चेन्नई : उम्मेदजी बागमार “काकाजी” व सहयोगियों द्वारा की जा रही श्रुत सेवा हेतु स्वागत अभिनन्दन रायपेटा में स्थित वाई एम सी ए में वी बी मेला के अवसर पर किया गया |
उम्मेदजी बागमार जिन्हें सभी काकाजी नाम से जानते है व उन्हें काकाजी कह कर संबोधित करते हैं,वे पिछले बारह वर्षों से स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट में धार्मिक पुस्तकों,शास्त्रों,आगम,सूत्रों आदि की सार संभाल करते हुए नि:शुल्क रुप से उपलब्ध कराते हैं | चेन्नई साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन व किलपाक में स्थित सामायिक स्वाध्याय भवन,पार्क टाउन के जैन भवन,पुरस्वाक्कम के ए एम के एम आदि क्षेत्रों में हर चातुर्मास में धार्मिक पुस्तकों का निःशुल्क स्टाल लगाते हैं | हर वर्ष श्री जैन महासंघ द्वारा आयोजित दादा वाडी में प्रभु महावीर जन्म कल्याणक के विशाल कार्यक्रम के अवसर पर धार्मिक पुस्तकों का नि:शुल्क स्टाल लगाते हैं | अनेक ज्ञान पिपासु भाई बहन इन पुस्तकों को नि:शुल्क प्राप्त कर अध्ययन करते हैं |
पिछले बारह वर्षों से उम्मेदजी बागमार “काकाजी” दैनिक रुप से साहूकारपेट के स्वाध्याय भवन में सात आठ घण्टों तक धार्मिक पुस्तकों की राख रखाव करते हैं व पुस्तकों में दीमक ना लगे व जीवों की उत्पत्ति ना हों जीव हिंसा ना हों पूरा विवेक रखते हैं |
अभिनन्दन के प्रसंग पर श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने श्रुत सेवा करने वाले उम्मेदजी बागमार “काकाजी” व उनके सहयोगियों का परिचय देते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से इस पुनीत कार्य में सहयोगी के रुप में स्वाध्यायी बन्धुवर श्री नवरतनमलजी चोरडिया उनका सहयोग कर रहे हैं |
युवा रत्न श्री एन हेमन्तजी बाफना उनका पूर्ण सहयोग कर रहे हैं | अनेक राज्यों से पुस्तकों को मंगवाने व ज्ञान पिपासु भाई बहनों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पूर्ण समय प्रदान कर रहे हैं | चातुर्मास काल में पूर्ण समय का भोग दे रहे है |
स्थानीय तमिल भाषी श्री उतमजी एवं कलयप्पनजी द्वारा की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दोनों स्थानीय भाषी बन्धुवर पुरानी धार्मिक पुस्तकों की बाइंडिंग करवाने व पुस्तकों को उतमजी अपने वाहन आटो के माध्यम से ले जाते हैं और पुनः पुस्तकों को नवीन पुस्तकों की तरह तैयार कर उपलब्ध करवा रहे हैं |
श्री जैन सहायक समिति, चेन्नई के अन्तर्गत आयोजित वी बी मेला [ वूमन एम्पावरमेंट बियोण्ड एंटरप्रेन्योरशिप ] में आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने श्रुत सेवा करने वाले उम्मेदजी बागमार काकाजी व उनके सहयोगियों एन हेमन्तजी बाफना,नवरतनमलजी चोरडिया स्थानीय तमिल भाषी उतमजी एवं कलयप्पनजी द्वारा प्रदान की जा रही निःशुल्क श्रुत सेवाओं की सराहना की | मई माह की भीषण गर्मी में निःशुल्क स्टाल लगा कर प्रदान की गयी श्रुत सेवाओं की भूरि भूरि प्रशंसा व अनुमोदना करते हुए साधुवाद ज्ञापित किया |
श्रुत सेवाएं प्रदान करने हेतु सभी बन्धुवरों का स्वागत अभिनन्दन सी.विनोदजी बोथरा बुधमलजी बागमार हरिशजी मुथा,वी संयमजी बोथरा एवं आर नरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा किया गया |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन, 24/25- बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई







