किलपाॅक जैन संघ में विराजित योगनिष्ठ आचार्य केसरसूरी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यश्री उदयप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. ने प्रवचन में आत्मा के विनय गुण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सब गुणों का मुख्य द्वार विनय है। यह गुण तीर्थंकर बनने के बाद भी अपनाते हैं। तीर्थंकर परमात्मा के दो तरह के विनय होते हैं, पहला कृतज्ञता के रूप में अशोक वृक्ष की तीन प्रदक्षिणा देना। परमात्मा को जिस वृक्ष के नीचे केवलज्ञान प...
उत्तराध्ययन श्रुतदेव आराधना के 14वें दिवस उपाध्याय प्रवर ने बताई अष्टप्रवचन माता की महिमा Sagevaani.com /रायपुर। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि कैसे कोई केशी श्रमण और इंद्रभूति बनता है? भगवान पार्श्वनाथ और महावीर ने उन्हें क्या सीख दी थी? जिस सीख से कोई केशी श्रमण और इंद्रभूति बनता है, जिनशासन में उसे प्रवचन माता कहते हैं। परमात्मा ने आठ आयाम की प्रवचन माता कही है। एक माँ में ये आठ आयाम होने ...
Sagevaani.com /चैन्नई। मनवांछित इच्छित फल प्राप्त होता है पैंसठिया यंत्र के जाप करने पर ।रविवार को साहुकार पेठ जैन भवन में 108 पैंसठिया जाप के दौरान महासती धर्मप्रभा ने जाप करने वालें श्रावक-श्राविकाओं को सम्बोधिंत करतें हुए कहा कि भारतीय परंपरा में मंत्र स्त्रोत्र आदि का बहुत बड़ा महत्व है। जैन धर्म में अनेक मंत्र स्त्रोत्र जो स्वयं में सिद्ध एवं चमत्कारी हैं। पैंसठिया यंत्र ऐसा विशिष्ट यंत्र है ...
आज रविवार 5 नवम्बर 2023 को रत्नवंश के प्रथम आचार्य पूज्यश्री गुमानचंद्रजी म.सा का स्मृति दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में जप-तप-त्याग पूर्वक सामायिक स्वाध्याय दिवस के रुप मे मनाया गया | लीलमचन्दजी बागमार, गौतमचंदजी मुणोत ने श्री गौतममुनिजी म.सा द्वारा रचित प्रभु महावीर की अंतिम वाणी उत्तराध्ययन सूत्र के नवमें अध्ययन नमि प्रव्रज्या...
Sagevaani.com /चेन्नई. बिन्नी के नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में बिराजमान आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी महाराज एवं मुनि श्री महापद्मसागरजी महाराज को 2024 के आगामी चातुर्मास के लिए मयलापुर के श्री वासुपूज्यस्वामी मूर्तिपूजक जैन संघ चातुर्मास की विनती लेकर उपस्थित हुआ. भाव भरे चातुर्मास निवेदन से प्रभावित होकर आचार्यश्री ने रविवार को उपस्थित श्रद्धालुओं के सामने मयलापुर चातुर्मास के ...
उत्तराध्ययन श्रुतदेव आराधना के 13वें दिवस उपाध्याय प्रवर ने सिखाई संवाद की कला Sagevaani.com /रायपुर। प्रवीण ऋषि ने कहा कि दो तीर्थंकरों की शक्तियों का स्रोत जब मिल जाता है तब एक युग में परिवर्तन आ जाता। संवाद की कला आती हो तो कितनी भी पुरानी समस्या हो, समाधान मिल जाता है। समाधान प्राप्त करने के, संवाद करने के सहज सरल सूत्रों को प्रदान करता यह श्रुतदेव हम सभी से इस भावना के साथ कि अपने अंदर में इं...
नार्थ टाउन के ए यम के यम स्थानक में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने प्रवचन में फरमाया कि आत्म बंधुओ :- जिनशासन में दीक्षा का यानि ‘संयम का बहुत बड़ा महत्व है। क्योंकि संयम ही मोक्ष का मार्ग है, जीवन की अनिवार्य क्रिया है । गृहस्थ एवं साधु दोनों के लिए संयमी होना आवश्यक है। शरीर को रोगो का घर न बनाना हो तो मर्यादा करो संयमी बनो । संयम से असातावेदनीय कर्म, मोह कर्म दोनो वश में हो जाते हैं। इसलिए जिने...
किलपाॅक श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में रविवार को गच्छाधिपति आचार्यश्री उदयप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. के द्वितीय सूरिमंत्र पीठिका एवं साध्वी हितार्थरत्नाश्रीजी के भद्रतप की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में श्री गौतमस्वामी पूजन एवं सूरिमंत्र वंद्नावली का आयोजन किया गया। इस आयोजन के लाभार्थी गजेश निपा हीरालाल शाह परिवार थे। कार्यक्रम में धीरज निब्जिया ने संगीत की मार्मिक प्रस्तुति दी। इस मौके पर...
साधु-संतों की शरण में हमें शांति का अनुभव होता है : बृजमोहन अग्रवाल Sagevaani.com /रायपुर। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि कुछ लोग दूसरों को ठोकर खाता देख सुधर जाते है, और कुछ लोग खुद ठोकर खाकर सुधरते हैं। क्या सोच होती है जिसके कारण से व्यक्ति सागर में डूबता नहीं है, तिर जाता है। यह सोच कोई किसी को खरीदकर नहीं दे सकता है। आप गुरु से बोध ले सकते हैं, लेकिन उस बोध को समझने की दृष्टि स्वयं के अं...
किलपाॅक जैन संघ में विराजित योगनिष्ठ आचार्य केशरसूरी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यश्री उदयप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. ने प्रवचन में कहा कि अपने हित की बात सुनकर उसे स्वीकार कर लेनी चाहिए। इसके लिए कुछ बलिदान भी करना पड़े तो वह कर लेना चाहिए। आज की स्थिति यह है कि हम केवल सुख की बात स्वीकार करते हैं, हित की बात को नहीं। आप यदि सुनेंगे तभी स्वीकार करेंगे, स्वीकार करेंगे तभी आचरण में लाएंगे। उन्होंन...
Sagevaani.com/Chennai। कर्म जीवन का आधार है और आत्मा का श्रंगार है और कर्मो से ही होगा आत्मा का उध्दार।शनिवार को साहुकारपेट जैन भवन में महासती धर्मप्रभा ने आयोजित धर्मसभा में श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि अपने विचारों पर नियंत्रण रखो, नहीं तो वे तुम्हारा कर्म बन जाएंगे और अपने कर्मो पर तुमने नियंत्रण नहींं रखा तो ये भाग्य बनकर तुम्हारी आत्मा को संसार मे अटका देगें । इस सृष्टि में कोई भी व्य...
श्री जैन महासंघ, चेन्नई के तत्वावधान में पिछले 33 वर्षो से *दीपावली पर विशेष खाध्यान्न वितरण किया जाता है, इस वर्ष दिनांक 5-11-2023 रविवार को प्रातः 4-00 बजे से प.पू. आचार्य श्री जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य रत्न श्रुत प्रभावक प पू मुनिराज श्री वैभवरत्नविजयजी म सा आदि ठाणा की निश्रा में गणमान्यगणों की गरिमामय उपस्थिति में विभिन्न संस्थाओं व पूण्यशालीयों के शुभ हस्ते वितरण किया जाएगा।*...