Author: saadhak

अनित्यतेची जाणीव – वैराग्याकडे पहिले पाऊल

प्रवचन – 11.08.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) जैन तत्त्वज्ञानात बार भावना (१२ भावना) साधकाला आत्मशुद्धी, वैराग्य आणि मोक्षमार्गावर दृढ करण्यासाठी सांगितल्या आहेत. त्यातील पहिली भावना म्हणजे अनित्य भावना – जगातील सर्व गोष्टी नश्वर आहेत, क्षणभंगुर आहेत, याची सतत जाणीव ठेवणे. ‘अनित्य’ म्हणजे ‘स्थिर नसलेले’, ‘जे नाश पावणारे आहे’. हा भौतिक संसार, शरीर, संपत्ती, ...

जीवन निर्माण की शाला है ज्ञानशाला : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

ज्ञानशाला दिवस का आयोजन आचार्य महाश्रमण के विद्वान सुशिष्य मुनिश्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के सान्निध्य एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गुवाहाटी के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में ज्ञानशाला दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ज्ञानशाला संयोजक रोहित सुराणा एवं मुख्य प्रशिक्षिका ममता पुगलिया के नेतृत्व म...

कर्मो का राजा मोहनीय कर्म: साध्वी सम्बोधि

जो कर्म आत्मा को मोहित करके मूढ़ता उत्पन्न करता है वह मोहनीय कर्म है। जिस प्रकार नशीली वस्तुओं के सेवन से सोचने-विचारने की बुद्धि कुण्ठित हो जाती है, उसी प्रकार मोहनीय कर्म आत्मा की विवेक शक्ति को कुण्ठित करके उसे दुष्कृत्य में प्रवृत्त कराता है। जैसे मदिरा-पान करने वाला जहाँ-तहाँ गिर जाता है और अपना नियंत्रण खो देता है उसी भाँति आत्मा मोहनीय कर्म के कारण मूढ़ बनकर अपने हिताहित का, सत्य-असत्य का व...

प्रभूला जुडण्यासाठी काय कराल-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : जो शिष्य सद्गुरुंना जुडला आहे, अशा शिष्यला देवत्व आल्याशिवाय राहत नसेल परंतू देवत्व प्राप्त करणे ही गोष्ट काही सोपी नाही. भक्तीत राहून आसक्तीला कसे जवळ करता येईल, हे दोन्ही रस्ते वेगळे आहेत, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.ब...

महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें- डॉ वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म . सा. ने धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महापुरुषों का जीवन जगत के प्राणी मात्र के लिए एक आदर्श प्रेरणा स्त्रोत होता है। उन्होंने श्रमण सूर्य मरुधर केसरी पूज्य प्रवर्तक श्री मिश्रीमल जी महाराज की 135वीं जन्म जयंती पर उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा क...

णीकमुनीक्रोध, मान, माया, लोभ हे अठरा पाप म्हणजे कौरवांची सेना-प.पू.रमजी म.सा.

जालना : क्रोध, मान, माया लोभ हे अठरा पाप म्हणजे कौरवांची सेना आहे. आपण बर्‍याचदा म्हणतो की, मला क्रोध येतच नाही. पण समोरचा तसा वागतो म्हणून… हे मोहनिया कर्माचा खेळ आहे. ही मोहनिया कर्माची ही औलाद आहे, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीज...

साधना से सिद्धि की प्राप्ति- डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित श्रमण संघीय उप प्रवर्तक श्री पंकज मुनि जी महाराज, दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म. सा. एवं मधुर वक्ता श्री रुपेश मुनि जी म सा के पावन सानिध्य में शनिवार को धर्म सभा में आज सुरक्षा कवच मंत्र विधान रुप महा मंगलकारी कल्याणकारी और सर्व सिद्धि समृद्धिदायक आनंदकारी श्री पैसठिया छंद जाप अनुष्ठान का विशाल भव्य कार्यक्रम सैकड़ों श्रद्...

अणुव्रत से होता हित अहित का ज्ञान – साध्वी उदितयशा

 नशा मुक्त रहने का संकल्प स्वीकार कर श्रावक समाज ने दी रक्षाबंधन की भेंट  अणुव्रत समिति द्वारा नशा मुक्ति कार्यशाला का हुआ आयोजन चेन्नई : अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, चेन्नई की आयोजना में नशा मुक्ति अभियान ‘एलीवेट एक्सपीरियंस द रियल हाइ’ कार्यशाला का आयोजन अणुव्रत अनुशास्ता, युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री उदितयशाजी ठाणा 4 ...

स्वाध्याय भवन में श्रावण शुक्ल पक्खी पर्व तप-त्याग पूर्वक मनाया

चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन में श्रावण शुक्ल पक्खी पर्व जप-तप- त्याग पूर्वक मनाया गया | श्रद्धालुओं द्वारा आलोयणा का पाठ किया गया | पक्खी पाक्षिक पर्व पर स्वाध्यायी बन्धुवरों श्री प्रकाशचन्दजी ओस्तवाल,श्री भवरलालजी लोढा,कांतिलालजी तातेड़, सुमेरचंदजी बागमार, नवरतनमलजी बागमार ने चार प्रहर के पौषध व आर वीरेन्द्रजी कांकरिया, लीलमचन्दजी बागमार,बाबू धनपतराजजी सु...

रक्षाबंधन रिश्तों को जोडऩे का पर्व: साध्वी स्नेहाश्री जी म. सा.

रक्षाबंधन पर विशेष प्रवचन आकुर्डी स्थानक भवन में आयोजन ! रक्षाबंधन प्रेम का पर्व है। प्रेम न हो तो जीवन नीरस हो जाता है और प्रेम हो तो मरुस्थल भी मरुधान बन जाता है। उन्होंने कहा कि राम के समय मर्यादा का मार्ग था, कृष्ण के समय कर्मयोग की प्रेरणा थी, महावीर के समय अहिंसा उपयोगी थी, पर आज के समय में इंसान की हर समस्या का समाधान एकमात्र प्रेम के मार्ग से संभव है। उन्होंने कहा कि अब हर परिवार, समाज और ...

उपप्रवर्तिनी प. पु. चंदनबालाजी के पावन सानिध्य मे अर्चना जी राजेंद्रजी लुणावत की मासखमण आराधना

चिंचवड गाँव मे चातुर्मासार्थ विराजीत उपप्रवर्तिनी पु चंदनबालाजी म.सा. पु. पदमावतीजी म.सा. आदि ठाणा 7 के पावन सानिध्य मे सुश्राविका अर्चनाजी राजेंन्द्रजी लुणावत ने 30 उपवास कर मासखमण तप का लाभ लिया! गत अनेक वर्षो से अर्चनाजी की मासखमण करने की मनिषा इस वर्ष देव गुरुधर्म के क्रुपा से पुरी हुई! इस अवसर पर अर्चनाजी को श्री संघ, जैन कॉन्फ़्रेंस, विविध महिला मंडल द्वारा सम्मानित किया गया! सन्मान करते हुय...

रेल अधिकारी को रक्षा सूत्र बांध अणुव्रत का दिया संदेश 

चेन्नई : अणुव्रत समिति द्वारा मानव में मानवता के विकास की तर्ज पर समिति शिष्टमंडल दक्षिण रेलवे कार्यालय में कार्यरत अधिकारीयों से मिला।  अध्यक्षा श्रीमती सुभद्रा लुणावत के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने चेन्नई सेंट्रल के पास अवस्थित रेलवे कार्यालय में गया। मुख्य ट्रांसर्पोटेशन प्लानिंग मैनेजर श्री एस बालाजी अरुणकुमार से शिष्टाचार भेंट की। अध्यक्षा ने अधिकारी को राखी बांध कर उनके प्रति शुभकामना सम्प्र...

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