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तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, चेन्नई का शपथ ग्रहण समारोह समायोजित

श्रीमती बबीता चोपड़ा अध्यक्ष एवं श्री जयेश डागा बने मंत्री Sagevaani.com /माधावरम्, चेन्नई : आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा- 4 के सान्निध्य में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) चेन्नई की नवगठित टीम का शपथ ग्रहण समारोह तीर्थंकर समवसरण, जैन तेरापंथ नगर में समायोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वीश्रीजी के नवरात्र अनुष्ठान द्वारा हुई। अध्यक्ष श्री प्रसन्न बोथरा ने स्वागत स्वर प्रस्तुत करते हुए अपने 2 वर्षीय कार्यकाल में मिले सभी के सहयोग, सहकार के लिए साधुवाद देते हुए नवगठित टीम के प्रति शुभकामनाएँ संप्रेषित करते हुए हर संभव सहयोग के साथ पदभार हस्तांतरण किया। टीपीएफ साउथ ज़ोन अध्यक्ष श्री विक्रम कोठारी ने तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम की गतिविधियों के बारे में प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार संकलेचा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए नवगठित टीम को शपथ दिलाई।...

निज पद में  स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣1️⃣ 🤍 *401)* निज पद में स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना..! नवपद सानिध्य में रहेंगे तो दोषों से सुरक्षित रहेंगे.! *402)* *_नवपद_* *_आराधना से_* *_सिद्धों के परिवार में_* *_प्रवेश प्रशस्त होता है.!_* *403)* वही दोषमुक्त बनेगा, जो दोषदृष्टि को छोड़ेगा.. *404)* *जितनी विशाल भावना* *उतना भव्य पुण्योदय होगा.!* *405)* शासन की उपासना के बिना कर्ममुक्ति असंभव है इसलिए परमात्मा की भावना सवि जीव करूं शासनरसी हैं.! *(श्री ओलीजी पर्व प्रवचन)*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*  

जैन धर्मामध्ये नवपदाला खूप अनन्य साधारण महत्व-साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी

दिपावलीत रांगोळी आणि मंदिर व होली आदी जसे महत्वपूर्ण आहेत, अगदी तशाच प्रकारे जैन धर्मात सुध्दा नवपद खूप महत्वाचे मानले आहे. आपल्यासुध्दा श्रीपाळ सारखं आयुष्य मिळावं, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, दिपावलीत रांगोळी आणि मंदिर व होली आदी जसे महत्वपूर्ण आहेत, अगदी तशाच प्रकारे जैन धर्मात सुध्दा नवपद खूप महत्वाचे मानले आहे, असे सांगून त्यांनी आपला मोर्चा श्रीपाळच्या कहाणीकडे वळवला. त्या म्हणाल्या की, आपल्यासुध्दा श्रीपाळ सारखं आयुष्य मिळायला हवं, कोड असूनही तो नस्तानाबूत करण्याची शक्ती ...

नवकार महामंत्र गुणवान आणि गुणकारी आहे -साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा.8

Sagevaani.com /जालना: नवकार हा मंत्र नुसता मंत्रच नाही तर तो खर्‍याअर्थाने महामंत्र आहे. एमडब्लू गाडीमध्ये आज कोणाला बसू वाटत नाही, परंतू ज्यातच मनवफकार आहे तो महामंत्र ज्यांच्याकडे आहे त्याला अशा कारची गरजच नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. नवकार या गितावर आधारीत पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, आपल्याकडे श्रध्दा असायला हवी. मग कोणीही काहीही करु देत आपल्याला काहीही होत नाही आणि होणार नाही, मात्र ज्याकडे श्रध्दा नाही, अशांचा आत्मा परमात्मा कसा काय बनेल? एक कार आपल्याला आपल्या हव्या ठिकाणी पोहचू शकते, अगदी अशाच ...

लायन्स क्लब मीनमब्बाकम ने किये असाध्य रोगग्रस्त बच्चों के सपने साकार

Sagevaani.com /चेन्नई: 8 अक्टूबर मंगलवार को लायन्स क्लब मीनमब्बाकम ने मेक ए विश फाऊंडेशन के सहयोग से करीबन 55 चयनित असाध्य रोग ग्रस्त बालक- बालिकाओं को उनकी ईच्छानुरुप सामग्री प्रदान कर उनके सपनों को साकार किया।  इस आयोजन को एग्मोर स्थित अशोका होटल में अति उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ प्रस्थित किया गया। इसमें स्वप्नार्थियों के पारिवारिक अभिभावकगण भी साक्षी बने। क्लब के जोशिले एवं दूरदृष्टिधारक, हीरक जयंती वर्ष के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने समागत महानुभावों का अपनी प्रखर अभिव्यक्ति से अभिवादन कर स्वागत किया।  मुख्य अतिथि लायन्स इन्टरनॅशनल डिस्ट्रिक्ट 324 K के गवर्नर श्री मुरगेशकुमार अपनी पुरी टीम के साथ आयोजन मे सम्मिलित हुए। अपनी अभिव्यक्ति मे आपने इस अनुठे कार्यक्रम के संपादन हेतु लायन्स क्लब मीनमब्बाकम की भूरि भूरि प्रशंसा की। क्लब द्वारा प्रदत्त ईच्छापूर्ति सामग्री मे टीवी, लॅपटॉप, बॅटरी ...

गुणानुवाद सभा का आयोजन

आज उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सर्व धर्म दिवाकर भारत संत गौरव श्री पीयूष मुनि जी महाराज के स्वर्ण जयंती वर्ष प्रवेश के उपलक्ष्य में गुणानुवाद सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। चतुर्विध संघ ने गुरू चरणों में अपने भाव रखे।प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज की आज्ञा से सकल समाज द्वारा गुरूदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज को श्रुत वारिधि की उपाधि से अलंकृत किया गया। गुरूदेव को जन्म जयंती पर सकल समाज की और से हार्दिक बधाई।

बैंगलुरु से भीलवाड़ा गुरू दर्शन यात्रा

प्रातः स्मर्णीय युग निर्माता, प्रतिपल वन्दनीय उत्तक्रांती प्रदाता परम पूजनीय आचार्य प्रवर श्री 1008 श्री रामलाल जी म. सा.बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेशमुनि जी म.सा. आदि ठाणा एवं महासतीयाजी के दर्शनार्थ एवं बंगलोर से मुमुक्षु कु. जिया जी कोठारी 18-वर्ष (सुपुत्री:- श्री मती कविता जी, श्री मान प्रकाशजी सा कोठारी) सुपौत्री (श्री मति मंजुबाई जी श्री प्यारेलाल जी सा कोठारी) बैंगलोर, देवगढ निवासी की जैन भागवती दीक्षा अनुमोदना हेतु भीलवाड़ा, बड़ी सादड़ी, ब्यावर एवं जयपुर में सेवा दर्शनार्थ श्री संघ मेवाड़ की पावन धरा गत दिनाँक 03/10/24 से 08/10/24 तक गया था। गुरु दर्शन यात्रा सयोजक ललित खिंवसरा के नेतृत्व में प्रवीण बोथरा, एवंत कंकरिया, प्रियंका कोठारी। इनके अलावा हर्षुल सोनी, संपत दक, कमलेश गांधी, सुशील पींचा, विजय कोठारी, मोहित रांका एवं अन्य युवा साथियों ने साथ मिलकर गुर...

भयभीत साधक की साधना फलीभूत नही होती

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣0️⃣ ☘️ 396) *भयभीत* *साधक की साधना* *फलीभूत नही होती.!* 397) जिसको जंजीर बंधनरूप नही लगती, वह उससे मुक्त होने का पुरुषार्थ कभी नही करेगा.! 398) *देह के दुख को* *देह में ही रहने दो,* *उसे आत्मा का* *बोझ मत बनाओ.!* 399) एक्सन का रिएक्सन अवश्य होगा, विभाव का एक्सन हैं तो बंधन का रिएक्सन भी होगा.! 400) *प्रवृत्ति की अहिंसा* *परिणामों में प्रगट हो* *यही धर्म की सफलता हैं.!*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*    

भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो आपल्या मदतीस धावून आल्याशिवाय राहणार नाही-साध्वी हर्षप्रज्ञा

जालना : हमारी प्रार्थना निरंतर चल रही है। यह चक्कर काटकर आगे बढ रहे है!! परंतु एवढ्यावरच आपले समाधान आहे काय? तर मुळीच नाही, म्हणूनच भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो आपल्या मदतीस धावून आल्याशिवाय राहणार नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. ये जीवन में सावन आयेगा, खुशियोंसें जीवन फुलेगा!! या गितावर आधारीत पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, हमारी प्रार्थना निरंतर चल रही है। यह चक्कर काटकर आगे बढ रहे है!! परंतु एवढ्यावरच आपले समाधान आहे काय? तर मुळीच नाही, म्हणूनच भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो ...

खुली पुस्तक परीक्षा

दिनांक 6 अक्टूबर 2024 चेन्नई श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु ने धार्मिक खुली पुस्तक परीक्षा स्वाध्याय भवन, चेन्नई व अनेक केन्द्रों मे आयोजित की |   चेन्नई : श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान मे श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु के सुसंचालन मे अखिल भारतीय श्री जैन रत्न युवक परिषद् द्वारा अखिल भारतीय श्री जैन रत्न आध्यात्मिक शिक्षण बोर्ड की कक्षा एक से चार तक की पुस्तक की “खुली पुस्तक परीक्षा” स्वाध्याय भवन – साहूकारपेट, स्वाध्याय भवन, किलपाक, पुनमल्ली, तिरुवन्नामले, के एल पी अपार्टमेंट, नंगनल्लूर, ताना स्ट्रीट, वेल्लूर, आवडी, पोलूर मे आयोजित की गई |   परीक्षा के आयोजन मे श्रावक संघ, श्राविका मंडल एवं युवक परिषद तमिलनाडु के पदाधिकारियों एवं अनेक सदस्यों की सेवाओं व प्रयासों के परिणाम स्वरुप तमिलनाडु के नौ केन्द्रों में 220 परीक्षार्थियों ने स...

शुध्द आराधना मोक्ष का मार्ग दिखाती है

शुध्द आराधना मोक्ष का मार्ग दिखाती है। ज्ञान का बोध प्राप्त करना है तो साधु- संतोंका समागम आवश्यक है – डॉ. राज श्री जी म.सा. श्रुत ज्ञान अज्ञान का क्षय करता है! श्रुत ज्ञान याने सम्यक् ज्ञान का बोध! केवलज्ञान अनमोल ज्ञान है! स्वाध्याय करनेसे कर्म का ज़हर उतर जाता है! साधुकी साधकता अपने अंदर होती है! साधकता की पुजा होती है! हम सभोको आत्माके अंदर ज्ञाता दिप जलाना है! ज्ञान नहीं तो दान देना निरर्थक है, फल की कामना भी निरर्थक है! यदि हमे मनके सिंहासन पर राम को बैठाना है तो रावण रुपी विकारों को हटाना होगा ! डॉ. मेघाश्री जी ने अपने उद् भोदन मे AEIOU का विश्लेषण कर A-Anger क्रोध को खत्म करो E-Ego – अहंकार, क्रोध को मिटाना है! I- Idiot बदमाशी, शैतन्य को मिटाना है! मानव प्रव्रुति सहकार प्रव्रुति है! O-Observation निरिक्षण! हमें आत्म निरींक्षण करना है! U-Useful हमें मददगार , सहाय्यक बनना...

इंद्रियों के विषयों के प्रति विराग ही शील है

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   7️⃣9️⃣ 🌼 🧘‍♂️ इंद्रियों के विषयों के प्रति विराग ही शील है… 🛑 कोई साधक महा विद्वान है, शास्त्रो का ज्ञाता है,, प्रतिबोध प्रवचन कुशल है लेकिन शील, सदाचार संपन्न नही है तो इन्द्रियों के विषय उसके ज्ञान को नष्ट निष्फल विकृत कर देंगे.! 🪔 यदि सदाचार से, चारित्र से विशुद्ध बना अल्पज्ञान हो तो भी महान फलदायक है.! शीलधर्म मोक्ष की सीडी है.! 💛 अहिंसा,जीवदया शक्ति, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य,संतोष,समकित ज्ञान एवं तप आदि गुण शील के पारिवारिक सदस्य है.! *📚श्री शील प्राभृतम्📚*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*

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