आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनिश्री रमेश कुमार जी के पावन सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद द्वारा 9 वर्ष के ज्ञानार्थियों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई।
मंत्र दीक्षा का महत्व बताते हुए डाॅ मुनि ज्ञानेंद्र कुमार जी ने कहा- नमस्कार महामंत्र जीवन निर्माण और जीवन विकास का अनूठा उपक्रम है। मंत्र दीक्षा से दीक्षित बालक बालिकाओं की सुषुप्त शक्तियों को उजागर करना है। आपने नमस्कार महामंत्र की एक ऐतिहासिक कथा भी बच्चों को सुनाई ।
मुनि रमेश कुमार जी ने कहा- नमस्कार महामंत्र जैन संस्कृति का मुकुटमणि के समान है। जो साधक इसकी निष्काम भाव से साधना करता है उसके अज्ञान, मूर्च्छा और अंतराय आदि नष्ट होती है।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयेश जी महता ने कहा- बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए महाराष्ट्र के कटाटूर बोराला गांव का उदाहरण देते हुए संस्कार निर्माण का आह्वान किया।
तेरापंथ युवक परिषद गुवाहटी के अध्यक्ष विकास नाहटा ने स्वागत व्यक्तव्य दिया। मंत्री हिमेश चौपड़ा ने कुशलता पूर्वक संचालन किया। ज्ञानशाला की मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती ममता पुगलिया अनेक प्रशिक्षिकाएं भी उपस्थित हुई। इस अवसर पर तेरापंथ सभा , तेरापंथ युवक परिषद्, तेरापंथ महिला मंडल, के पदाधिकारी सहित अच्छी संख्या में भाई बहन उपस्थित हुए।
*संप्रसारक*
*श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गुवाहटी असम*



