छापर (राज) : आचार्य महाश्रमणजी के विद्वान् शिष्य तपोमुर्ति मुनिश्री पृथ्वीराजजी स्वामी के सान्निध्य में तेरापंथ धर्मसंघ की शासन माता साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभाजी की स्मृति सभा नवनिर्मित तेरापंथ ट्रस्ट भवन में रखी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनिश्री के नवकार महामंत्र के समुच्चारण से हुआ। तत्पश्चात महिला मंडल की बहनों द्वारा मंगलाचरण किया गया। मुनिश्री पृथ्वीराजजी ने फरमाया कि शासन माता साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी के प्रवचन का हर शब्द श्रोता के मन को भाने वाला था। उनका नेतृत्व पाकर लोग तृप्त हो जाते थे। उनकी गण निष्ठा और प्रशासन की कला सब को लुभाने वाली थी। उन्होंने महाश्रमणजी के दरबार में असाधारण साध्वी का स्थान बनाया, जो एक विशेष बात है। साध्वी प्रमुखा एक अच्छी लेखिका, वक्ता, संपादिका, चिंतनशील, प्रबुद्ध ग्रहण शील, अनासक्त व सहिष्णु थी। उनकी हाजमा शक्ति बहुत ही गजब की थी। साध्वीजी ने धर्म संघ...
दुनिया में रिश्तों की बहुत अहमियत होती हैं। रिश्तो में बहुत अहम रिश्ता होता है पति पत्नि का। अगर पति पत्नि में आपसी संतुलन है, आत्मीय भावनाएं है, एक दूसरे के प्रति समर्पण का भाव है, तो परिवार में निश्चित सुख का साम्राज्य है। उपरोक्त विचार तेरापंथ सभा भवन में हैप्पी कपल, खुशी डबल कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए मुनि श्री अर्हत् कुमारजी ने कहें। विविध उदाहरणों से समझाते हुए मुनि श्री ने कहा कि आज रिशतो में कड़वाहट है, दिखावट है, इसलिए रिश्ते मिनटों में बन रहे हैं और मिनटों में टूट रहे हैं। पति-पत्नि के बीच यदि एडजेस्टमेंट का सेतु है, तो उनका जीवन हमेशा प्रसन्नता से ओतप्रोत रहेगा। वाणी में हमेशा माधुर्य घोले, क्योकि वाणी की मिठास रिश्तो को टूटने नही देती। एक दूसरे को समझने का प्रयास करे। भाइयो को अपना घर एयरकंडीसन बनाने से पहले दिमाग को एयरकंडीसन बनाना चाहिए, जिससे रिश्तो ...
माधावरम्, चेन्नई 25.03.2022 – तेरापंथ सभा के तत्वावधान में आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में आदिनाथ भगवान ऋषभ का जन्म एवं दीक्षा कल्याणक समारोह साध्वीश्री डॉ. मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में भव्य रूप से मनाया गया। साध्वीश्रीजी ने रिद्धि सिद्धि मंत्रो एवं ध्यान के द्वारा संपूर्ण श्रावक समाज को भक्तांबर अनुष्ठान करवाया। सैकड़ों लोगों ने उत्साह से भाग लिया। साध्वीश्री ने धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान ऋषभ ने करुणा करके जन-जन को आजीविका निर्वहन के लिए असि-मसि-कृषि का प्रशिक्षण दिया। उसके पश्चात आत्मकल्याण हेतु संयम मार्ग पर प्रस्तित हुए। आज का पवित्र दिन संयम की उर्जा प्राप्ति का दिन है। तप की ऊर्जा प्राप्ति का दिन है। तप प्रतिबोधक उस महान व्यक्तित्व ने दीर्घ तप का आराधन किया। आज के दिन वर्षीतप की परम साधना प्राप्त की जाती है। साध्वीश्रीजी ने ...
श्रद्धानिष्ठ श्रावक, संथारा साधक श्री जीतमलजी गिरधरलालजी भंसाली (असाडा/ बालोतरा/अहमदाबाद) का संलेखना सहित संथारे के 22 वें दिन दिनांक 25 मार्च 2022, शुक्रवार दोपहर 3.55 बजे संथारा सीज गया है। *वैकुंठी* संथारा साधक श्री जीतमलजी गिरधरलालजी भंसाली की वैकुंठी दिनांक 26 मार्च 2022, शनिवार सुबह 8.15बजे निवास स्थान : A-404, कुशल वाटिका, राजस्थान हॉस्पिटल के पीछे, शाहीबाग से शाहपुरा शान्तिधाम जाएगी। परिवार खीमराज, शंकरलाल (भाई) जसराज (भतीज) महेंद्रकुमार,हरिशकुमार, अरविंदकुमार (सुपुत्र) हेमंत, विनय,जिनेश,दक्ष (सुपोत्र) ह्रिधान (पडपौत्र) भंसाली परिवार (असाडा/ बालोतरा/अहमदाबाद)
असाधारण साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभाजी की स्मृति सभा तेरापंथ सभा के तत्वावधान में मुनि श्री अर्हतकुमार के सान्निध्य में तेरापंथ सभा भवन, गुडियातम में मनाई गई। धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अर्हतकुमार ने कहा कि जन्म लेना बड़ी बात नहीं, जन्म सभी लेते हैं, पर कुछ व्यक्ति अपने करिश्मे से संसार में अमिट छाप छोड़ जाते है। इतिहास वही रचाता है जिसका हर कदम करिश्माई होता है, जिसका चिंतन नूतनता लिए होता है। ऐसा ही एक व्यक्तित्व निखर कर आया साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी के रूप में। कनक का अर्थ होता है स्वर्ण। स्वर्ण को निखार पाने के लिए कितना खपना पड़ता है, आंच पर तपना पड़ता है, तब जाकर वह गले का हार के रूप में शोभा पाता है। वैसे ही कनकप्रभाजी को गुरुदेव तुलसी ने अपनी अनुशासन की प्रयोगशाला में खूब तपाया और तपाकर साध्वी समाज का सिर मोर बना दिया। असाधारण संघ महानिर्देशिका साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाज...
म्यूजिक अकैडमी चेन्नई में आरसीसी फाउंडेशन द्वारा 28वें फाउंडेशन दिवस के उपलक्ष्य में उसकी एक महत्वपूर्ण शाखा आरसीसी मैग्नम द्वारा समाजोत्थान कलाओं के विकास के लिए टीपीएफ हुनर के राष्ट्रीय संयोजक श्री अनिल लुणावत एवं चेन्नई चैप्टर के अध्यक्ष श्री राकेश खटेड को आर्थिक अनुदान प्रदान किया। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, चेन्नई चैप्टर द्वारा संचालित हुनर, जो समाजोत्थान कलाओं के विकास का पुरजोर प्रयत्न कर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में आर्थिक सहयोगप्रदाता कलाओं के विकास में आरसीसी मैग्नम का महत्वपूर्ण सहयोग मिला, जो निरंतर प्राप्त हो रहा है। असमर्थ समाज के वर्ग को आर्थिक समर्थन प्रदान कराने वाली कलाओं का विकास करने हेतु टीपीएफ हुनर एवं आरसीसी मैग्नम के चरण सतत गतिमान है। स्वरुप चन्द दाँती प्रचार प्रसार प्रभारी श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चेन्नई
मदुरै: तपोकोलम श्री मारीयमन मंदिर में वार्षिक फूल उत्सव हर वर्ष की भाँति मदुरै श्री मीनाक्षी मंदिर से विशेस वाहन में श्री मारियमन माताजी की प्रतिमा को फूलो से सजाकर वाहन पर लाईटिंग से ज़ोरदार सजाया गयाा। मीनाक्षी मंदिर से बुधवार रात्रि को शोभायात्रा प्रारंभ होकर रात्रि 9.30 बजे गंतव्य स्थल तपाकोलम श्री मरीयमन शीतला माताजी के मंदिर झांकियां वाहन में भगवान की प्रतिमा के आगे वाले फूल आज के कार्यक्रम के लाभार्थीगणो ने टोकरीयो में डालकर अपने हाथो से मंदिर के अंदर लाए और पुजारीजी को दिए। पुजारीजी ने मारियमन माताजी के समक्ष फूलों का बड़ा सा ढगलाबंध फूल माताजी के श्री चरणो में चढ़ा कर पूजा अर्चना प्रारम्भ की। महाआरती के साथ कार्यक्रम की पूर्णाहुती हुई । मंदिर के प्रभारी ने विंजराज श्रीश्रीमाल, सुभाष गुप्ता , जयंतीलाल जीरावला, पृथ्वीराज संकलेचा, रामचंद्र गर्ग, सुरेशकुमार सालेचा, दिनेश श्री श्री माल...
2022 का दुर्ग चातुर्मास करने की घोषणा दुर्ग / श्रमण संघ दुर्ग- भिलाई के सदस्य युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज के दर्शनार्थ चंद्रपुर महाराष्ट्र पहुंचे। उनके चंद्रपुर होली चातुर्मास में जैन भवन में प्रवचन दर्शन वंदन का लाभ लिया। श्रमण संघ दुर्ग के सदस्यों ने दिन भर गुरु भगवंत की सेवा भक्ति करने के पश्चात रात्रि भद्रावती जैन तीर्थ का दर्शन करते हुए श्रमण संघ का दल वापस दुर्ग लौटा। श्रमण संघ दुर्ग में यह पहला अवसर होगा जिसमें इतने बड़े संत का पहली बार चातुर्मास होने जा रहा है। श्रमण संघ दुर्ग की 13 वर्ष की विनती के पश्चात 2022 का चातुर्मास दुर्ग संघ को प्राप्त हुआ है। श्रमण संघ परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री भवरलाल पारख सतीश सुराणा निर्मल बाफना प्रवीण श्री श्रीमाल दीपचंद देशलहरा पदम पारख गोपाल चौरड़िया गौतमचंद देशलहरा के नेतृत्व में श्रमण संघ परिवार दुर्ग के सदस्य गुरु व...
शिवाकाशी 21.03.2022 – शासनमाता साध्वीप्रमुखाश्रीजी की स्मृति सभा का आयोजन साध्वी श्री उज्ज्वल प्रभा जी की सन्निधि में नवरत्नमल डागा निवास, शिवकाशी में हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ सामूहिक जप अनुष्ठान से हुआ। साध्वी श्री उज्ज्वलप्रभाजी ने कहा- तेरापंथ धर्मसंघ में साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभाजी की महनीय, अतुलनीय भूमिका रही। नारी जगत को आचार्यों की कृपा दृष्टि से साध्वी प्रमुखाश्रीजी ने जो चमक दी, जो धार दी, युगो युगो तक उसकी अनुगूंज रहेगी। शासन माता ने तीन-तीन आचार्यों की जो सेवा की है और तीनों ही आचार्यों ने जो सम्मान बढ़ाया, वह सब के भीतर नव ऊर्जा का संचार करता रहेगा। साध्वी सन्मतिप्रभाजी ने अपने जीवनगत प्रेरक संस्मरणो के द्वारा साध्वी प्रमुखाश्रीजी के असाधारण व्यक्तित्व को उजागर किया। साध्वी प्रबोधयशा जी ने गीत के माध्यम से साध्वी प्रमुखाश्रीजी के करुणामयी स्वरूप को अभिव्यक्त किया। कार्...
साहूकारपेट, चेन्नई 20.03.2022 – श्री जैन महासंघ चेन्नै की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन तेरापंथ सभा भवन, साहूकारपेट में किया गया। कार्यवाही का शुभारम्भ श्री जैन महासंघ महिला मण्डल सदस्यों के मंगलाचरण से हुआ। सदन की ओर से तेरापंथ धर्मसंघ की साध्वी प्रमुखा शासनमाता कनकप्रभाजी के महाप्रयाण पर मौन ध्यान से भावपूर्ण श्रद्धाञ्जलि अर्पित की गई। तेरापंथी सभा के निवर्तमान अध्यक्ष, साहूकारपेट तेरापंथ ट्रस्ट बोर्ड मुख्यन्यासी व जैन महासंघ उपाध्यक्ष विमलकुमार चिप्पड़ ने शासनमाता कनकप्रभा के कर्तत्व व व्यक्तित्व पर विशेष वक्तव्य देते हुए इसे सम्पूर्ण मानव समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। जैन महासंघ अध्यक्ष राजकुमार बड़जात्या ने अपने स्वागत भाषण में समागत सदस्यों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए महासंघ के उद्देश्यों को बताया। महामंत्री सुरेश कागरेचा व कोषाध्यक्ष कांतिलाल भंडारी ने महासंघ की वार्ष...
चैन्नई, माधावरम् 19.03.2022 – आचार्य महाश्रमण जैन तेरापंथ पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में, तेरापंथ सभा चैन्नई के तत्वावधान में असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी की स्मृति सभा का आयोजन साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में हुआ। साध्वीश्री डॉ मंगलप्रज्ञाजी ने श्रद्धासिक्त उद्गार में कहा आचारनिष्ठा, संवेदनशीलता और बौद्धिकता जैसे विशिष्ट गुणों की पराकाष्ठा शासन माता के जीवन में थी। सैकड़ों ऐसे उदाहरण हैं जब उनकी वात्सल्य भरी आंखों ने जन-मानस की पीड़ा का हरण किया। आप जैन संघ के इतिहास में प्रथम स्थान प्राप्त बौद्धिकता सम्पन्न साध्वी थी। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने विभिन्न सम-सामयिक विषयों पर लेखन किया। अपने इर्द-गिर्द रहने वालें मनों को अध्यात्मशक्ति से आप्लावित करते रहे। तेरापंथ धर्मसंघ की हम साध्वियों को अंगुली पकड़कर चलना सिखाया। कहा जा सकता है कि ऐसी प्रबुद्ध समयज...
कुछ लोग ज्ञान सम्पन्न होते हैं किंतु, शील सम्पन्न नहीं होते। कुछ लोग शील सम्पन्न होते हैं, किंतु, ज्ञान सम्पन्न नहीं होते। कुछ लोग ज्ञान सम्पन्न भी होते हैं और शील सम्पन्न भी होते हैं। कुछ लोग न ज्ञान सम्पन्न होते है और न ही शीत सम्पन्न होते हैं। जैन तेरापंथ धर्मसंघ की शासनमाता, महाश्रमणी संघ महानिर्देशिका, असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी ज्ञान सम्पन्न भी थे और शील सम्पन्न भी थे। वे तेरापंथ धर्मसंध की आठवीं साध्वी प्रमुखा थी। असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी का जन्म एक साधारण बालिका की तरह वि. सं. 1998 श्रावण कृष्णा त्रयोदशी के दिन कोलकाता में हुआ। उनकी माता का नाम छोट देवी व पिताजी का नाम सूरजमलजी बैद था। उन्होंने मात्र 15 वर्ष की उम्र में अध्ययन हेतु पारमार्थिक शिक्षण संस्था में प्रवेश किया। चार वर्ष अध्ययन के पश्चात् अणुव्रत अनुशास्ता राष्ट्रसंत आचार्य श्री तुलसी के मुखकमल से राजस्था...