अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टैक्ट 2023 जिला स्तरीय स्कूली प्रतियोगिताओं का आयोजन- चेन्नई जिला Sagevaani.com @चेन्नई: तेरापंथ जैन विद्यालय साहूकारपेट चेन्नई में साध्वी लावण्यश्रीजी ठाणा-3 से मंगल पाठ श्रवण करने के पश्चात लगभग 8:30 बजे से स्कूल लेवल के विजेता बच्चों का रजिस्ट्रेशन कर प्रतियोगिताओं का आरंभ किया। यह प्रतियोगिताएं स्कूल के पांचवी कक्षा से आठवीं कक्षा के एक ग्रुप में 6 प्रतियोगिताएं, इसी प्रकार नवीं से लेकर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 6 प्रतियोगिताओं के रूप में रखी गई। बच्चों ने जिला स्तरीय विषयों पर अणुव्रत अमृत महोत्सव के एसीसी- 23 के मुख्य थीम ‘असली आजादी अपनाओ’ पर अपनी सुंदर प्रस्तुतियां प्रस्तुत दी। चित्रकला प्रतियोगिता, गीत गायन समूह एवं एकल प्रतियोगिता, कविता लेखन प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता इस प्रकार सारी प्रतियोगिताओं के लिए ...
श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में प्रवचन देते हुए आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने कहा कि अवसर वह अनमोल मोती है, जिसे हड़पने के लिए विध्वंसक व सर्जक सदैव आतुर रहते हैं। यदि अवसर विध्वंसक के हाथ लगता है तो विनाश, महामारी, अराजकता, अनाचार, पीड़ा, दंश, असंतोष और पश्चाताप बनकर जीवन को पीड़ामय बनाता है, लेकिन यदि यह सर्जक के हाथ लगता है, तो आनंद, उत्साह, जिज्ञासा, संतोष, प्रेरणा, हर्ष, ज्ञान, सुख, शांति, सौहार्द, प्रेम व भाईचारे की आधार भूमि बनता है, वे आगे बोले की अवसर उसे महत्व देता है जो अवसर को महत्व देता है।अवसर उसकी मदद कभी नहीं करता, जो अपनी मदद नहीं करते।विवेकशील, कर्मठ व साधक व्यक्ति के सान्निध्य का अवसर ऐतिहासिक स्वर्णिम व स्मरणीय बन जाता है, किंतु निष्क्रिय व निकृष्ट सोच वाले व्यक्ति का साथ या अवसर कलंकित व कंटकाकीर्ण हो जाता है। अवसर का सदुपयोग कर अध्ययन व श्र...
गुणानुवाद सभा में साध्वी जी ने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत बनेगा विश्व गुरु Sagevaani.com @शिवपुरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री ने अपनी सादगी, सरलता और उच्च विचारों के साथ देश की सेवा की है। उन जैसे राजनेता आज दुर्लभ हैं, लेकिन देश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपवाद हैं। उन्होंने देश के मान सम्मान और गौरव को बढ़ाया है तथा भारतीय संस्कृति को शिखर पर पहुंचाने का काम वह कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में विश्वास है कि भारत विश्व गुरू की ख्याति पुन: अर्जित करेगा। उक्त उद्गार प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने आज महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए व्यक्त किए। साध्वी रमणीक कुंवर जी ने महात्मा गांधी और शास्त्री जी से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता को संस्कार...
राजस्थान पत्रिका एवं एक्ष्नोरा इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे हरित प्रदेश अभियान द्वारा आज गांधी जयंती के अवसर पर श्री आरकेएम शारदा विध्यालय गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल द्वारा आयोजित एनएसएस स्पेशल कैंप रामनाथन स्ट्रीट टी नागर में वृक्षारोपण एवं पौधे वितरण का आयोजन तथा रैली रामनाथन, रागनाथन स्ट्रीट होते हुए टी नागर बस टर्मिनल होते हुए वापस स्कूल कैंपस में समाप्त हुईl रैली में प्रदूषण से हो रहे प्रभाव एवं पर्यावरण सुरक्षा की विशेष जानकारी दीl एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर राज लक्ष्मी ने इस आयोजन में पूरा सहयोग दियाl करीबन 60 कैंप विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की रक्षा करने की प्रतीक्षा ली एवं पूरे परिसर में पौधे लगाए सभी विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक पौधे वितरण किए गएl इस मौके एक्ष्नोरा नॉर्थ सचिव फतेहराज जैन ने कहा कि वन विभाग धीरे धीरे कम हो रहा हैl चारो और बडी -बडी इमारते बन रही है ऋत...
किलपाॅक श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ में चातुर्मासार्थ विराजित गच्छाधिपति आचार्यश्री उदयप्रभ सूरीश्वरजी महाराज के शिष्य मुनि गोयमप्रभ विजयजी ने प्रवचन में कहा साधु जीवन का भाव है उपशम यानी क्षमा। क्षमा यानी जिसके साथ आपने गलत व्यवहार किया, उससे माफी मांग लेना। इसी तरह जो आपसे माफी मांगने आ रहे हैं, उन्हें भी माफ कर देना। ऐसा करने से अंतर्मन के कषाय धुल जाते हैं। क्षमा लाने के लिए क्रोध का त्याग करना होगा। क्षमा के पांच प्रकार होते हैं अपकार क्षमा, उपकार क्षमा, विपाक क्षमा, वचन क्षमा और स्वभाव क्षमा। अपकार क्षमा यानी डर के कारण रखने वाली क्षमा। उपकार क्षमा यानी उपकारी के उपकार को याद करके क्षमा दे देना, वह उपकार क्षमा है। हर जीव के परोक्ष या प्रत्यक्ष उपकार रहे हुए हैं, चाहे वह जन्मदाता माता-पिता हो या जीवनदाता, ये सब उपकारी हैं। विपाक क्षमा यानी क्रोध के परिणाम जानकर क्षमा देना। उन्होंन...
श्रीमान सा. किशन लाल खाबिया ” जीव दया शिरोमणि” एवं मीराबाई ” तप अंबिका” से हुए अलंकृत गुरु गणेश मिश्री पावन स्मृति धाम के प्रांगण में आगम मर्मज्ञ प. पू. श्री कांति मुनि जी म. सा. एवं श्रमण संघीय उप प्रवर्तक प. पू. श्री पंकज मुनि जी म. सा. आदि ठाणा -5 के पावन सान्निध्य में गुरु जयमल- आत्म- शुक्ल -शिव- अमर- महेन्द्र जन्म जयंती महोत्सव बहुत ही भव्यता के साथ सानंद संपन्न हुआ। सर्व प्रथम मुनि रत्न श्री रूपेश मुनि जी म. सा. ने बीज मंत्रों सहित विश्व शांति हेतू सस्वर जाप करवाया। तत्पश्चात् श्रीमान् सा. महावीर जी दीलिप कुमार जी कांकरिया के कर कमलों द्वारा ध्वजारोहण की रस्म संपन्न हुई। श्रीमान् सा. शांति लाल जी चौपड़ा वडपलनी के कर कमलों से चातुर्मासिक शिलालेख का लोकार्पण किया गया । दानवीर श्रीमान् सा. जबरचंद जी खिंवसरा की ओर से युवा रत्न श्री सुनील जी रांका ने आए हुए अतिथियो...
अहिंसा भवन के पदाधिकारियों का उदयपुर मे प्रवर्तक सुकन मुनि के सानिध्य किया सम्मान साध्वीयो के तपस्या और चातुर्मास को दी बधाई Sagevaani.com @भीलवाड़ा। सोमवार अहिंसा भवन के पदाधिकारियों का उदयपुर पंचायती नोहरा चातुर्मास मे प्रर्वतक सुकन मुनि,उपप्रवर्तक अमृत मुनि युवाप्रणेता महेश मुनि आदि के सानिध्य मे हुआ सम्मान। अहिंसा भवन शास्त्री नगर के मुख्य मार्ग दर्शक अशोक पोखरना ने बताया कि अहिंसा भवन के वरिष्ठ श्रावक शांतिलाल कांकरिया अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह बाबेल के नेतृत्व मे अमरसिंह संचेती अनिल कांकरिया, अभयसिंह आंचलिया, गोविंद सिंह खटोड़, दिपक महता, सुंदर बापना, जतन सोनी, विशाल चपलोत आदि पचास श्रध्दांलूओ के प्रतिनिधि मंडल ने संत शिरोमणि सुकन मुनि आदि आदि ठाणा के चातुर्मास उपरांत भीलवाड़ा अहिंसा भवन शास्त्री नगर मे पधारने की धर्मसभा मे विनती रखी। इस दौरान सुकन मुनि ने अहिंसा भवन मे चातुर्मास करले वाली मह...
★ अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के प्रथम दिन सर्वधर्म सम्मेलन का हुआ आयोजन ★ साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस पर धर्म गुरुओं ने शांत, आनन्द, प्रसन्नचित्त रहने की दी प्रेरणा Sagevaani.com @चेन्नई: अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, चेन्नई की आयोजना में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अन्तर्गत प्रथम दिन साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस का आयोजन किया गया। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी लावण्यश्रीजी ठाणा- 3 के पावन सान्निध्य में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी बीना दीदी- समन्वयक तमिलनाडु पुडुचेरी केरला, इस्लाम धर्म से डॉ श्रीमती जैनुब बी, हिंदू धर्म से सिद्ध गुरु श्री सैमी कंदा गुरु सिद्दर (श्री थोत्रमुदैया अम्मन अरुल ज्ञान पीदम) एवं सिख धर्म से श्री ज्ञानी प्रतिपाल सिंह (हेड- ग्रंथि) ने सहभागिता निभाई। ◆ अणुव्रत सूर्य के प्रकाश की भांति जनोपयोगी साध्वी...
ललित पटवा ने सर्व समाज का जताया आभार, दिया धन्यवाद Sagevaani.com @रायपुर। नवकार महामंत्र जैन धर्म का परम पवित्र और अनादि मूल मंत्र है। इसमें किसी व्यक्ति का नहीं, किंतु संपूर्ण रूप से विकसित और विकासमान विशुद्ध आत्मस्वरूप का ही दर्शन, स्मरण, चिंतन, ध्यान एवं अनुभव किया जाता है। इसलिए यह अनादि और अक्षयस्वरूपी मंत्र है। लौकिक मंत्र आदि सिर्फ लौकिक लाभ पहुँचाते हैं, किंतु लोकोत्तर मंत्र लौकिक और लोकोत्तर दोनों कार्य सिद्ध करते हैं। इसलिए नवकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र माना जाता है। नवकार मंत्र हमेशा मानवता के हित का काम करता है, इसमें किसी भगवान का नाम नहीं पर दुनिया में ऐसी कोई ईश्वरीय शक्ति भी शेष नहीं जो इसमें न आयी हो, क्योंकि यह व्यक्तिवाचक नहीं यह महामंत्र गुणवाचक है। यह गुणों की पूजा करता है, कोई भी व्यक्ति इसका जाप करे, यह हर धर्म का-हर व्यक्ति का मंत्र है। इस धरती पर...
नार्थ टाउन में ए यम के यम स्थानक में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने प्रवचन में फरमाया कि कहते है कि जैन धर्म मर्यादा का धर्म है। आगम कारों ने संयम बताया है इसलिए जैन धर्म को तिणाणं तारयाणं कहते है । पहले नम्बर में जैन धर्म संसार में बाकी सब धर्म बाद में आते है। जैन धर्म भय से मुक्ति दिलाता है जो संसार में रहता है निर्भयता से रहता है। जैन धर्म ऐसा धर्म है जो कर्मों को वश में करता है कर्मों को वश कर जैन धर्म कर्म पर विजय प्राप्त कर लेता है। इसका पालक अष्ट कर्मों पर विजय प्राप्त लेता है उसको पता चल जाता है इस धर्म को आसानी से ग्रहण कर सकते है इस धर्म को पालन करने से मुक्ति का मार्ग सहज ही मिल जाता है दूसरे धर्म संसार में भटकाता है जिनेश्वर ने दो प्रकार के धर्म बताये है आगार धर्म और अणगार धर्म । जो निरन्तर संसार में रहना वाला है सम्पूर्ण इन्दिय, कषाय को वश मे नहीं कर सकता उसके लिए आगार धर्म बताये है...
नवकार तीर्थ कलश अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ Sagevaani.com @रायपुर। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि आज का दिन बड़ा ही विशेष है। 1 अक्टूबर से नवकार तीर्थ कलश अनुष्ठान का शुभारंभ हो गया है। आज 24 घंटे का अखंड नवकार जाप चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह नमस्कार का अनुष्ठान है और घर में नमस्कार का तीर्थ होना चाहिए, अहंकार का कोई ठिकाना नहीं है घर में। नमस्कार का तीर्थ जब घर में रहता है तो केवल मंगल ही होता है, यह प्रभु की वाणी है। हर घर में नमस्कार करने का केंद्र होना चाहिए। और ये केंद्र बहुत महत्वपूर्ण है। उक्ताशय की जानकारी रायपुर श्रमण संघ की अध्यक्ष ललित पटवा ने दी है। अपनी प्रवचन माला को आगे बढ़ाते हुए उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने धर्मसभा में कहा कि तेजो लेश्या में प्रवेश करने का पहला सूत्र है लो प्रोफाइल। भगवान महावीर जब साधनाकाल में रहते हैं और लोग उनसे पूछते हैं कि आप कौन हैं, तो वे यह नहीं ...
साध्वी धर्मप्रभा के प्रवचन से प्रभावित होकर सभी श्रध्दांलूओ ने कुव्यसनों केलिए सकल्प Sagevaani.com @ चैन्नई । हिंसा के मार्ग से विश्व मे शांति की स्थापना नहीं हो सकती है। रविवार साहूकार पेट जैन भवन में महासती धर्मप्रभा ने विश्व अहिंसा दिवस पर सत्यनिष्ठ अहिंसा के पूजारी वीर तेजाजी की गौरव गाथा का वर्णन करतें हुए कहा कि वीर तेजाजी वचनबद्ध अहिंसा के पूजारी गायों के संरक्षक शूरवीर साहसी महापुरुष थे उन्होंने धर्म की रक्षा और गायों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणो का हंसते – हंसते बलिदान दे दिया था। वीर तेजाजी का का जन्म राजस्थान मे नागौर जिले के खरनोल गांव के जाट परिवार में हुआ। बचपन से ही उनके साहसिक कारनामों से लोग आश्चर्यचकित एवं दंग रह जाते थे। लाछा गुजरी की गायो को डाकूओं से छुड़ाने के लिए वीर तेजा जब जंगल के रास्ते में गुजर रह थे तब आग मे जलते हुए काले नाग को भाले द्वारा अग्नि से बाहर न...