मन का स्वभाव पानी जैसा है, हमेशा नीचे की ओर ही जाता है। उसे वासना की गटर ही अच्छी लगती है। अगर पानी को ऊपर ले जाना हो तो मशीन की सहायता लेनी पड़ती है। उसी प्रका...
भगवन बनने की कोशिश में गुरुदेव अरिजित सागरजी प्रवचन क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज कहते हैं कि अंतरंग तप का सीधा मतलब है आत्मा को तपाना। दूसरे अर्थ में कहे तोआत्मा का...
कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता बह रही है, जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि नें आली जी की तीसरे ...
श्रेष्ठ और अनुशासित शिविरार्थीयों को किया सम्मानित परमाराध्य आचार्य प्रवर के मंगल सान्निध्य में, जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संस्कार न...
गुरुवर श्री 108 अरिजीत सागरजी की मंगल देशना की प्रमुख बातें: पुंनः स्मरण कराते हुए पूज्य गुरुदेव बता रहे हैं भगवान बनने की प्रक्रिया में तप की महत्वकांशा आवश्यक...
नदी जब अपने किनारों की मर्यादा में रहती है। सिंचाई का काम करती है और मानवता के लिए वरदान बनती है लेकिन जब वही नदी मर्यादा तोड़कर विकराल रूप लेती है वहीं विनाश क...
कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता बह रही है, जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि नें धर्म सभा को संबो...
उत्तराध्ययन सूत्र का भव्य वरघोड़ा आज 19 अक्टूबल से उत्तराध्ययन आराधना चेन्नई. बुधवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर...
इन्द्रिय विजय की साधना, अध्यात्म की एक बहुत ही महत्वपूर्ण साधना होती हैं| व्यक्ति पांचों इंद्रियों एवं मन का संवरण करने का प्रयास करें| अनावश्यक इन्द्रियों का व...
चेन्नई. गोपालपुरम स्थित भगवान महावीर वाटिका में विराजित कपिल मुनि के सान्निध्य व श्री जैन संघ गोपालपुरम के तत्वावधान में भगवान महावीर स्वामी के 2544वें निर्वाण...
चेन्नई. आत्मा भी सिद्ध पद की साधना से मोक्ष की ओर बहने लगती है। लेकिन जब इंसान में सरलता नहीं है, बाहर कुछ अंदर कुछ है तो सिद्ध पद की साधना नहीं हो सकती है। सि...
चेन्नई. भक्त तो प्रतिकूलता में भी अनुकूलता का अनुभव करता है। परमात्मा सर्वकालिक है। सच्चा साधक कभी भी निज आत्म का अनुभव कर सकता है। कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा ...