*☀️प्रवचन वैभव☀️* *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 7️⃣9️⃣ ⚡ 391) बेहोशी से बाहर आना ही साधना का उद्देश्य हैं.! 392) सभी क्रिया, शास्त्र,श्लोक आत्मा को स्वदेशकी दिशामें ले जातें हैं लेकिन उद्देश्य स्वलक्षी हो तो.! 393) पदार्थो की परिणति जिसके अंतर में न हो वह साधक मार्गस्थ है.! 394) जागृति रहोगे तो सुरक्षित रहोगे… 395) विकारों का पवन आत्मा को स्वभाव से विचलित करता हैं लेकिन आत्मा चाहे तो विभाव की खिड़की बंध करके विकारों को रोक सकता है.! *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
“समाजभुषण” राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष जी ललवाणी सन्मानित ! सुर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन्स बन्सी-रत्न वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा गया नवाज़ा! पुनाः अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत “ सुर्यदत्ता” एज्युकेशन फ़ाउंडेशन द्वारा रजत वर्ष के सुअवसरपर “बन्सी-रतन” वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा आज विविध पुरस्कारोंसे मान्यवरोंको सन्मानीत किया गया! सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र मे विविध सन्मानो से सन्मानीत ज्येष्ठ समाजसेवी सुभाषजी ललवाणी को “ समाज- भुषण” इस राष्ट्रीय पुरस्कारसे आचार्य पु. लोकेशमुनीजी म.सा., सुर्यदत्ता के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजयजी चोरडीया,प्रसिध्द उद्योजक विठ्ठलसेठ मनियार,प्रसिध्द गायक एवं कलाकार अबु मलिक, एअर मार्शल ( रिटायर्ड) भुषण जी गोखले , बी के दशरथ भाई वरिष्ठ राजयोग शिक्षक ब्रम्हाकुमारी , सुषमाजी चोरडीया आदि मान्यवरों के करकमलो द्वारा स्म्रुति चिन्ह, ...
श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु ने तपस्वी जितेन्द्रमुनिजी की 53 की तपस्या के अनुमोदन मे भक्ति दिवस मनाया | आज रविवार 6 अक्टूबर 2024 को आचार्य श्री हीराचन्द्रजी म.सा भावी आचार्य श्री महेन्द्रमुनिजी म.सा के सुशिष्य तपस्वी श्री जितेन्द्रमुनिजी म.सा की 53 उपवास की तपस्या के अनुमोदन को भक्ति दिवस के रुप मे श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान मे श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के सुसंचालन मे स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट,चेन्नई मे भक्ति दिवस के रुप मे मनाया| युवक परिषद् के सचिव महावीरजी कर्णावट ने संचालन करते हुए गुणगान किए और श्राविका मण्डल से भक्ति कार्यक्रम करने हेतु श्रीमती शशिजी कांकरिया को आमंत्रित किया | मंगलाचरण व भक्ति दिवस कार्यक्रम की रुपरेखा शशिजी कांकरिया ने रखी | श्री विनोदजी जैन व मनीषजी जैन ने क्रमशः तपस्वी मुनिश्री के चरित्रमय जीवन व वैराग्यमय मुक्तक प्रस्तुत...
सुखी बनो, संपन्न बनो, विजयी बनो- कृत्तियों में है जीवन दर्शन के सूत्र छत्तीसगढ के तीन ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालयों का रहा तत्वावधान एवं सहभागिता Sagevaani.com / रायपुर: अणुव्रत समिति, रायपुर की आयोजना में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख विश्वविद्यालय पं. रविशंकर प्रसाद शुक्ल विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय व कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान श्री भगवत गीता एवं उत्तराध्ययन सूत्र आधारित आचार्य श्री महाश्रमणजी की कृत्तियों पर “साहित्य समीक्षात्मक संगोष्ठी” का आयोजन रविवार को पटवा भवन, टैगोर नगर, रायपुर में आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री सुधाकरजी के सान्निध्य में किया गया है। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दुजी सक्सेना व विशिष्ट अतिथि विद्या भारती संस्थान के श्री विवेक सक्सेना ने भ...
आज मंगलवाड चौराहे में *मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनिषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा (करूणाकर)* आदि ठाणा के सानिध्य में खुब संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने धर्म-ध्यान तप-त्याग दया ऐकासन व दान पुण्य कर के श्रमण संघीय द्वितीय पट्टधर आचार्य सम्राट श्री आनन्दऋषि जी म.सा. के सुशिष्य एवं वर्तमान आचार्य ध्यानयोगी डा. श्री शिवमुनि जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती *आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि, श्रमण संघ के आन, बान, शान भावी अनुशास्ता युवाचार्य प्रवर पूज्य श्री महेन्द्र ऋषि जी म.सा* का 58 वें पावन जन्मोत्सव मनाया व गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा द्वारा तमाम मेवाड़ के श्रावक श्राविकाओं को खुब खुब धर्म ध्यान करने का सदेस दिया गया व कई संख्या में प्रत्याख्यान भी हुए गुरुदेव ने बताया की युवाचार्य भगवंत सदैव हसमुख व मिलनसार रहते है आपने बहोत ज्यादा उग्र विहार करके सभी श्रावक श्राविकाओं को संभाला है...
संस्कार आचरण से आते है! गुरु सानिध्य मे संय्यम का मार्ग मिलता है ! मुझ जैसे पौधे को गुरुभगवंतो ने संभाला! – युवाचार्य पु. महेंन्द्र ऋषिजी म.सा. आज एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर चेन्नई में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन महासंघ तमिलनाडु के तत्वावधान में श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज का 58वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर खरतरगच्छीय गणिवर्य मनीषप्रभ सागरजी, उपप्रवर्तिनी कंचनकंवर जी, महासती डॉ. प्रतिभाश्रीजी, महासती राजमतिजी का सान्निध्य भी मिला। इस दौरान मुनिश्री हितेंद्र ऋषिजी ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि युवाचार्यश्री भले ही युवाचार्य बन गए हैं लेकिन वे जीवन में सरलता, सहजता लिए हुए है। जब मैं वैराग्य में आया तब युवाचार्य भगवंत ने कहा मुझे गुरुदेव नहीं पुकारना है, गुरुदेव तो आचार्य आनंद ऋषिजी ही होंगे। उन्होंने कहा महापुरुषों की विशेषता है कि वे कोई कार्य पी...
Sagevaani.com /चेन्नई: अमृतवाणी विभाग द्वारा तेरापंथ समाज की प्रतिभाओं को आगे लाने के उद्देश्य से देशभर में ‘स्वर संगम- संगीत प्रतियोगिताओं’ का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वर संगम 2024 के लिए प्रतिभावान गायक कलाकारों की गायकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग मंगवाई गई। चयनित कलाकारों को देश के चार भागों में उनके स्थानीय क्षेत्र के आधार पर विभाजित किया गया। चयनित कलाकारों का देश अलग-अलग भागों में क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसी क्रम में चेन्नई में दक्षिण क्षेत्रीय प्रतिभागियों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन तेरापंथ भवन, ट्रिप्लीकेंट में आयोजित हुआ। सभी दसों प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रस्तुतीकरण किया। निर्णायक श्री कुलदीप सागर, श्री अशोक कोठारी, श्रीमती सुषमा भटेरा के निर्णयानुसार 1. सुश्री खुशी कठोतिया, हैदराबाद 2. सुश्री महक भंसाली चेन्नई...
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* *🪷प्रवचन प्रवाहक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *☀️प्रवचन वैभव☀️* ⚡ 7️⃣6️⃣ 376) लीडर सजग होता हैं प्रमाद मग्न नही.! 377) समकिती प्रतिकूल समय में दुख पीड़ा के समय में कभी आर्तध्यान नहीं करता.! 378) समकिती दुख से नही दोष से व्यथित होता हैं.! 379) समकिती में दोष हो सकते है, लेकिन वह कभी भी दोष के पक्ष में नही रहता.! 380) प्रभुपूजा के लिये नही प्रभु मिलन के लिये जाना, बिना मिलन की पूजा से मोक्षप्राप्ति असंभव हैं.!
आज मंगलवाड चौराहे में मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनिषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा (करूणाकर) आदि ठाणा के सानिध्य में खुब संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने धर्म-ध्यान तप-त्याग दया ऐकासन व दान पुण्य करके श्रमण संघीय द्वितीय पट्टधर आचार्य सम्राट श्री आनन्दऋषि जी म.सा. के सुशिष्य एवं वर्तमान आचार्य ध्यानयोगी डा. श्री शिवमुनि जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि, श्रमण संघ के आन, बान, शान भावी अनुशास्ता युवाचार्य प्रवर पूज्य श्री महेन्द्र ऋषि जी म.सा का 58 वें पावन जन्मोत्सव मनाया व गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा द्वारा तमाम मेवाड़ के श्रावक श्राविकाओं को खुब खुब धर्म ध्यान करने का सदेस दिया गयाl कई संख्या में प्रत्याख्यान भी हुए गुरुदेव ने बताया की युवाचार्य भगवंत सदैव हसमुख व मिलनसार रहते है आपने बहोत ज्यादा उग्र विहार करके सभी श्रावक श्राविकाओं को संभाला है l साथ...
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* *🪷प्रवचन प्रवाहक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 7️⃣5️⃣ 371) आत्म वैभव को सुरक्षित रखना हैं, तो घर्षण में मत उतरो.! 372) गंभीरता पद का गौरव है, चंचलता पद भैरव है.! 373) विचार व्यवहार में आर्त रौद्र ध्यान हैं, तो दुर्गति निश्चित हैं.! 374) समय का सम्मान अर्थात कल्याण का सम्मान.! 375) सहज सरलता से सर्वस्वीकार का भाव आत्मस्थ हो जाए तो निर्बंधदशा सहज प्रगट होगी.!
युवाचार्य श्री पु. महेंन्द्रऋषिजी के 58वे जन्मोत्सव पर शुभकामना देने पहुँचा आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ का विश्वस्त मंडल! आज चेन्नई जैन महासंघ के प्रांगणमे चातुर्मासार्थ विराजमान युवाचार्य श्री जी पु. महेंन्द्रऋषिजी म.सा. पु. हितेंन्द्र ऋषिजी म.सा. पु. धवलऋषिजी म.सा तथा उपप्रवर्तिनी,आनंद श्रमणीरत्ना पु. कंचनकुंवरजी म.सा. आदि ठाणा 6 के दर्शनार्थ, प्रवर्चनार्थ एवं युवाचार्य भगवंतको 58वे जन्मदिनकी शुभकामना देने हेतु आ.नि.प्रा. श्री संघ के संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी के नेत्रुत्व में विश्वस्त मंडल एवं महिला मंडल पहुँचा! श्री संघद्वारा शुभकामना देते वक्त सुभाषजीने युवाचार्य श्री जी को जन्मोत्सवकी भेंट देनेके बजाय भेंट लेने श्री संघ पहुँचा कर बताते हुये चातुर्मास आकु्र्डी श्री संघ में चातुर्मास करनेकी भेंट मॉंगी! चेन्नई महासंघ के सभी पदाधिकारी गण की आयोजन नियोजन की सराहना की! संघ द्वारा शार...
जालना : जन्म घेणे हे आपल्या हातात नसले तरीही आपण ज्यासाठी जन्माला आलो, हे आपल्याला कळायला हवे. परंतू मनुष्य देह हा असा आहे की, त्याला जे उगमत नाही, तेच तो करु लागतो, म्हणूनच तो परमात्मा बनू शकत नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आजही संघामध्ये साध्वी प. पू. अर्हतज्योतीजी म. सा. यांनी विविध प्रकारचा जाप केला. पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, कोणी कोठे जन्म घ्यावा, हे आपल्या हातात नाही. कोणी सधन कुटूंबात तर कुणी गरीब कुटूंबात जन्माला येतो. परंतू ही सारी भगवंताची लिला समजावी, जन्म घेणे हे आपल्या हातात नसले तरीही आ...