*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 5️⃣7️⃣ 💫 281) जहां अध्यात्म बल बलवान होगा वहां वहां कर्म कमजोर होंगे.! 282) पुण्य के उदय को हितकारी कैसे बनाना वह प्रदेशी राजा के जीवन से सीखें.! 283) आत्मार्थी बनना ही जीवन की सफलता हैं..! 284) दुःख का एक स्वभाव हैं जो उसको सहर्ष आमंत्रित करता है वहां अधिक समय नहीं टिकता.! 285) परिणत जीव सहनशक्ति संपन्न प्रतिकूलता में प्रसन्न अनुकूलता में गंभीर होता हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *शासन सेवी, वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर
Sagevaani.com /माधावरम्: श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ माधावरम् ट्रस्ट, चेन्नई के तत्वावधान में तेरापंथ के आध्यप्रवर्तक आचार्य श्री भिक्षु के 222वें चरमोत्सव पर 16 सितम्बर सोमवार शाम को साध्वी गवेषणाश्री के सान्निध्य में ‘अभ्यर्थना एक क्रांति की’, एक शाम भिक्षु के नाम भव्य धम्मजागरणा का आयोजन किया गया है। प्रबंधन्यासी घीसूलालजी बोहरा ने कहा कि इस भक्ति संध्या में सुमधुर गायक देवीलालजी पितलिया- बैंगलोर, ऋषभजी आंचलिया- तिरुपुर और रितुजी दक- मंड्या अपनी स्वरलहरी से वातावरण को श्रद्धा से सरोबर कर देगें। मंत्री पुखराज चोरडिया ने बताया कि रमेशचन्द, जितेन्द्रकुमार, हृधान, ध्यान आंचलिया- तिंडीवनम, चेन्नई, पादुकला परिवार के प्रायोजकत्व में इस भव्य धम्मजागरणा का कार्यक्रम समायोजित होगा। ट्रस्ट बोर्ड के साथ तेरापंथ युवक परिषद् इस आयोजना में सलग्न बना हुआ है। समाचार सम्प्रेषक : स्वरूप चन्द ...
समय के धड़कन को पहचाननेवाला आदमी सफल होता है! समय सबसे बड़ा शिक्षक है- डॉ. राज श्री जी त्रुष्णा मोहका उत्पति स्थान है! मोह है वहॉं त्रुष्णाहै, त्रुष्णा है वहॉं मोह है – डॉ. मेघाश्री जी। आकुर्डी स्थानक मे आज पुच्छिसुणं स्तोत्र के पॉंचवे गाथा का संपुट हुआ! 15 वर्ष से छोटे उम्र के बच्चे जिन्होंने पर्यषण पर्व दरम्यान तप आराधना की थी उन्हें श्री संघ द्वारा सन्मानीत किया गया! 24 बियासन, 12 एकासन,11 उपवास की आराधना इन बच्चों ने की! महासाध्वी से प्रेरणा ली और पाठशाला में पढ़ाने वाली अध्यापिका मनिषा जैन, पलल्वी नहार, सारिका ओस्तवाल, सोनल सोनी ने इनका मनोबल बढ़ाया! प्रवचन मे साध्वी व्रुंद ने बताया नैतिक मुल्योका पतन बड़ी गतीसे घेर रहा है! संय्यम द्वारा त्रुष्णापरविजय प्राप्त कर सकते हो! हर एक ने सम्यक द्रुष्टी के भाव रखने चाहिये! हर एक ने चिंतन करना चाहिए आयुष्य कितना छोटा है! स्थिर होकर समय क...
*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 5️⃣6️⃣ 🪔 276) भ्रम से मुक्ति ही धर्म का उद्देश्य एवं सफलता हैं.! 277) पापकार्य से दुख एवं पुण्य से अनुकूलता मिलती हैं धर्म से पुण्य,अधर्मसे पापबंध..! तो आप क्या अपनाओगे.? धर्म या पाप..? आपके जवाब से आपका स्तर तय होगा.! 278) वर्तमान में समत्वपूर्वक दुख सहन करेंगे तो भविष्य के आर्तध्यान से मुक्ति मिल जावेगी…! 279) ज्ञानशून्य क्रिया सात्विक नही हो सकती.! 280) परमात्मा पधारेंगे तो पाप स्वतः चले जायेंगे.! जैसे सूर्य के आगमन से अंधेरा विलीन हो जाता हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर
*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 5️⃣5️⃣ ⚡ 271) स्मृति के पाप सातवीं नर्क तक ले जा सकते है..! 272) मानव भव की महिमा पाप त्याग से हैं.! 273) वीतराग का धर्म वीतराग बनने के लिए हैं.! रागवान बनने के लिए नही.! 274) समकित वासित भावधारा के बल से अनंत पुद्गल परावर्तन में संचित कर्मो का पल में नाश हो जाता हैं.! 275) क्रिया कितनी भी श्रेष्ठ शुद्ध विधिसंपन्न हो लेकिन मन में मलिनता है तो कोई सार नही है ऐसी क्रिया का.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर
!जयआत्मानन्द-देवेन्द्र-शिव-महेन्द्र! जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष्य *मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर* नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाणा के आर्शिवाद से मंगलवाड़ के *नितिन जी रांका के पुत्र ऋषि रांका जो 14 साल का छोटा सा बालक जो गुरु भक्ती मे 9 की तपस्या करी* 🙏 आज ऋषि जी रांका के 9 की तपस्या का पारणा हुआ 🙏🖊️ तप के सेवन से ही देह की ममता का त्याग, रसना जय व कषाय जय से कर्म क्षय होता है। कर्मक्षय से आत्मा शुद्ध आत्मा बन अजरामर मुक्ति प्राप्त करती है। 🙏🖊️
Sagevaani.com /चेन्नई: साधना के मार्ग पर बढ़ने के लिए कषाय मुक्ति जरूरी है। अन्य दोस्त, सम्बंधी कुछ समय, वर्ष या जन्मों के हो सकते है, लेकिन कषाय अनन्त काल से, जन्मों से हमारे साथ बंधा हुआ है, दोस्त बना हुआ है। उसके कारण हम अपने आत्म स्वरूप को नहीं पहचान पाए। उपरोक्त विचार आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री हिमांशुकुमारजी ने तेरापंथ सभा भवन, साहूकारपेट में ‘कषाय मुक्ति’ प्रवचनमाला के अन्तर्गत धर्मपरिषद् को कहें। मुनिश्री ने कहा कि कषाय के चार प्रकार में अनन्तानुबन्धी (कोध्र, मान, माया, लोभ) भव भम्रण को बढ़ाता रहता है। सम्यक्त्व की प्राप्ति नहीं होती है। अप्रत्याख्यानी कषाय में व्यक्ति गलती को जानता है, मानता है। फिर भी वह त्याग नहीं कर पाता। श्रावक नहीं बन पाता। तीसरे प्रत्याख्यानी कषाय में वह कुछ त्याग करता है और चौथे संज्वलन कषाय में व्यक्ति साधु बनकर पूर्ण कषायों से ...
आज ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन, राजस्थान पत्रिका, एक्सनोरा इंटरनेशनल द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी देने के लिए श्री सुराना जैन विद्यालय पार्क टाउन में आयोजन किया गयाl मुख्य अतिथि डाक्टर टी जी श्रीनिवासन हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने स्वस्थता के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि, इस तरह सभी विद्यार्थियों को इस अभियान द्वारा दी गई। जानकारी का पालन करना चाहिए स्कूल की प्रधान अध्यापिका ससिकला ने स्वागत भाषण के साथ पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देते हुए सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि इस और ध्यान देना हमारा कर्तव्य है। इस मौके पर नॉर्थ चेन्नई सचिव फतेहराज जैन ने स्वस्थता के कई गुणों की जानकारी देते हुए कहा कि हमे अपने घर, स्कूल, ऑफिस, सार्वजनिक जगह कही पर भी पानी का जमाव ना होने दें जीस से मच्छर पैदा हो ओर कई तरह की बीमारियां हो बिना जरू...
अहंकार लेकर परमात्माकी भक्ति नहीं की जा सकती, श्रध्दा विनम्रता से भक्ति हो सकती! जन्म के साथ आयी वस्तु है श्रध्दा! – साध्वी डॉ. मेघा़श्री जी आकुर्डी स्थानक भवन मे आज “ पुच्छिसुणं” जाप का चौथे अध्याय का संपुट हुआ! “ श्रध्दा” विषयपर जिनवाणी सुनाते वक़्त डॉ. मेघा़श्री जी ने श्रध्दा के दो प्रकारों की अंधश्रध्दा एवं सम्यक श्रध्दा की विस्तृत जानकारी दी! श्रध्दा रुपी बाती मे ज्ञानरुपी तेल से ज्ञानप्रकाश मिलता है! आज रितेश जी डुंगरवाल के 9 उपवास के प्रत्याख्यान हुये! रितेश जी का सन्मान तपस्या के बोली से हुआ ! संघ द्वारा रजत मुंद्रा दे उन्हें गौरन्वित किया और जैन सोशल ग्रुप पुना सेंट्रल के 45 धर्मप्रेमी भाई बहन अध्यक्षा श्रीमती मधुमती चोरडीया, निवर्तमान अध्यक्षा मंगला जी टाटीया एवं विहार सेवक रविंन्द्र जी बलाई के नेत्रुत्व मे दर्शनार्थ पधारे! डॉ. मेघा़श्री जी एवं डॉ. राज श्री जी का उद् बोधन एवं मां...
31वें विकास महोत्सव का हुआ आयोजन Sagevaani.com /चेन्नई: युवामनीषी आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी डॉ गवेषणाश्री जी के सान्निध्य में तीर्थंकर समवसरण, जैन तेरापंथ नगर, माधावरम्, चेन्नई में 31वें ‘विकास महोत्सव’ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्री जी ने कहा कि विकास उद्धर्वारोहण की प्रक्रिया है। बीज का विकास बरगद है। मंजिल का विकास उसकी नींव है। नींव कमजोर हो तो विकास का सपना व्यर्थ है। आचार्य भिक्षु ने बीज बोया, उसे पल्लवित करने में अनेक आचार्यों का योगदान रहा है। तेरापंथ धर्मसंघ ने अकल्पनीय सर्वांगीण विकास किया। उसमें आचार्य श्री तुलसी का श्रम, प्रेरणा और प्रोत्साहन आधार बना। लक्ष्य की ओर गतिशील रहना ही विकास है। साध्वी श्री मयंकप्रभाजी ने कहा कि जिसके पास कर्मजाशक्ति, निर्णयशक्ति, इच्छाशक्ति और पुरुषार्थशक्ति हो तो वह विकास के चरम शिखर पर पहुंच...
Sagevaani.com /चेन्नई: श्री माजीसा भक्त मण्डल, चेन्नई के तत्वावधान में 15वीं बार एक शाम माताराणी भटियाणी सा के नाम, साहुकारपेट स्थित श्री कनिका परमेश्वरी कालेज में शनिवार 14 सितम्बर को बड़े धुमधाम से मनाई जाएगी। कार्यकर्ता शक्तिसिंह सोढा ने बताया कि शनिवार दोपहर 03:30 बजे शोभा यात्रा माजीसा धाम, सुन्दर मुदळी स्ट्रीट से प्रारम्भ होकर श्रीकनिका परमेश्वरी कालेज जाएगी। उसी शनिवार की शाम 06:00 बजे से 12 बजे तक विराट भजनों का समागम जागरण कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में राजस्थान के सुप्रसिद्ध कलाकार सोनु सिसोदिया एंड पार्टी, गायक कलाकार मुकेश कुमार, झांकी रामू लरके, मंच संचालन डार्विन शर्मा चेन्नई होंगे। लक्ष्मीनारायण, कैलास शर्मा, किशन माली, शक्तिसिंह इत्यादि अनेकों कार्यकर्ता इस समायोजन की तैयारी में लगें हुए हैं।
*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 5️⃣4️⃣ ⚡ 266) बिना ज्ञान की क्रिया कभी भी छूट सकती हैं.! 267) दुरुपयोग करोगे तो प्राप्ति दुर्लभ हो जाएगी.! मन के गलत उपयोग से समुर्छीम अवस्था प्राप्त होती हैं.! 268) जितनी चिंता संतानों के केरियर की होती है उतनी केरेक्टर की नही.! पछताना नही चाहते तो अधिक से अधिक समय एवं प्रयास केरेक्टर निर्माण में लगाना चाहिए.! 269) हम जैन होकर वीतराग के सिद्धांत को समझकर आचरण में नही उतारेंगे तो दूसरों को कैसे समझा पाएंगे.! 270) पुण्य के साथ धर्मकरणी नही है तो पुण्य डुबानेवाल बनेगा.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर