दुर्ग / श्रमण संघीय युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज आज बोडेगाव में विराजित थे। आज उनके दर्शन वंदन के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल हुए धर्म सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र ऋषि जी ने कहा कि मानव जीवन के अंदर श्रद्धा का बहुत महत्व है। पवित्र भावना एवं श्रद्धा से बड़े से बड़े कार्य सहज रुप से संपन्न हो जाते हैं। श्रद्धा से ही समर्पण के भाव जागृत होते हैं और उसी श्रद्धा और समर्पण के भाव को लेकर आज आप छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से बोढ़ेगांव आए हैं। आज धर्म सभा में छत्तीसगढ़ श्रमण संघ परिवार एवं वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ दुर्ग ने सेवाभावी श्राविका श्रीमति जमुना देवी बाफना को युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज की विशेष उपस्थिति में राजमाता की उपाधि से अलंकृत किया गया। उन्होंने कहा जमुना देवी जी बाफना के चार पुत्र है और सभी पुत्र धर्म और समाज की सेवा में अपना वि...
परिवार के साथ कैसे रहे’ विषय पर कार्यशाला किलपॉक, चेन्नई 22.05.2022 : आचार्य श्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनिश्री सुधाकरजी के पावन सान्निध्य में कुबेर हॉल किलपॉक में ‘परिवार के साथ कैसे रहे’ विषय पर भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुनि सुधाकरजी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा सात वार से भी बड़ा वार है परिवार। जिस घर में मां बाप की शीतल छांव होती है, वह घर परिवार कहलाता है। परिवार में प्रेम, सौहार्द, अपनत्व, सामंजस्य, सहनशीलता और समन्वय का भाव होना चाहिए। परिवार में हम एक दूसरे से कटकर नहीं, लड़कर नहीं, भीड़ कर नहीं, बल्कि दूध और शक्कर की तरह मिल कर रहे। परिवार की शांति जीवन की सफलता का महानतम सूत्र है। मुनि श्री ने आगे कहा कि जीवन को कलापूर्ण और सफल बनाने के लिए विषमता में भी समता से जीना सीखना जरूरी है। परिवार और समाज में नाना प्रकार के स्वभाव और संस्कार के व्यक्ति होते...
आज शनिवार 21 मई 2022 को रत्नवंश परम्परा के मूल पुरुष पूज्यश्री कुशलचन्द्रजी म.सा का 239 वां पुण्य-स्मृति दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में सामायिक साधना दिवस के रुप में मनाया गया | वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री महावीरचंदजी तातेड़ ने आचार्य श्री हस्तीमलजी म.सा द्वारा रचित आचार्य परम्परा पर स्तुति “प्रति दिन जप लेना त्यागी पुरुषों को भविजन भाव से” भावों से ओतप्रोत हो गुणगान किए | श्रावक संघ तमिलनाडु के प्रचार प्रसार सचिव आर नरेन्द्र कांकरिया ने कुशलचंद्रजी म.सा के जन्म-बचपन- वैराग्य भाव का वर्णन करते हुए कहा कि मारवाड़ में सेठो की रियां में जन्म लेने वाले कुशलचंद्र को 27 वय की उम्र के समय,रियां में ही श्री भूधरजी म.सा ने दीक्षित किया | आपको रत्नवंश के आदि प्रवर्तक के रुप में जाना जाता हैं। जब आपके गुरुदेव श्री भूधरजी म.सा ...
ट्रिप्लीकेन, चेन्नई 20.05.2022 : साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा के सान्निध्य में एवं जैन श्वेतांबर तेरापंथ ट्रस्ट, ट्रिप्लीकेन के तत्वावधान में नवनियुक्त साध्वीप्रमुखा श्री विश्रुतविभाजी के वर्धापना समारोह का तेरापंथ सभा भवन में आयोजन किया गया। उल्लासमय मंगल वातावरण में “साध्वी प्रमुखा प्रणौमि” भावना से साध्वीवृंद के मंगलाचरण द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा ने कहा तेरापंथ धर्म संघ में पुण्यपुंज आचार्य पद पर पटासीन आचार्य पुण्यशाली होते हैं। साध्वी प्रमुखा का पद भी संघ में तेजस्वी होता है। शासन माता के दीर्घकालीन सान्निध्य के अनुभवों से आप्लावित साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभाजी हमें धर्मसंघ को मिली। 9वें पद पर साध्वी प्रमुखा की नियुक्ति भी सौभाग्य की बात है। हम उनकी अभ्यर्थना करते हैं। साध्वीश्री ने कहा साध्वीप्रमुखाजी का जीवन प्रारंभ से ही निर्लिप्त रहा है। उनका वर्चस...
किलपॉक, चेन्नई 20.05.2022 ; आचार्य श्री महाश्रमण के शिष्य मुनिश्री सुधाकर एवं मुनिश्री नरेशकुमार के सान्निध्य में पुखराज बड़ौला, किलपॉक के निवास स्थल पर नवमनोनीत साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभाजी का वर्धापन, अभ्यर्थना समारोह का आयोजन किया गया। मुनि सुधाकरकुमार ने कहा साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभा की विनम्रता, सहनशीलता, उदारता, गंभीरता, सौम्यता, सरलता, सहजता, अद्भुत, अप्रतिम है। उनकी विद्वत्ता को आचार्य महाप्रज्ञ वांग्मय के माध्यम से देखा जा सकता है। गुरु के प्रति उनका समर्पण दूसरों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम है। वे बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। उनका चिंतन प्रखर, प्रवीण व हितकारी है। मुनि नरेशकुमार ने कहा साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा साध्वी समाज के लिए आदर्श है, वे विनम्रता की प्रतिमूर्ति है। हम मंगल कामना करते हैं उनका नेतृत्व साध्वी समाज में एवं संघ में नव कीर्तिमान की स्थापना करेगा। इस अवसर ...
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट,चेन्नई में रत्नवंश के अष्ठम पट्टधर रात्रिभोजनत्याग,शील व्रत व व्यसनमुक्ति के प्रबल प्रेरक जिनशासन गौरव आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 32 वां आचार्य पदारोहण दिवस आज शुक्रवार 20 मई 2022 को तीन -तीन सामायिक साधना जप-तप-त्याग पूर्वक मनाया गया | आचार्य भगवन्त के गुणगान रुप में उपस्थित श्रदालुओं ने आचार्य हीरा चालीसा की सामुहिक स्तुति की | आचार्य हस्ती की अनुपम कृति जैन धर्म का मौलिक इतिहास का श्री विनोदजी जैन ने वांचन किया | संघ मंत्री ज्ञानचंदजी बागमार ने आचार्यश्री की विशेष प्रेरणा चार खन्द के पालन पर पूर्ण विवचन किया | स्वाध्यायी बन्धुवरों में से महावीरजी तातेड़ ने “हस्ती शिष्य महान तुमको वन्दन बारम्बार” इन्दरचंदजी कर्णावट ने “जय बोलो हीरा गुरुवर की” व प्रकाशचंदजी ओस्तवाल ने...
पुरुषवाक्कम, चेन्नई : अग्नि को किधर से ही जलाओं, उसकी शिखा ऊपर की और रहेगी। पानी निम्नमुखी होता है। वह नीचे की ओर बहता है। हमारे विचार और संकल्प अग्नि शिखा ज्यों ऊर्ध्व मुखी होने चाहिये। पानी की तरह निम्न मुखी नहीं, विचार और संकल्प ही हमारे भाग्य विधाता है। उनके आधार पर हमारे भविष्य की रेखाओं का निर्माण होता है। उपरोक्त विचार मुथा हाउस, पुरुषवाक्कम में धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनि सुधाकरकुमार ने कहें। मुनि श्री ने आगे कहा कि शास्त्रों में कहा है- विचार ही उत्थान-पतन तथा बन्धन – मुक्ति के मुख्य हेतु है। जीवन में परिस्थितियों के रंग बदलते रहते है। पर हमारा मिजाज शान्त और स्थिर होना चाहिये । कुछ लोगों का मिजाज क्षण-क्षण में बदलता रहता है। वे एक क्षण में राजी और नाराज होते रहते है। ऐसे लोगों के कारण परिवार और समाज में बहुत समस्याएं उत्पन्न होती है। मुनिश्री ने आगे कहा मनुष्य अपन...
स्वर्ण संयम आराधक सरसवाणी भूषण सेवा शिरोमणी सेवा चक्रवर्ती परम पूज्य गुरुदेव श्री वीरेन्द्र मुनिजी महाराज 🎀 *दिनांक :- 19 मई 2022 – गुरुवार* 👣 *मुनिश्री कल प्रातः काल 6 . बजे 【 वेपेरी 】दिनेश भाई बेंनानी के निवास स्थान से . 👣 मंगल विहार यात्रा करके 【 नार्थ टाउन 】। ( पेरंबूर – विला no 7 ) जैन स्थानक में पधारेंगे* 🤵🏻 *सभी से निवेदन है कि समय पर पहुंचने का लक्ष्य रखे साथ मे विहार सेवा का लाभ लेवे* 💫 *विहार सेवा अनमोल सेवा* 💫 👣 *मंगल विहार यात्रा की हार्दिक शुभकामना* 🚩 *मुनिश्री का सन 2022 आध्यात्मिक चातुर्मास पोरूर 【 तमिलनाडु 】 – मंगलमय चातुर्मास प्रवेश 6 जुलाई 2022 बुधवार* 🚩 👉 *आप सभी सहपरिवार ससंघ सादर आमंत्रित है* 📿 *दोपहर : नवकार महामंत्र जाप : 3.05 बजे से 3.20* 🙏 *महामांगलिक: 3.20. बजे से 3 30 .*
ट्रिप्लीकेन, चेन्नई : तेरापंथ सभा भवन में अनुष्ठानकर्ता श्रावक-श्राविका परिवार को सम्बोधित करते हुए साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा ने कहा कि जिनशासन की नीवों को सशक्त और शक्ति सम्पन्न बनाने में प्रभावक मंत्रों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। अनेक प्रभावक साधना मंत्रों में विशिष्ट स्थान है पैसठिया छन्द एवं यंत्र का। साधना पद्धति में अनेक प्रयोग है, जिनका आलम्बन लेकर साधक आत्म उज्जवलता की दिशा में प्रस्थान करता है। मंत्र साधना विध्न निवारक तो है ही, इनके द्वारा आत्मा की पवित्रता बढ़ती है और कर्मों की निर्जरा भी होती है। पैंसठिया छंद मात्र छंद नहीं यंत्र और मंत्र संयुक्त विलक्षण साधना पद्धति है। इस छंद पर विवेचन करते हुए साध्वीश्री ने कहा पैसठिया छंद का आधार चतुर्विंशति स्तवन (लोगस्स पाठ) है। एक मतानुसार मल्लिनाथ की अवगाहना के आधार पर पच्चीस संख्या मानी गई है पर, प्रश्न तीर्थकर स्तुति के मध्य शरीर अवगा...
वैशाख शुक्ल 10- दशमी को परम उपकारी शासनपति श्रमण भगवान महावीर स्वामीजी का केवलज्ञान कल्याणक दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ के तत्वावधान में श्रमण भगवान महावीर की स्तुति,प्राथनाएं, गुण स्तुति करते हुए मनाया गया | वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री वीरेन्द्रजी कांकरिया ने जैन धर्म के मौलिक इतिहास के अंतर्गत भगवान महावीर स्वामी के केवलज्ञान व केवलीचर्या का उल्लेख किया | वैशाख शुक्ल 11 एकादशी को शासन स्थापना दिवस के रुप में स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट, चेन्नई में मनाया गया | श्रावक संघ के प्रचार प्रसार सचिव आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने उल्लेख किया कि चौवीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने साढ़े बारह वर्षों की साधना के पश्चात वैशाख शुक्ल दशमी को दिन के पिछले प्रहर में जंभिकाग्राम नगर के बाहर, जीर्ण उद्यान के पास, ऋजुबालिका नदी के किनारे, शाल वृक्ष के नीचे, गोदुहिका आसान में बैठे हुए चार घाती कर्मों को क्ष...
आचार्य महाश्रमण युगप्रधान पदाभिषेक अभिवन्दना समारोह नार्थ टाउन, चेन्नई: मुनि श्री सुधाकरजी के सान्निध्य में नार्थ टाउन, जैन संघ भवन में ‘आचार्य महाश्रमण युगप्रधान पदाभिषेक अभिवन्दना समारोह’ एवं ‘युवा दिवस – महाश्रमणोस्तु मंगलम्’ कार्यक्रम समायोजित किया गया। महाश्रमण अष्टकम से प्रारम्भ अभिवन्दना, अभ्यर्थना समारोह में धर्म परिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनि सुधाकरकुमार ने कहा कि जीवन के सर्वोच्च शिखर पर आरोहण करने, महान बनने के लिए गुरू बहुत जरूरी है। भक्तनी वैराग्वती एवं विष्णु की पौराणिक कथा के माध्यम से बताया कि गुरू के माध्यम से गोविंद के दर्शन हो सकते हैं। गुरु हमारे जीवन के सर्वस्व हैं, त्राण हैं, प्राण हैं। जो निर्मल, पवित्र, विद्वता, सहजता सरलता के धनी होते हैं, वे सुगुरु हमें सद्गति की ओर जा सकते है, मोक्षधाम पहुंचा सकते हैं। विशेष प्रेरणा पाथेय प्रदान ...
गणाधिपति महास्थविर श्रमण श्रैष्ठ तपस्वी श्री शांतिमुनिजी म. सा. के 13 मई 2022 को अजमेर [ राजस्थान ] में देवलोक गमन हो जाने पर स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में गुणानुवाद विश्व वल्लभ वाक् चिंतामणि शांत क्रान्त संघ के आचार्य श्री 1008 श्री विजयराजजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती *गणाधिपति महास्थविर श्रमण श्रैष्ठ तपस्वी श्री शांतिमुनिजी म. सा. के 13 मई 2022 को अजमेर [ राजस्थान ] में अकस्मात देवलोक गमन* हो जाने पर गुणानुवाद सभा में श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में चार लोगस्स का ध्यान किया गया व संघ की ओर से स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट,चेन्नई में हार्दिक भावांजलि अर्पित की गई । श्रावक संघ तमिलनाडु की ओर से गुणानुवाद करते हुए प्रचार प्रसार सचिव आर नरेन्द्र कांकरिया ने गुणानुवाद में कहा कि गणाधिपति महास्थविर श्रमण श्रे...