मिल सकेगा सरकारी अनुदान भी
बीकानेर। पूरे भारतवर्ष में पुष्करणा समाज के लिए कार्य कर रही श्री अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद का रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया है। संस्था का मुख्य उद्देश्य देशभर में समाज के बच्चों को शिक्षा में आने वाली समस्याओं को दूर करने, समाज में व्याप्त कुरीतियों को हटाने का प्रयास किया जाएगा साथ ही साथ समाज को एक सूत्र में पिरोकर समाज हित में कार्य करना जरुरी होगा।
परिषद के अध्यक्ष रमेश सी. पुरोहित, स्वतंत्र पत्रकार मदनमोहन आचार्य (सेवन स्टार), बाबूलाल पुरोहित, मक्खन व्यास, गोविंद किराडू, कम्पनी सैक्रेट्री आनंद चूरा व नम्रता बाफना ने संयुक्त रुप से यह बात संवाददाता सम्मेलन में कही।
पुरोहित ने कहा कि आज के समय में पुष्करणा समाज के कुछ नाम ही प्रशासनिक पदों पर आसीन है, इसलिए जो बच्चे इन पदों की तैयारी कर रहे हैं उन्हें इस संस्था द्वारा नि:शुल्क शिक्षक व शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। संस्था को अब सरकारी अनुदान भी मिल सकता है जिससे समाज के लिए और अधिक कार्य किए जा सकेंगे।
संस्था के प्रतीक चिन्ह (लोगो) को भी ट्रेड मार्क करवा लिया गया है तथा संस्था का खाता भी बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाया जा चुका है। संस्था अब समाज के लिए निरंतर कार्य करेगी साथ ही साथ देशभर में प्रसारित होने वाली मासिक पत्रिका ‘पुष्करणा संदेश’ को आएसबीएन नंबर भी प्राप्त हो चुका है।
121 कुण्डीय यज्ञ 1 नवम्बर को श्रीडूंगरगढ़ में, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती आएंगे
बीकानेर। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के दीपावली स्नेह मिलन समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज 2 नवम्बर को राजस्थान के बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में पधारेंगे। परिषद के प्रदेश संयोजक रमेश चंद पुरोहित ने बताया कि इस प्रादेशिक दीवाली स्नेहमिलन से पहले 1 नवम्बर को 121 कुण्डीय यज्ञ व भव्य कलश यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा।
कलश यात्रा में लगभग 10 हजार लोगों के पहुंचने की आशंका जतायी जा रही है। संस्था के राष्ट्रीय संयोजक घेवरचंद सारस्वत, प्रदेशाध्यक्ष पवन जोशी समेत ब्राह्मण समाज के गणमान्य व्यक्ति इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
पुरोहित ने समस्त ब्राह्ण समाज के बंधुओं से आग्रह किया है कि 1 व 2 नवम्बर को श्रीडूंगरगढ़ पहुंचकर जगद् गुरु शंकराचार्यजी का आशीर्वाद लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कार्यक्रम श्रीडूंगरगढ़ के कालूबास में आयोजित होगा।