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वृक्षारोपण एवं पौधे वितरण का आयोजन किया

वृक्षारोपण एवं पौधे वितरण का आयोजन किया

राजस्थान पत्रिका और एक्ष्नोरा इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे हरित प्रदेश अभियान के तहत आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में श्री शारदा विद्यालय गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल बरकीत रोड टी नगर में वृक्षारोपण एवं पौधे वितरण का आयोजन किया गया, मुख्य अतिथि डॉ टी जी श्रीनिवासन हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने विद्यार्थियों को पर्यावरण की विशेष जानकारी दी। इस मौके पर डॉ के मुथुकुमार प्रोग्राम ऑफिसर डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज गवर्नमेंट ऑफ तमिलनाडु ने पर्यावरण के बारे में विद्यार्थियों को कई प्रसन्न किए, उतर देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण को हानि न पहुंचाने की शपथ दिलाई। स्कूल की प्रधान अध्यापिका डॉ रमा ने भी संबोधित किया स्कूल परिसर में पौधे लगाए एवं पौधे वितरण किएl

इस मौके पर एक्ष्नोरा नॉर्थ सचिव फतेहराज जैन ने विश्व पर्यावरण दिवस की विशेष जानकारी देते हुए कहा कि पर्यावरण के बिना धरती मां का श्रंगार अधूरा है, हम कितने भी विकसित हो गये लेकिन मानसिक शांति आज भी प्रकृति की गोद में ही मिलती है, पर्यावरण का संतुलन रहना हमारे जीवन में अति आवश्यक है पर्यावरण का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है, इसकी भरपाई किसी न किसी आपदा के रूप में हो रही है। पेड़ ना केवल मानव के आवश्यकत है बल्कि पक्षियों के रहने का मुख्य ठिकाना है, पक्षी हमें बाढ़, तूफान जैसी हर तरह की आपदा की जानकारी अपनी आवाज से देते हैं, वे मानव समाज के सुभचिंतक है, पेड़ पौधों का भी अपना परिवार होता है। इनकी रक्षा करना हमारा दाहित्व है, भोजन एवं पानी के बिना तो हम कुछ दिन रह सकते हैं लेकिन हवा (ऑक्सीजन) के बिना एक पल भी जीना दुर्लभ हो जाता है, पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने से धरती का औसत तापमान बढ़ने से पानी की किल्लत बारिश समय पर ना आना ऋतुओं का बदलना आदि कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण संरक्षण वृक्षारोपण पर ध्यान दें जिससे हमें शीतल छाया, ऑक्सीजन, शुद्ध हवा, शुद्ध पानी कई प्रकार के फल, फूल औषधियों के लिए जड़ी बूटियां चारों तरफ हरा भरा वातावरण, खेत खलियान लहराते हुए, पक्षियों की मधुर आवाज सुनाई देना, बारिश का समय पर आना, नदियों, झरनों का कल कल मधुर आवाज सुनाई देना, यही तो धरती मां का श्रंगार है। इस मौके पर गोविंदराज, सारथी, बालसुंदरम एवं कई अध्यापिकाएं एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।

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