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अहंकार से होती है हार

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा अहंकार से बढक़र कोई पाप नहीं है और रहम से बढक़र कोई पुण्य नहीं है। अहंकार और पेट ब...

गुरुवाणी को जीवन में उतार कर करें आत्मशुद्धि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा परमात्मा की वाणी उत्तराध्ययन सुत्र के माध्यम से चल रही है। जो भाग्यशाली इसे अपने अंतरात्मा से ...

समय को व्यर्थ न गवाएं

चेन्नई. अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में साध्वी कुमुदलता ने प्रवचन के दौरान कहा कि व्यक्ति को समय मात्र का भी प्रमाद नहीं करना चाहिए। समय को सार्थक करो। अच्छे का...

स्वर्ग की इच्छा है तो असंयम छोड़ संयम अपनाएं

चेन्नई. ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा प्रभु अरिष्टनेमि राजीमती और रथनेमि का जीवन प्रसंग सभी के लिए प्रेरणास्पद है। प्रभु पशुओं की चीत्कार...

अन्नदानम कार्यक्रम में जरूरतमंदों को कराया भोजन

चेन्नई. मेवाड़ प्रर्वतक मदनमुनि की 65वीं दीक्षा जयंती के उपलक्ष्य में एसएस जैन संघ साहुकारपेट के तत्वावधान में अंबेश गुरु सेवा समिति मेवाड़, चेन्नई और अमावस ग्र...

प्रतिक्रिया करना पापों का मूल कारण है, इसका त्याग करें

चेन्नई. शुक्रवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज ने परमात्मा प्रभु महावीर के समवशरण का ध्या...

अहंकार और गुस्सा, दोनों की जोड़ी : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सूत्र के छठे अध्याय के बत्तीसवें सूत्र का विवेचन करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि अनात्मवादी क...

जीवन पानी के बुलबुले के समान क्षणिक: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. जीवन पानी के बुलबुले के समान क्षणिक जीवन है, शरीर रोगों का घर है, इस शरीर को छोडऩे से पहले इससे कुछ प्राप्त करना है, संसार असार है एवं संयम जैसा सुख नही...

जीवन का सच्चा लाभ परमात्मा की भक्ति में: गौतममुनि

चेन्नई. जीवन का सच्चा लाभ उठाने के लिए परमात्मा की भक्ति का लाभ ले लेना चाहिए। पुण्य से मिली चीजों को गंवाने के बजाय उनका पूरा लाभ लेने को तत्पर रहना चाहिए। छोट...

प्रकृति के साथ हो सामंजस्य : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में त्रिदिवसीय*प्रकृति के साथ सामंजस्य और 21वीं सदी में जैन विजन*सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर जनमेदनी को संबो...

सम्यक पुरुषार्थ सफलता का स्रोत: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. प्रभु महावीर के समवशरण का ध्यान और रचना अपने अन्तर में कराते हुए उत्तराध्ययन सूत्र में कहा गया है कि संसार का कोई भी जीव श्रम और पराक्रम किए बिना नहीं र...

चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत रस की सरिता बह रही है, जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि नें धर्म सभा को संबो...

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