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शिक्षागत विकृति ज्यादा खतरनाक: आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. शिक्षागत विकृति ज्यादा खतरनाक है। कैंपस में नौकरी के लिए चयन हो रहे हैं। नौकरी की चाहत में पढ़ाई चल रही है। विद्यालय बच्चों को नौकरी का लालच दे रहे हैं।...

अस्थिर को भी स्थिर करता है तप का प्रभाव: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. तप के प्रभाव से अस्थिर भी स्थिर हो जाता है। वक्र भी सरल बन जाता है और दुर्लभ कार्य भी सुलभ हो जाता है। ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने ...

पुण्यशाली वही जो दूसरों की सेवा के लिए तत्पर रहे: विनयमुनि

चेन्नई. महापुरुषों का सानिध्य मनुष्य को नया मार्ग दिखाता है। धर्म के कार्य से खुद को जोडऩे के साथ अन्य लोगों को भी जोडऩे का प्रयास करना चाहिए। पुण्यशाली वही होत...

अवसर मिलने पर भी भोगों का त्याग करनेवाला सच्चा संयमी: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. अपने जीवन में कभी किसी का अपमान करोगे तो उसका पुन: सम्मान भी करना ही पड़ता है, इसलिए जीवन में कभी भी किसी का अपमान न करें। बुधवार को श्री एमकेएम जैन मेम...

दुनिया में पवित्रतम, सर्वोपरि तत्व है – ज्ञान : आचार्य श्री महाश्रमण

जैन विश्व भारती संस्थान के अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण ने उपाधी धारकों को अनुशासन प्रदान करते हुए कहा कि आदमी के जीवन में अनेक तत्वों के विकास की अपेक्षा होत...

देश का बालक शिक्षित, तो देश सम्पन्न : श्री रामनिवास गोयल

जैन विश्व भारती संस्थान के ग्यारहवां दीक्षांत समारोह हुआ आयोजित माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में जैन विश्व भारती संस्थान के ग्यारहवें दीक्ष...

शासनश्री साध्वी अजीतप्रभाजी का मनाया 75 वॉ दीक्षा दिव

समाधि केंद्र बीदासर (राजस्थान) में विराजित 93 वर्षीय शासन श्री साध्वी श्री अजीत प्रभा जी का 75 वॉ दीक्षा दिवस व्यवस्थापिका  साध्वी श्री शुभप्रभाजी एवं साध्वी श्...

प्रेम को खंडित करने का प्रथम चरण है क्रोध: आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. प्रेम को खंडित करने का प्रथम चरण है क्रोध, मध्यम चरण है घृणा और अंतिम चरण है वैर। शक्कर के एक दाने से खीर मधुर नहीं हो सकती पर उसमें एक कंकड़ आने से स्व...

चरित्र से होती है मनुष्य की पहचान: विनयमुनि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक विनयमुनि ने आयंबिल ओली के अंतर्गत चल रहे नवपद जाप के आठवें दिन मंगलवार को कहा संसार में मनुष्य के पास सब साधन ...

बिना ज्ञान और क्रिया के मोक्ष संभव नहीं: मुनि विजय

चेन्नई. बिना ज्ञान और क्रिया के मोक्ष संभव नहीं। सम्यक ज्ञान ही आत्मा को क्या करना और क्या नहीं करना इन सारी क्रियाओं का ज्ञान कराता है। साहुकारपेट स्थित राजेन्...

जीवन जीने के लिए समता की साधना जरूरी: कपिल मुनि

चेन्नई. जीना उसे ही कहते हैं जहां किसी से न राग है और न द्वेष। एक बेहतरीन जीवन जीने के लिए समता की साधना बेहद जरूरी है। जीवन में समता भाव के उदय होते ही शत्रु म...

सम्यक दर्शन नर से नारायण बनाता है: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. सम्यक दर्शन से जीवन का दीपक प्रज्वलित कर आत्मा से सिद्ध व नर से नारायण बन सकते हैं। सम्यकता प्राप्त करने के लिए नवपद का आसरा चाहिए। अयनावरम स्थित जैन दा...

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