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आपदा और सम्पदा हैं दोनों बहने : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सूत्र के छठे स्थान के तेइसवें सूत्र का विवेचन करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि अनॠद्धिमान पुरू...

जो सभी समस्याओं का समाधान करने में समर्थ है तीर्थंकर: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. कौन-से पल किस जीवन का बंध हो जाए कहा नहीं जा सकता। शालीभद्र, अर्जुनमाली भी धर्म मार्ग पर चलेंगे यह कोई नहीं जानता था। तन से परे जो चेतना की सत्ता है उसक...

चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता बह रही है, जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि नें धर्म सभा को संबो...

अच्छे कार्य का परिणाम भी अच्छा ही होता है: कपिल मुनि

चेन्नई. अच्छे कार्य का परिणाम भी अच्छा ही होता है। लाख बाधा आने पर भी व्यक्ति को अच्छे कार्य करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म ही व्यक्ति को यशस्वी बनाते हैं और जीवन ...

विनय से बढ़ता है तप: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. तप विनय के द्वारा ही बढ़ता है। विनयी व अविनयी के स्वभाव व्यवहार एवं परिणाम एक दूसरे से भिन्न होते हैं। विनय शांति का मूल मंत्र है। जिससे महापुण्य एवं मह...

अज्ञान का अंधेरा खतरनाक है: आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. अज्ञान का अंधेरा खतरनाक है। पूर्णिमा के चांद को सारे लोग देखते हैं, आनंद लेते हैं। जब अमावस्या को कोई नहीं देखता। जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। कोंड...

गुरु हुक्मीचन्द के जीवन पर डाला प्रकाश

चेन्नई. अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में साध्वी कुमुदलता के सान्निध्य में जारी वर्षावास पूर्णता की ओर है। गुरु दिवाकर कमला वर्षावास समिति के तत्वावधान में गुरु ह...

मनुष्य का कार्य बोलता है बोली नहीं: गौतममुनि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि की गुरुवार को नौ दिवसीय एकांत मौन साधना महामांगलिक के साथ खत्म हुई। इस मौके पर उन्होंने कहा जीवन को आ...

हमारी प्रसन्नता के मालिक हम खुद बने: आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि एक शब्द है – प्रसाद| प्रसाद यानि प्रसन्नत...

धर्म के साथ धर्म का माहौल भी होना परमावश्यक है: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. गुरुवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज का उत्तराध्ययन सूत्र वाचन कार्यक्रम हुआ। उप...

शास्त्र वाचन से किसी का उद्धार नहीं होता: साध्वी पद्मकीर्ति

चेन्नई. सिर्फ शास्त्र वाचन से किसी का उद्धार नहीं होता है। बिना तप किए कर्मों का सर्व नाश नहीं होता है। अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में विराजित साध्वी पद्मकीर्त...

मानव को पवित्र बनाता है चरित्र का इत्र: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई. चरित्र का इत्र हमें पवित्र बनाता है। चरित्र ही हमारा सच्चा मित्र है। यदि हम चाहते हैं कि हमारे जीवन में चरित्र ग्रहण करने का योग आए, तो हमें चारित्रधारी...

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