एएमकेएम में आठवें वार परिवार की हुई विवेचना वारों में श्रेष्ठ वार है परिवार। यह शक्ति और आंतरिक ऊर्जा का केंद्र है। यह प्रत्येक कष्ट, समस्या का समाधान देने की क्षमता रखता है। भारतीय संस्कृति एवं जीवन पद्धति में परिवार का विशेष महत्व है। ये विचार एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने वारों की श्रृंखला में आठवें वार परिवार की विवेचना करते हुए कहे। उन्होंने कहा प्रत्येक पहलू को उजागर करने की क्षमता सात वारों में हैं। सोमवार सौम्यता, मन को स्थिर करने वाला है। मंगलवार साहस देने वाला है। हमारी यात्रा, बुद्धि को विकसित करने वाला बुधवार है। भाग्य को चमकाने वाला, खुशियों का अंबार देने वाला गुरुवार और प्रेम देने वाला शुक्रवार है। दृढ़ होने की प्रेरणा देने वाला शनिवार और हमें जगाने वाला रविवार है। ये विशेष कार्य को सम्पन्न करने की क्षमता देते हैं।...
अशास्वत से हमे शास्वत के और जाना है! स्व के कल्याण सम हमे दुसरो के कल्याण का हमे भाव रखना है! साध्वी डॉ. राज श्री जी म.सा. आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ में ऐतिहासिक चातुर्मास आगे समापन के तरफ़ बढ़ रहा है! संतोका समागम आवश्यक है! श्रध्दालु श्रावक वो है ज्यो प्रभु महावीर के मार्ग पर चलें और गौरवशाली श्रावक बने यह विचार डॉ. राज श्री जी म. सा. ने रखे! अपने उद् भोदन मे साध्वी जिना ज्ञा श्री जी ने कहा विचारोकी निगराणी रखो! मन में ग्लानी ना हो, भाव शुध्द हो, विनयपुर्वक हो! वंदन नमन के भाव शुध्द हो! हत्या ना करो, आत्महत्या ना करो! आजके धर्मसभामे भाईंदर से भगवती जी सियाल, घाटकोपर से आश्विन जी लोढा, सुरत से विमल जी बोलियाँ सहपरिवार पधारे थे! संघाँध्यक्ष सुभाष जी ललवाणी ने उपस्थित महानुभावों का स्वागत किया!
एएमकेएम में सात वार में रविवार पर हुई चर्चा एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज ने बुधवार को सात वार की प्रवचनमाला में रविवार पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा रविवार उजाला देने वाला है। इसे सन्नी डे भी कहा जाता है। रवि का तेज भारी होता है। यह प्रभावकारी और आनंद दिलाने वाला है। उन्होंने कहा सूर्य के उदित होने पर साधु चर्या प्रारंभ होती है। सूर्य का प्रकाश यत्ना के लिए, उसका ताप जीव विराधना से बचने के लिए है। उन्होंने कहा सूर्य का प्रकाश संपूर्ण संसार के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य जगाता है। आज के दिन कई लोग सोये रहते हैं लेकिन यह सक्रियता का संदेश देने वाला है। जो सक्रिय होता है उसे ऊर्जा प्रदान करने वाला है। जिसका रवि तेजस्वी है, वह सफलता प्राप्त करता है। सबके लिए उसकी उपस्थिति विशेष प्रकार के प्रभाव से भर देती है। ...
Sagevaani.com /जालना: दिवाकर सप्ताहाचा आजचा सातवा दिवस! दिवाकर प.पूू.चोथमलजी म. सा. यांचा जन्म दिन उत्साहात साजरा करण्यात आला. गुरुंची दृष्टी आपल्यावर सातत्याने पडावी, असे वाटत असेल तर त्यासाठी गुरु हवे तर चोथमलजी म. सा. यांच्या सारखा! भगवान महावीरांची नुसती दृष्टी गौतमजींवर पडली होती, त्यातून त्यांचे कल्याण झाले, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. अर्हतज्योतीजी म. सा.यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आजही संघामध्ये विविध प्रकारचा जाप झाला. साध्वी प.पू. अर्हतज्योतीजी म. सा. पुढे बोलतांना म्हणाल्या की, आपले शरीर हे चौर्यांशी लाख योजीतून बनलेले आहे. परंतू पैकी केवळ चौदा लाख योनींचीच पुण्यतिथी आणि...
*💎प्रवचन वैभव💎* *✨सद् उपदेशक:✨* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त* श्रुत साधक क्षमाश्रमण मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣1️⃣4️⃣ 🪞 *_566)_* क्रिया का उद्देश्य अध्यात्मलक्षी हो तो ही आत्मबोध की प्राप्ति होगी.! *_566)_* आत्मबोध की आधार शिला पर प्रदेशीराजा ने संसार पार किया.! *_566)_* स्वभाव से विभाव में जाना अर्थात सुख से हाथ धोना.! *_566)_* निर्माण एवं विसर्जन दोनों स्वयं के ही आधीन है.! *_566)_* भय मृत्यु से भी अधिक भयंकर है.. अधिकांश पाप प्रवृत्ति भय के कारण ही होती है अतः अभयदान श्रेष्ठ दान है.! *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
Sagevaani.com /जालना: दिवाकर सप्ताहाचा आजचा सहावा दिवस! उद्या दिवाकर प.पूू.चोथमलजी म. सा. यांचा जन्म दिन उत्साहात साजरा करण्यात येणार आहे. त्यांनी दिक्षा घेतली तेव्हा केवळ पाच लोकं त्यांच्यासोबत होते आणि आता! आपली आत्मा परमात्मा बनावी, असे वाटत असेल तर अशा प्रभूंचे सातत्याने गुणगाण करायला हवे, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आजही संघामध्ये साध्वी प. पू. अर्हतज्योतीजी म. सा. यांनी विविध प्रकारचा जाप केला. साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. पुढे बोलतांना म्हणाल्या की, प्रारंभापासून प. पू. चोथमलजी म. सा. यांचे जीवन कार्य हे संघर्षात गेले. त्यांचे...
एएमकेएम में आठ वार की प्रवचनमाला एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज ने सात वार की प्रवचनमाला की श्रृंखला में कहा कि वारों का महत्व हमारे जीवन में रहा है, चाहे वह सात वार हो या आठवां वार। आप जब भी कोई कार्य करोगे तो वार का जरुर सोचोगे। चाहे सुख का प्रसंग हो या दुःख का, वार के बारे में सोचोगे। हमारे जीवन में वार की चर्चा होती रहती है। उन्होंने शनिवार की चर्चा करते हुए कहा कि शनि शब्द सुनते ही हमारे बाल खड़े हो जाते हैं, दिमाग की बत्ती तेज हो जाती है। यदि जीवन में किसी को भी कोई समस्या है तो शनि का ध्यान आता है। शनि उग्र कहलाता है। यह दुःखों की आग लगाता है। यह हमें धीर-गंभीर बनाता है। यह दृढ़ता बढ़ाने वाला है। शनि के नाम से लोग थर्राने लग जाते हैं लेकिन यह हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह हमारी शक्ति का दिग्दर्शन, साक...
*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. 1️⃣1️⃣2️⃣ ✒️ सिर्फ माहिती प्राप्त कर लेना ज्ञान नहीं कहा जाता.. 🖋️ मात्र ज्ञानावरणीय के क्षयोपशम से प्रात ज्ञान हितकारी नहीं बन सकता.. 🪔 *ज्ञानावरणीय+मोहनीय के* *क्षयोपशम से प्राप्त* *ज्ञान से ही हेय* *उपादेय का* *बोध एवं* *तदनुसार* *यथासंभव* *आचरण होता है…* 🌷 ऐसे परिणत ज्ञानसंपन्न ज्ञानी को नवीन कर्म बंध नहीं होता क्योंकि वह बंध के निमित्तो से सावधान रहता हैं.! *📚श्री दशवैकालिक नियुक्ति*
प्रवर्तक कुंदन ऋषि के जन्मदिवस पर हुआ गुणगान एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने सात वार की श्रृंखला में शुक्रवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए काव्यात्मक शैली में कहा कि शुक्र प्यार बढ़ाता है। यह नफरत को दूर भगानेवाला है। यह मन को सुदृढ़ करने वाला है। यह चेहरे पर कांति प्रगटाने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह प्रेम, सौहार्द का प्रतीक है। जिसका शुक्र बल मजबूत हो, उन्हें प्रेम अधिक मिलता है। यह दिन सुख, समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य के लिए शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा आकाश में सबसे चमकदार ग्रह कोई है तो वह शुक्र है। यह तेज, सामर्थ्य का प्रतीक है। यह भीतर में सामर्थ्य की रक्षा करता है। आप जितना शुभ और सकारात्मक वचन बोलोगे, उतना शुक्र बल बढ़ता जाएगा। सकारात्मकता आपको मजबूत बना देती है, तेज तो सकारात्मक वचनों से आएगा ही। यह सबसे जोड़ने...
*💎प्रवचन वैभव💎* *✨सद् उपदेशक:✨* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त* श्रुत साधक क्षमाश्रमण मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣1️⃣2️⃣ 🟡 *_556)_* आत्म स्वाधीनता की प्राप्ति ही धर्म की सफलता है.! *_557)_* बाह्य प्राप्ति कर्म के आधीन है, अंतर वैभव आत्मा के आधीन हैं.! *_558)_* दुख से मुक्त होना है तो दुख के कारणों से दूर रहो.! *_559)_* क्रिया साधन, धर्म साधना, स्वभाव साध्य है.! *_560)_* प्राप्त का ममत्व अप्राप्त की आशा छोड़ दो फिर कभी आर्तध्यान नहीं होगा.! *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
Sagevaani.com /जालना: गुरुंच स्थान आपल्या जीवनात उच्चस्थानी असून ज्यांच्या जीवनात गुरु नाहीत, त्यांचे काहीही खरे नाही. आई ही प्रथम गुरु असली तरीही गुरु हे आपल्या जीवनात असायलाच हवेत, असा हितोपदेश साध्वी प.पू.गुरुछायाजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आजही संघामध्ये साध्वी प. पू. अर्हतज्योतीजी म. सा. यांनी विविध प्रकारचा जाप केला. साध्वी प.पू.गुरुछायाजी म.सा. पुढे बोलतांना म्हणाल्या की, आजही संघात दिवाकर संत चोथमलजी म. सा. यांच्यावर आधारीत प्रवचन दिले. त्या म्हणाल्या की, संसारात गुरुंचं महत्व आहे. गुरुंमुळेच आपण तरुन जातो. गुरुंमुळे आपल्याला शक्ती प्राप्त होते. गुरु हे सर्वस्व आहेत...
परम् पूज्य वाणी के जादूगर, श्रमण संघीय सलाहकार श्री रमणीक मुनिजी महाराज साहब आदि ठाना, एवँ परम पूज्य हिमानीजी महाराज का 2025 का चातुर्मास जालना श्री संघ को प्राप्त हुआ है। आज रविवार 10 नवम्बर 24को देहली शहर में ये घोषणा उपाध्याय प्रवर रविन्द्र मुनिजी महाराज साहब के मुखारविंद से हुई हैंl इस अवसर पर जालना श्री संघ के अध्यक्ष सुदेशजी सकलेचा, पूर्व महामंत्री विजयराजजी सुराणा, जैन प्राथमिक विद्यालय के अध्यक्ष विनोदजी मुथा, डॉ सुरेशजी श्रीश्रीमाल आदि उपस्थित थेl