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साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांचा 51 वा दिक्षा दिवस संघात उत्साहात साजरा

Sagevaani.com /जालना: साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांचा 51 वा दिक्षा दिवस आज श्री. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघात उत्साहात साजरा करण्यात आला. यावेळी देशभरातून भक्तगण उपस्थित होते. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांंचा दिक्षा दिवस उत्साहात साजरा करण्यात आला. प्रारंभी शुभेच्छापर साध्वी गुरुछायाजी म. सा. यांनी मार्गदर्शन केले. त्यांनी आपल्या मार्गदर्शनातून साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांच्या सानिध्यातील आपल्या दिवस कसे जात आहेत, हे सांगितले. त्यानंतर साध्वी प. पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी मार्गदर्शन केले. त्यांनी त्यांच्या नावातील तीन एस बद्दलची माहिती विषद करुन सांगितली. त्यानंतर राज्यातून तसेच परराज्यातून आलेल्या भक्तांनी आपल्या भावना त्यांच्याप्रती व्यक्त केल्या. यावेळी साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनीही उपस्थितांचे आभार व्यक्त...

गुरुदेव के आशीर्वाद से यह चातुर्मास सफल रहा – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में कृतज्ञता ज्ञापन दिवस हुआ आयोजित वर्धमान स्थानकवासी जैन महासंघ तमिलनाडु के तत्वावधान और युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज के सान्निध्य में रविवार मध्याह्न कृतज्ञता ज्ञापन दिवस आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महासंघ के अध्यक्ष सुरेश लुनावत ने सबका स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबने चातुर्मास को सफल बनाने में हमारा साथ निभाया है। उन्होंने युवाचार्यश्री से आग्रह किया कि आचार्य पद ग्रहण करने के बाद पहला चातुर्मास हमारे संघ को प्रदान करें। उन्होंने कहा मैं इस चातुर्मास में अपने पिताजी का सपना पूरा होते हुए देख रहा हूं। युवाचार्यश्री ने इस मौके पर संक्षिप्त में कहा कि गुरुदेव आचार्य आनंद ऋषिजी का आशीर्वाद रहा है, जिस कारण यह चातुर्मास सफल हुआ है। श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंदमल छल्लाणी ने कहा कि श्रमण संघ का य...

गुरुदेव चोथमलजी म. सा. की 147वाँ जन्मजयंति सामुदायिक सामाईक कर गुणानुवाद से मनायी गयी

जगत वल्लभ, जैन दिवाकर, पंडीत रत्न पु. गुरुदेव चोथमलजी म.सा. की 147वॉं जन्मोत्सव आध्यात्मिक रुपसे मनाया गया! साध्वी कमलप्रज्ञा जी को जैन विश्व भारती इन्स्टिट्यूट लाडनु राजस्थान द्वारा पीएचडी की पदवी प्रदान! उदयपुर नगरी में आज दक्षिण चंद्रिका महासाध्वी डॉ. संय्यमलताजी म.सा. डॉ. अमितप्रज्ञाजी म.सा. डॉ. कमलप्रज्ञाजी म.सा. एवं साध्वी सैरभप्रज्ञाजी म.सा. के पावनसानिध्यमे जगत वल्लभ, जैन दिवाकर पु गुरुदेव चोथमलजी म. सा. की 147वाँ जन्मजयंति सामुदायिक सामाईक कर गुणानुवाद से मनायी गयी! डॉ. संय्यमलताजी एवं अनेक वक्ताओंने गुरुदेव के गुण विशेष एवं द्रष्टांतोका वर्णन किया! संपुर्ण जीवनगाथा डॉ. संय्यमलताजी ने धर्मसभा मे रखी! हजारो भक्तोंके प्रमुख उपस्थिती में जन्मोत्सव मनाया गया! उदयपुरनगरी के अलावा महाराष्ट्र, म.प्र. राजस्थान गुजरात से अनेक भक्तगण पधारे थे! इसअवसरपर गुरुदेव के जीवन की झलकियाँ चित्र प्रदर...

कधीही लक्षात ठेवा, आपल्या जीवनात तीनला स्थान द्या-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: संघात आपण गेले तीन दिवसापासून श्री. संत चोथमलजी म. सा. यांचा सप्ताहाह साजरा करीत आहोत. आज रोजी तीन दिवस झाले. म्हणजे काय तर आपल्याला तीनला घालवायचे असून तीनला जिवनात उतरवायचे आहे. कोणत्या तीनला जीवनात उतरवयाचे आहे तर ते तिघेही सम्यक आहेत. सम्यक धर्म, सम्यक ज्ञान आणि सम्यक दान! हे कधीही आपल्या कामास येणार आहे, असा हितोापदेश साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी पुढे बोलतांना त्या म्हणाल्या की, एकवेळची घटना आहे. राजस्थानातील ही घटना आहे. एक महाराज, संत गोचरीसाठी बाहेर गेले. त्यांनी गोचरीही घेतली. ते आपल्या मार्गाने जात असतांनाच एक मुस्लीम आला आणि त्याने एक पोटळी बांधलेली त्यांच्या गोचरीत टाकली. ते साधू महाराज आपल्याच नादात तल्लीन होते. त्यांना माहितही ना...

गुरु बलवान है तो वह सच्चा मार्ग दिखाता है – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में हुई सात वार में गुरुवार की चर्चा एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने शनिवार को आठ वार की प्रवचन माला में उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु तत्व की विवेचना करते हुए कहा कि भाग्यशाली का अर्थ है जिसका पुण्य तेज हो। वैसे भाग्य दोनों प्रकार के होते हैं सौभाग्य और दुर्भाग्य। लेकिन भाग्यशाली उसे कहा जाता है जिसकी क़िस्मत अच्छी हो। जो अपने पास रहे हुए पुण्य के प्रभाव, पुण्य के उदय को सबके साथ बांटने का भाव रखता हो, जिसको सब बातें अनुकूल मिले। उन्होंने सात वार के विश्लेषण में गुरुवार की चर्चा करते हुए कहा कि यह गुरुवार सात वार में सबसे मध्य में आता है। वैसे ही हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में, कार्य में गुरु केंद्रवती है। यदि हमारा गुरु मजबूत है तो हर जगह विजय मिलती है। गुरु बलवान है तो वह सच्चा मार्ग दिखाता है। वह जीवन में उजाला करने ...

गुरु कृपेशिवाय काहीही नाही-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना : चोथमलजी म. सा. यांच्या सप्ताहानिमित्त आज संघात साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी त्यांचा विषय घेऊन प्रवचन दिले. त्या म्हणाल्या की, गुरु कृपेशिवाय काहीही खरे नाही, तुम्ही कितीही प्रयत्न करा परंतू यश येईलच, हे काही सांगता येत नाही. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी पुढे बोलतांना साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. म्हणाल्या की, राजस्थान मध्ये असतांना त्या काळी काहीही सुविधा नव्हत्या, आज जशा आहेत तशा! एक दिवस ते आपल्या कामासाठी निघाले. वाटेत एक आदीवासी समाजाचा मुलगा नाग डसल्याने वारला होता. त्याला तिरडीवर टाकले होते, एवढेच नव्हेतर त्याच्या कपडा सुध्दा टाकण्यात आला होता. नुसते बांधायचे बाकी होते. तितक्यात त्या मुलाचे आजोबा म्हणाले, ते पहा जैन मुनि चालले आहेत. त्यांना बोलावून आणा, निदान ते तरी मृत्ताआत्म्यास ...

बुध हमारी ज्ञान वृद्धि का प्रतीक है – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

 आठ वार की प्रवचनमाला में बुध की विवेचना एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने आठ वार की प्रवचनमाला में कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में प्राचीन संख्या में सात का विशेष महत्व रहा है। योग में चाहे वह पतांजलि हो या सांख्य शास्त्र हो, हमारे शरीर में स्थित सात चक्रों की चर्चा है। मूलाधार से शुरू होकर ये सात चक्र है। इन सात चक्रों के माध्यम से साधक अपनी ऊर्जा को समग्र रूप से कर सकता है, ऐसा योग मंत्र कहता है। स्वर भी सात होते हैं, जो एक लहर का निर्माण करते हैं। इंद्रधनुष को भी सप्तरंगी कहते हैं। हमारी सात वारों की चर्चा चल रही है।‌ इसमें बुध को हम समझें। बुधवार यानी ज्ञान।‌ यह बोध कराने वाला है। यह शब्द ज्ञानार्थक है। इसका एक और अर्थ है गति।‌ उन्होंने कहा आज बच्चों की बुद्धि पूर्ण विकसित नहीं होती। जो अनुभवियों के साथ चलता है, उसकी बुद्धि चलने वाली होती ह...

मॉं पद् मावती एकासन तप आराधना का समापन

मॉं पद् मावती एकासन तप आराधना का समापन! श्री वर्धमान जैन श्रावक संघ आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण के प्रांगण मे राजस्थान सिंहनी उपप्रवर्तिनी संथारा साधिका पु. गुरुणीमैय्या श्री चारित्र्यप्रभाजी एवं उपप्रवर्तिनी गुरुणीमैय्या डॉ.दर्शनप्रभाजी म. की सुशिष्याएं* *डॉ.. राजश्री जी म.सा* *डॉ.मेघाश्री जी म.सा* *साध्वी समिक्षाश्री जी म.सा* *साध्वी ज़िना ज्ञा श्री जी म. सा.*। आदि ठाणा 4 के पावन सानिध्यमें गत 16 सप्ताह से हर शुक्रवार को मॉं पद् मावती के एकासना की तप आराधना जारी थी! 70 धर्मप्रेमी माता- पिता युवा- युवतीयोने यह आराधना धारी थी! आजका 16 वाँ एकासना था! सभी तपस्वीयोंका सन्मान पुनमजी संतोषजी कर्नावट परिवार के औरसे स्व. पिता़श्री विठ्ठलदासजी कर्नावट के स्म्रुती में आकर्षक तप उपयुक्त भेट वस्तु देकर किया गया! प्रातिनिधीक रुपमें 9 तपधारकोंको भेटवस्तु सौ. लिलाबाई छाजेड एवं पुनम जी के करकमलोद्वारा दी ग...

बंधन में स्वतंत्रता का भ्रम यही है मोह का प्रभाव

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्त सेन कृपाप्राप्त,* श्रुत साधक क्षमाश्रमण, मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣0️⃣9️⃣ ⬇️ *_541)_* बंधन में स्वतंत्रता का भ्रम यही है मोह का प्रभाव.! *_542)_* देह के स्तर का कितना भी दुख हो लेकिन ज्ञान दशा जागृत है तो आत्मा को कुछ भी फर्क नहीं पड़ता.! *_543)_* कषाय और सुख एक साथ असंभव हैं.! *_544)_* भूख से कम खाना द्रव्य उणोदरी तप है, अशुभ विचारों को रोकना भाव उणोदरी तप हैं.! *_545)_* जहां सम्यक बोध नहीं, वहां चंचलता अवश्य होगी.!   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*  

आचार्य भगवन्त पूज्यश्री शोभाचंद्रजी म.सा का जन्म दिवस

बुधवार 6 नवम्बर 2024 को रत्नवंश के छठे पट्टधर जीवन निर्माण के शिल्पकार बालब्रह्मचारी आचार्य भगवन्त पूज्यश्री शोभाचंद्रजी म.सा का जन्म दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में ज्ञान दिवस के रुप मे स्वाध्याय भवन साहूकारपेट, चेन्नई में मनाया गया| विशेष रुप से ज्ञान पंचमी तिथि के पावन प्रसंग पर वरिष्ठ स्वाध्यायी आर.वीरेन्द्रजी कांकरिया ने महासतीजी श्री लीलाबाईजी म.सा के प्रवचानांश तेतलीपुत्र का विस्तृत विवेचन किया | श्रावक संघ के कार्याध्यक्ष आर. नरेन्द्रजी कांकरिया ने जोधपुर में पिता भगवानदास छाजेड- माता पार्वती के यहां जन्म लेने वाले बालक शोभा के बाल्यकाल,दृढ़ वैराग्य आचार्यश्री कजोडीमलजी म.सा के पास बसन्त पंचमी के पर्व पर तेरह वर्ष की वय में दीक्षित होने से लेकर जीवन चरित्र के अनेक संस्मरणों का उल्लेख किया | माधवमुनिजी के संग ज्ञान चर्चाओं व श्री शोभाचंद्रजी म.सा द्वार...

स्वाध्याय भवन, चेन्नई मे मनाया गया आचार्य हीराचन्द्रजी म.सा का 62 वां दीक्षा दिवस

जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु ने आचार्य हीराचन्द्रजी म.सा का 62 वां दीक्षा दिवस स्वाध्याय दिवस के रुप मे स्वाध्याय भवन, चेन्नई मे मनाया | वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने तेतली पुत्र का स्वाध्याय व अनुप्रेक्षा की | उपस्थित श्रद्धालुओं ने हीरा चालीसा करते हुए स्तुति की | श्राविका रत्ना पुष्पलताजी गादिया, श्राविका मण्डल की पूर्व मन्त्री शशिजी कांकरिया, वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री लीलमचन्दजी बागमार,तपस्वी कांतिलालजी तातेड़,श्रावक रत्न इंदरचंदजी कर्णावट,श्रावक संघ तमिलनाडु के कोषाध्यक्ष गौतमचन्द जी मुणोत ने भावभरी रचनाओं व गद्य-पद्य प्रस्तुत करते हुए आचार्य भगवन्त के गुणगान किये | दीक्षा दिवस का संचालन करते हुए श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आचार्य हीराचन्द्र के बाल्य काल से वैराग्य व प्रतिपल जागृतिपूर्ण संयममय जीवन के विभिन्न संस्मरणों को धर्मसभा मे ...

लगभग 600 तेला तपस्वियों ने पूज्य मान गुरू को तप की भेंट समर्पित कर पारणा किया

मंगलवाड़, पूज्य मान गुरू जन्म दीक्षा पुण्य तिथि पर आयोजित विराट तेला तप समारोह सभी दृष्टियों से यादगार रहा पूज्य कोमल गुरू ने परम तपस्विनी सुमनबहनजी बोहरा को तप सिंहनी एवं स्थानीय सेवाभावी श्रावकों को श्रावकरत्न अलंकरण प्रदान किया  *गुरू कोमल चरणों में गुरू गुरूणीजी के होली चातुर्मास की विनती सालोर संघ तो अक्षय* *तृतीया पारणक की विनती संयुक्त मेवाड़ नवयुवक मंडल ने अरज की*  *मंगलवाड़ संघ ने तेला तप महोत्सव में शानदार व्यवस्था को अंजाम दिया* 7 नवम्बर, गुरू अम्बेश दीक्षा भूमि मंगलवाड़, स्था. जैन मेवाड़ गुरू परम्परा के महानायक गुरू पूज्य मानजी स्वामी के जन्म दीक्षा पुण्य पर्व पर श्रमण संघीय पूज्य शिवाचार्यजी के आज्ञानुवर्ती एवं पूज्य गुरू अम्बेश सौभाग्य मदन सुशिष्य मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक गुरूदेव श्री कोमलमुनिजी करूणाकर के पावन सान्निध्य में आयोजित विराट तेला तप पारणक महोत्सव में लगभग 600 तेल...

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