ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि धर्म शास्त्र और इतिहास साक्षी है कि जब जब भी महापुरुषो का जन्म हुआ है तब तब अर्धम, अनीति व् अत्याचारी भी...
कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...
पुरूषार्थ एक ऐसा तत्व है, जो हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता है| आदमी जीवन में ध्यान दें कि वह पुरूषार्थ क्या करता है, क्या नहीं करता है, ठीक कर रहा हैं या नहीं?...
कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...
माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में आचार्य श्री महाश्रमण ने तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के दो दिवसीय 11वें अधिवेशन “हम कितने सौभागी” के...
ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि रागी से वीतरागी, जन से जिन और पाप से पुनीत बनाने की शक्ति केवल भगवान की वाणी में ही है। जिनवाणी से जीवन ...
एमकेबी नगर जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा इंद्रियों को वश में रखते हुए तप और संयम से आत्मा को पाप से बचाना चाहिए क्योंकि असुरक्षित आत्मा जन्म मर...
साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजय ने कहा जिस प्रकार चंद्रमा में उज्वलता, मोरपंख में सुंदरता, कमल में सौरभ, दूध में स्निग्धता, मिश्री...
साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा धर्म शासन को पाकर जो परमात्मा की वाणी को समझते हैं उनका जीवन सुधर जाता है। प्रवचन में प्रत्येक व्यक्ति...
पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने बताया आचार्य मानतुंग परमात्मा प्रभु के ज्ञान और जिनशासन के सूर्य की महिमा और प्रभाव बताते हुए ...
कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा पाप का बोझ इतना बढ़ गया है कि शुभ और शुद्ध सपना ही बन गए हैं। अशुभ रोज दुगुना हो रहा है ...
माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सुत्र के दूसरे अध्याय का विवेचन करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि भाद्रपद नक्षत्र के दो तारे है...