उपशीर्षक- भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी महाराज के सान्निध्य में निकली भव्य धर्म यात्रा, तपस्विनी मीराबाई जी लुनिया को “तप रत्नेश्वरी” अलंकरण से सम्मानित राष्ट्र संत श्रमण संघीय उप-प्रवर्तक परम पूज्य श्री पंकज मुनि जी महाराज, भारत गौरव परम पूज्य डॉ. वरुण मुनि जी महाराज एवं मुनिरत्न कर्मयोगी श्री रुपेश मुनि जी महाराज का पुण्य नगरी पुणे में भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। पूज्य गुरुदेव ने श्री मदन जी बेदमुथा के निवास स्थान से मंगलमय प्रस्थान किया और नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए जयकारों के बीच शाहू नगर, शिवाजी पार्क पुणे पधारे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में जैन ध्वज लेकर धर्म यात्रा में शामिल हुए। तप सूर्य तप लक्ष्मी सुश्राविका मीराबाई जी लुनिया एवं मातृशक्ति ने मंगल कलश के साथ पूज्य गुरुदेव की अगवानी की।
गुरु कृपा निवास के समक्ष आयोजित भव्य पंडाल में धर्म यात्रा धर्म सभा में परिवर्तित हो गई। सुप्रसिद्ध संगीतकार तरुण जी मोदी ने मंगल गीतों के माध्यम से गुरु भक्ति प्रस्तुत की तथा मुनिरत्न श्री रुपेश मुनि जी महाराज ने गुरु पदम् आरती का मंगल गायन किया। नवकार महामंत्र के मंगलाचरण के साथ धर्म सभा का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर तरुण जी मोदी ने बेंगलुरु, कृष्णागिरी, हुमचा पद्मावती, सोंधा मठ, हंपी, बदामी, गोवा, कोल्हापुर, इचलकरंजी होते हुए आलंदी से पुणे तक की पूज्य गुरु भगवंत की धर्म यात्रा का उल्लेख करते हुए समस्त गुरु भक्तों की ओर से सुख-शांति पृच्छा की। पुणे में राष्ट्र संत एवं भारत गौरव पद से अलंकृत होने के पश्चात प्रथम आगमन पर गुरु भगवंत का भक्ति गीतों के माध्यम से नागरिक अभिनंदन किया गया।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी महाराज ने बताया कि आकुर्डी संघ में वर्ष 2015 का चातुर्मास ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ था। लगभग दस वर्षों के पश्चात पुणे आगमन का विशेष कारण तप सूर्य तप लक्ष्मी सुश्राविका मीराबाई जी लुनिया की तप आराधना है। उन्होंने बताया कि माता मीराबाई जी पिछले लगभग 39 वर्षों से एकासन तप की आराधना कर रही हैं तथा अनेक आयंबिल तप पूर्ण कर चुकी हैं। वर्तमान में उनके 419 आयंबिल तप पूर्ण होने जा रहे हैं।
गुरु पदम् अमर शिष्य परिवार की ओर से उनकी तप आराधना के उपलक्ष में उन्हें “तप रत्नेश्वरी” अलंकरण से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मीराबाई जी लुनिया ने कहा कि उनकी समस्त तप आराधना गुरु कृपा का ही प्रसाद है।
समारोह में आलंदी, वडगांव शेरी, तलेगांव, चिंचवड़, आकुर्डी, निगड़ी प्राधिकरण, बिजली नगर, संभाजी नगर, शाहू नगर सहित अनेक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कई गुरु भक्तों का स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया।
भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी महाराज की दीक्षा रजत जयंती के उपलक्ष में अन्नदान कार्यक्रम के लिए भी अनेक श्रद्धालुओं ने अपने नाम दर्ज कराए। इस अवसर पर तप सूर्य मीराबाई जी लुनिया ने 531 आयंबिल के पचक्खान गुरु भगवंतों के श्रीमुख से ग्रहण किए।
समारोह के अंत में श्रमण संघीय उप-प्रवर्तक पूज्य पंकज मुनि जी महाराज ने मंगल पाठ प्रदान कर सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। डॉ. हेमराज जी, जयूष जी, सोनाली जी लुनिया एवं समस्त लुनिया परिवार की ओर से अल्पाहार एवं गौतम प्रसादी का आयोजन किया गया। साथ ही “गुरु भक्ति डायरी” का लोकार्पण भी किया गया।
रात्रि में श्री संकेश्वर मंडल द्वारा प्रभु भक्ति का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रभु भक्ति का आनंद प्राप्त किया।


