सनातन परंपरा में भी जुड़ा आज का यह पावन दिन रामनवमी और शक्ति पूजा का प्रभात है। तेरापंथ धर्म संघ के प्रणेता भिक्षु एक तत्ववेता, प्रखर ज्ञान चेतना और उत्कृष्ट तप साधना संपन्न व्यक्तित्व थे। उन्होंने चढ़ती युवकत्व अवस्था में वैचारिक क्रांति का शंखनाद किया। प्रथम दिवस पर आई आंधी यह इशारा कर गई कि कितने ही अंधड़ या तुफान आ जाये, घबराये नहीं, क्योंकि कुछ समय बाद आकाश साफ होना ही है। भिक्षु भी अपने जीवन की हर कठिनाई में अड़िग रहे और आगे बढ़ते गये।   साध्वीश्रीजी ने जीवन को आनन्दमय बनाने के लिए भिक...

भगवान महावीर स्वामी का 2621 वा जन्म कल्याणक महोत्सव

भगवान महावीर स्वामी का 2621 वा जन्म कल्याणक महोत्सव का आज नवकार महामंत्र के जाप अनुष्ठान एवं सामूहिक सामायिक के तब के साथ प्रारंभ हुआ। ऋषभदेव परिसर के सभा गृह में सकल जैन समाज के श्रावक श्राविका होने जाप अनुष्ठान में शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। नवकार महामंत्र के इस अनुष्ठान कार्यक्रम के श्री अरिहंत युवा मंडल प्रभारी थे स्वर्गीय जुगराज जी सुंदर देवी संचेती के स्मृति में सुभाष जी सौरभ ऋषभ संचेती परिवार में इस कार्यक्रम का लाभार्थी रहा। अरिहंत मित्र मंडल के सदस्य चंद्रेश लोढ़ा सुमित बोथरा अमित बढ़िया रोहित टाटिया शैलू जैन अभिषेक जैन इस आयोजन के प्रभारी थे। अहिंसा बाइक यात्रा आज प्रातः 10:00 बजे नसिया जी तीर्थ नदी रोड दुर्ग से अहिंसा बाइक यात्रा का जबरदस्त आयोजन रहा। जैन समाज के युवक युवतियों में इस रैली में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला सकल जैन समाज के सभी संप्रदाय के सदस्यों ने इस अहि...

जैन विश्व भारती संस्थान जिन शासन की विरासत : साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा

जैन विश्व भारती संस्थान लाडनूं के कुलपति बच्छराज दुगड़ केएलपी अपार्टमेंट, पट्टालम में प्रवासित साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञाजी के दर्शन किए। श्री दुगड़ ने कहा आचार्य श्री महाप्रज्ञजी ने जैन विद्या, दर्शन, आगम आदि अनेक विषयों में पारंगत, वरिष्ठ समणी पर्याय में स्थिति समणी मंगलप्रज्ञा को संस्थान का कुलपति बनाया। संस्थान में आपका योगदान यूनिक और विशिष्ट रहा। आपकी प्रशासनिक क्षमता, एकेडमिक क्षमता, शैक्षणिक क्षमता बेजोड़ है। विशेष रूप से मैंने देखा सम्पूर्ण संस्थान का प्रशासन करते हुए भी आप निस्पृह रही। आपके कार्यकारी अवदानों की सौरभ आज भी हर मन को सुवासित कर रही है। प्रकर्षभरा प्रशासन दिल-दिमाग पर अंकित है । साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञाजी ने कहा- जैन विश्व भारती संस्थान आचार्यश्री तुलसी और आचार्यश्री महाप्रज्ञ की दी अनमोल विरासत है। इतिहास का दुर्लभ दस्तावेज है। वर्तमान में आचार्यश्री महाश्रमण इस विश्वविद्यालय...

पांच दिवसीय समाजिक सांस्कृतिक आयोजन के साथ दुर्ग में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा

दुर्ग भगवान महावीर का 2621 वा जन्म कल्याणक महोत्सव 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक शहर के अनेक समाजिक भवनों एवं गंजपारा स्थित पुरानी गंज मंडी के प्रांगण में सामाजिक सांस्कृतिक एवं सेवा के विभिन्न कार्यक्रमो के साथ भगवान का जन्म कल्याणक मनाया जाएगा।भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष मदन जैन कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश गोलछा महामंत्री उत्तम बरडिया उपाध्यक्ष दिलीप बाकलीवाल सोनराज बांठिया गौतम कोठारी भागचंद बोहरा कार्यक्रम संयोजक महेंद्र दुग्गड सह मंत्री गिरीश पारख विमलेश कोचर मनोज बाकलीवाल दीपक जैन पंकज छाबड़ा तरुण बोहरा मनोनीत किए गए हैं तथा संपूर्ण प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी नवीन संचेती एवं संजय बोहरा को दी गई है। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के प्रचार प्रसार प्रमुख नवीन संचेती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया 10 अप्रैल से भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव का जप ...

संस्कारी बालक भविष्य की सशक्त नींव : साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा

साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञाजी की प्रेरणा से नार्थ टाऊनवासियों का संजोया वर्षों का स्वप्न साकार हुआ। तेरापंथ सभा द्वारा संचालित चेन्नई शहर की 25वीं ज्ञानशाला के रूप में नार्थ टाऊन का नाम अंकित हुआ। हर्षोल्लासमय  वातावरण में नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। साध्वी श्री डॉ मंगलप्रज्ञाजी ने कहा- बालक देश, समाज, संघ के भावी कर्णधार हैं। अभिभावक सद्संस्कारों से इस पौध को सिंचन देते रहें। संस्कारी बालक भविष्य की नींव हैं। उन्होंने कहा चेन्नई के क्षेत्रों की यात्रा के दौरान ज्ञानशाला का गठन हमारा विशेष उद्देश्य रहेगा। साध्वीश्री की प्रेरणा से लगभग 45 बच्चे सहित लगभग 15 प्रशिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण प्रदान हेतु अपनी सहभागिता दर्ज की। तेरापंथ परिवार नार्थ टाऊन के जागरूक अध्यक्ष श्री सम्पत सेठिया ने कहा- साध्वी वृन्द के साप्ताहिक प्रवास ने हमारे प्रांगण में अध्यात्म का नूतन रंग लगा दिया...

जीवन का घट आनंद से भरा रहे : साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा

चैन्नई, नार्थ टाऊन तेरापंथ परिवार के तत्वावधान में आयोजित वृहद परिवार प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी ने कहा- अपना विश्लेषण करने वाला मनुष्य आनंद पा लेता है। आज काँच की बोतल की तरह रिश्ते टूटते चले जा रहे हैं। जरुरत हे परिवार के सदस्य एक दूसरे को सहन करें। अपनी गलती का दोषारोपन दूसरों पर न करें। रिश्तों में मिठास बनी रहे, इसलिए अपने दायित्वों का सम्यक निर्वहण करें। परिवार आग्रह से नहीं आदर से चला करते हैं। एक दूसरे को सम्मान देना सीखें। विश्वास की डोर को टूटने न दें वर्ष बदलने के साथ जिस प्रकार कैलेण्डर बदलते हैं, वैसे ही अपनी सोच में बदलने का प्रयास करें। सही दिशा में प्रस्थान लक्ष्य तक पहुंचा देता है। सहनशीलता, सामञ्जस्य, पारस्परिक विश्वास और अनाग्रह चेतना से परिवार में सुख, शांति और आनंद का वातावरण संभव है।   साध्वीवृन्द ने “...

गुरु भक्त परिवार बड़ी संख्या में मंगलम पहुंचे

मंगल साधना केंद्र मंगलम में छत्तीसगढ़ प्रवर्तक श्री रतन मुनि जी महाराज के सानिध्य में श्री तेजकरण जी वैद्यमुथा 3 मार्च को की जैन भगवती दीक्षा प्रस्तावित थी इसी उद्देश्य को लेकर देश के विभिन्न नगरों से रतन मुनि जी महाराज के प्रति आस्था और विश्वास रखने वाले गुरु भक्त परिवार बड़ी संख्या में मंगलम पहुंचे थे। आज मंगल साधना केंद्र मंगलम के प्रांगण में एक नहीं दो जैन भगवती दीक्षा का पावन प्रसंग बना जिसके देशभर के अनुयाई साक्षी बने। उप प्रवर्तक मोक्ष गामी आत्मा श्री विवेक मुनि महाराज की सेवा में हमेशा साथ रहने वाले दिन-रात सेवा करने वाले भाई अमित कुमार का ह्रदय परिवर्तित हुआ और उन्होंने भी संयम पथ पर चलने का भाव रखते हुए जैन भगवती दीक्षा अंगीकार की। एक साथ दो दीक्षा का अवसर देखकर उपस्थित जन समुदाय आश्चर्यचकित रह गया। आज मंगल साधना केंद्र मंगलम में श्री तेजकरण जी वैद्यमुथा एवं अमित कुमार की दीक्षा ...

आत्मा से संसपृष्ठ चेतना का नाम अध्यात्म है, जहा अध्यात्म है वहा परम आनंद एवं परम आल्हाद की अनुभूति होती है: साध्वी श्री उज्ज्वलप्रभा जी

मदुरै: रविवार स्थानीय तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री उज्ज्वलप्रभा जी ने दैनिक प्रवचन में फरमाया की आत्मा से संसपृष्ठ चेतना का नाम अध्यात्म है, जहा अध्यात्म है वहा परम आनंद एवं परम आल्हाद की अनुभूति होती है। अध्यात्म के प्रति – आस्था होना जीवन की सर्वोत्तम उपलब्धि है। आत्म जागरण के क्षण विरले व्यक्ति को ही प्राप्त होते है। मनुष्य जन्म जागने के लिए और जानने के लिए मिला है। साध्वी श्री अनुप्रेक्षाश्री ने कहा की जीवन यह छोटा शब्द है, तीन अक्षर और एक ही मात्रा हे किंतु इसमें अनेकों अनेकों रहस्य भरे पड़े है। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या मंडल के मंगलाचरण द्वारा हुआ , कार्यक्रम दरमियान तेरापंथ सभा अध्यक्ष जयंतीलाल जीरावला, महिला मंडल अध्यक्ष नैना पारख, तेयूप अध्यक्ष संदीप बोकड़िया, सभा के संगठन मंत्री शांतिलाल बुरड़, सभा सहमंत्री गौतम गोलेछा, सभा के मीडिया प्रभ...

नववर्ष पुरुषार्थमय बना रहे – साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा

तेरापंथ परिवार नार्थ टाउन के तत्वावधान में आयोजित विक्रम संवत 2079 चैत्र शुक्ला प्रतिपदा, नूतन वर्ष शुभागमन के अवसर पर चैन्नई, नार्थ टाऊन जैन संघ के विशाल हॉल में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जन समुदाय को साध्वी श्री डॉ मंगलप्रज्ञाजी ने विविध प्रभावक जैन मंत्रों के साथ वृहद मंगलपाठ का श्रवण करवाया। उन्होंने कहा नव वर्ष का यह शुभ प्रवेश सबके लिए आनन्दप्रदायक, अध्यात्मप्रदायक, सुखप्रदायक और शक्तिप्रदायक, स्वास्थ्यप्रदायक बने। जीवन में जागरण के प्रदीप जलते रहें, सबका मार्ग प्रशस्त हो, निर्विघ्न यात्रा चलती रहे। साध्वी सुदर्शनप्रभा,साध्वी सिद्धियशा, साध्वी राजुलप्रभा, साध्वी चैतन्यप्रभा एवं साध्वी शौर्यप्रभा ने साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी द्वारा रचित शुभकामना गीत का सामूहिक संगान किया। साध्वी श्री राजुलप्रभाजी ने कहा- आज का यह पवित्र दिन प्रवर संकल्पों का दिन है।   तेरापंथ परिवार नार्थ टाऊन के अ...

कर्म निर्जरा हेतु सभी धर्मानुरागी सपरिवार सादर आमंत्रित 

🙏 *।।श्री महावीराय नमः।।*🙏 श्री एस.एस.जैन संघ माम्बलम रविवारीय कार्यक्रम: *03.04.2022* 😷 सामूहिक प्रार्थना-धर्म आराधना- *सामायिक साधना के साथ*😷   ⏲️ *समय* :सुबह 7.30 बजे से 8.45 बजे तक *सामुहिक प्रार्थना* : प्रातः 7.30बजे से 8.00बजे तक *व्याख्यान* : 8.बजे से 8.45 बजे तक (वरिष्ठ स्वाध्यायी सुश्रावक *श्री अमरचन्दजी सा छाजेड़ द्वारा)* *धार्मिक पाठशाला*: सुबह 8 बजे से 9 बजे तक _*(वर्धमान संस्कार वाटिका*-टी.नगर)_ *अल्पाहार* : सुबह 8.45 बजे से ☕🍽️ *सामूहिक जाप*: दोपहर 2बजे से 3 बजे तक(नवकार समूह द्वारा) *प्रतिक्रमण*: ,सायंकाल 6.20बजे से 🏛️ *स्थल* : श्री एस एस जैन स्थानक 46,बर्किट रोड़, टी.नगर-चेन्नई-17 📞 *9381023010/9840124907* कर्म निर्जरा हेतु सभी धर्मानुरागी *श्रावक श्राविकाएं सपरिवार सादर आमंत्रित है।*👨‍👩‍👦‍👦👨‍👨‍👦     🙏🙏 *निवेदक*🙏🙏 *Sri S S Jain Sangh Mambalam*

विषमता में भी समता से जीना सिखें : मुनि सुधाकरकुमार

तिरुकलीकुण्ड्रम (पक्षीतीर्थ) : युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री सुधाकरकुमारजी व मुनिश्री नरेशकुमार जी का तिरुकलीकुण्ड्रम में पदार्पण हुआ। मुनि श्री सुधाकरकुमारजी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि जीवन को कलापुर्ण और सफल बनाने के लिए विषमता में भी समता से जीना सीखना जरूरी है। परिवार और समाज में नाना प्रकार के स्वभाव और संस्कार के व्यक्ति होते हैं। उस स्थिति में समता और सामंजस्य का अभ्यास बहुत जरुरी होता है। जिसका मन स्वस्थ और संतुलित होता है वह प्रतिकूल परिस्थिति को भी अनुकूल बना सकता है। भावावेश के प्रभाव से हमारा मन अशांति और अस्वस्थ होता है, इस स्थिति में निर्णय सही नहीं होता है। जो परिवार और समाज के मुखिया होते हैं, उनके लिये समता और शांति की साधना जरुरी है, तभी वे नेतृत्व की जिम्मेदारी को सफलता से पूरा कर सकते हैं। भारतीयों का दाम्पत्य जीवन संसार में आदर्श माना जाता ह...

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