Sagevaani.com /किलपाॅक, चेन्नई : मुनि मोहजीतकुमार ठाणा- 3 के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद, किलपॉक द्वारा आगामी 28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाली ‘बारह व्रत स्वीकरण कार्यशाला’ के बैनर का अनावरण बुधवार को प्रातः भिक्षु निलयम में प्रवचन के दौरान किया गया। इस अवसर पर तेयुप उपाध्यक्ष अरुण परमार, मंत्री सुनील सकलेचा, अभातेयुप बारह व्रत सलाहकार विकास सेठिया, अभातेयुप पूर्वाध्यक्ष एव परिषद परामर्शक गौतम डागा, निर्मल सेठिया, किलपॉक सभाध्यक्ष अशोक परमार, अभातेममं सदस्या माला कातरेला, किलपॉक महिला मंडल मंत्री वनिता नाहर और अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समाचार सम्प्रेषक : स्वरूप चन्द दाँती
प्रवचन – 22.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) कधी, किती आणि कसे बोलावे – हे पूर्णपणे आपल्या हातात असते. अनेकदा मौन हेच सर्वश्रेष्ठ उत्तर ठरते. “जेव्हा पर्यंत बोलायला सांगितले जात नाही, तेव्हा पर्यंत न बोललेलेच चांगले,” ही धारणा अंगीकारली पाहिजे. मोलाचे तीन बोलण्याचे नियम: 1. मनामध्ये कोणतीही अडचण किंवा द्वेष न ठेवता बोलावे. 2. जेव्हा पर्यंत बोलणे आवश्यक वाटत नाही, तेव्हा पर्यंत न बोलणे उत्तम. 3. आणि जेव्हा बोलणे अटळ असेल, तेव्हा गोड, सुसंस्कृत आणि शांतपणे बोलावे. कोणालाही अपमान आवडत नाही. कठोर आणि कटू शब्द टाळावेत. प्रत्येकाला आयुष्यात शांतता आणि समाधान हवे असते, आणि ही शांतता कोणत्याही बाह्य गोष्टींपेक्षा आपल्याच अंतःकरणातून, आपल्याच वाणीवर नियंत्रण ठेवून साधता येते. उकळते पाणी किंवा गोठलेले पाणी हे दोन्ही स्वरूपे अग्नि विझवण्यासाठी अयो...
श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ. श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय उद्बोधन में फरमाया कि जीवन में भक्ति के साथ श्रद्धा का भी होना आवश्यक है । बिना श्रद्धा के की गई भक्ति शून्य हो जाती है। श्रद्धा के लिए समर्पण की आवश्यकता है और समर्पण के लिए लगन की । लगन चाहे पैसा कमाने की हो, प्यार करने की हो, धन कमाने की हो या धर्म करने की हो । जिस कार्य के प्रति हमारा समर्पण होता है, लगन होती है, वहां हम बहाने नहीं बनाते । मित्रता में भी समर्पण की आवश्यकता होती है। कई मित्र धन देखकर बनते हैं तो कई सत्ता के लालच में । कुछ मित्र व्यक्ति की खुशी में शरीक होते हैं, कुछ मित्र जवानी के होते हैं, किंतु सच्चा मित्र तो कल्याण मित्र ही होता है । कल्याण मित्र हमें धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है । वह पति के रूप में हो...
प्रवचन – 22.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) या संसारात डोळ्यांना दिसणारे बहुतांश वास्तव दुःखमय आहे. खऱ्या अर्थाने आनंदी व्यक्ती कोण आहे? मूल नसेल म्हणून दुःख, मूल होऊनही दुःख, पैसा नसेल म्हणून दुःख, पैसा असूनही मनःशांती नाही. आरोग्याच्या समस्या, नातेसंबंधातील ताण, असंख्य अपेक्षा आणि अपुऱ्या गोष्टी — हेच जीवनाचे वास्तव झाले आहे. कधी संकटं आली, की आपण देव आठवतो. पण हे सगळं दुःख का निर्माण होतं? कारण आहे – “मी” आणि “माझे”. या भावना म्हणजेच अहंकार आणि आसक्तीची बीजं. जितकं ‘मी-माझे’ वाढत जातं, तितकं दुःख वाढतं. भगवंत महावीर स्वामी म्हणतात — खरा आनंद तुमच्या अंतरात्म्यात आहे, पण तुम्ही तो बाहेर शोधत आहात. तो आतला आनंद उलगडण्यासाठी फक्त आत्मद्वार उघडण्याची गरज आहे. दुःखातून मुक्त होण्याचे तीन मार्ग: १) मानसिकतेचा...
गलत विचारोका शिरकाव बंद करनेके लिए मनके दरवाज़े बंद रखिये! साध्वी स्नेहा श्री जी म.सा. के विचार। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे “ गुरु आनंद जन्मोत्सव” सप्ताह गुरुमॉं चंद्रकला श्रीजी म.सा. आदिठाणा 3 के निश्रा मे जारी है! आज आनंदोत्सव के पॉंचवे दिन बहुमंडल द्वारा भक्तिगीत की प्रस्तुति हुई! प्रवचन का प्रारंभ साध्वी श्रुतप्रज्ञाश्री जी ने पु. आनंद ऋषिजी के जीवन पर आधारित स्तवन से किया और साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा. ने “ गुरु आनंद जबतक आपका सहारा है, जीवन हमारा सुधरा है!” यह भजन पेश कर मनमे आये गलत विचारेंगी सफ़ाई करनेका एहलान किया! जिस प्रकार हम हमारे मकान से प्रतिदिन साफ़ सफ़ाई कर धुल को निकालते हैं और घर स्चच्छ रखते है उसी प्रकार हमारे मनमे गलत विचारकों स्थान न देते हुये मनकों साफ़ रखे! इंदौर स्थित गुरुमॉं के परम भक्त पाकीज़ा परिवार के शादी मे जैनत्व का पुरा पालन करने का उद...
राजधानी दिल्ली के ऋषभ विहार में 2025 के पावन चातुर्मास में उपप्रवर्तक महाश्रमण इतिहास केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ। 20 जुलाई प्रातः 8:15 बजे ही ऋषभ विहार जैन स्थानक का हाल जनता से भरता ही गया और जब पूज्य गुरुदेव ने नवकार आना पूर्वी का मांगलिक आराधना का आह्वान किया अनुपम एवं दिव्य माहौल का निर्माण होता ही गया सवा डेढ़ घंटा कहां बीत गया उपस्थित जनता को मालूम ही न पड़ा पूरे हॉल में नवकार महामंत्र की गूंज थी पिन ड्रॉप साइलेंट माहौल था नवकार मंत्र के अलावा और कोई ध्वनि जैन स्थानक के विशाल हॉल में न थी । उपस्थित अबाल वृद्ध जनता ने सामूहिक आनापूर्वी के इस अद्भुत प्रयोग की मुक्त कंठ से सराहना की। इस अवसर पर महाश्रमण उप प्रवर्तक गुरुदेव श्री जी ने अपने मांगलिक उद्बोधन में नवकार महामंत्र की महिमा ...
विनाश से विकास की ओर ले जाती है- अहिंसक क्रांति श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित उपप्रवर्तक श्री पंकजमुनिजी म. सा. ने मंगलाचरण के साथ प्रवचन सभा का शुभारंभ किया । मधुर गायक श्री रुपेश मुनि जी म. सा. ने अत्यंत मधुर भजन के साथ सभी श्रोताओं को मंत्र- मुग्ध कर दिया । तत्पश्चात दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ. श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय प्रवचन में फरमाया कि क्रांति का अर्थ है मोड़ देना, बदल देना या आमूलचूल परिवर्तन कर देना । क्रांति दो प्रकार की होती है । एक क्रांति खूनी क्रांति या हिंसात्मक क्रांति, जिसमें रेल, बस या सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करना, किसी कमजोर या निहत्ते पर वार करना, किसी को अनावश्यक क्षति पहुंचाना, दु:ख पहुंचाना या मार- काट करना आदि होता है । दूसरी क्रांति है- श्वेत क्रांति या अहिंसात्मक क्रांति, जिसमें शांति, प्रेम, दया...
निमित्त के लिए उपाधान ( योग्यता- क्षमता) मज़बूत चाहिए! – साध्वी स्नेहाश्री जी का उद्बोधन। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रावधान मे गुरुमॉं पु. चंद्रकला श्री जी, वाणी के जादुगर पु स्नेहाश्री जी म.सा. मधुर गायिका पु. श्रुत प्रज्ञाश्री म.सा. के सानिध्य मे गुरु आनंद जन्मोत्सव सप्त दिवसीय कार्यक्रम जारी है! आज “ आनंद-चालीसा” मंडल द्वारा आनंद चालीसा का सामुहिक पठन किया गया! अपने उद्बोधन में साध्वी स्नेहाश्री जी ने अपने वक्तव्य में हरअेकने अहंकार का त्याग कर धर्मस्थानक मे आने का एहलान किया ! अच्छे निमित्त का कारण बन अपने क्षमता नुसार संकल्प को पुरा करना चाहिए! संकल्प सिध्दी के लिए एक युवा युवती के त्याग की सत्य घटना कथित कर हर एक के ऑंखे मे ऑंसु बहने लगे! आचार्य भगवंत के जीवन पर आधारित स्वयं रचित स्तवन अपने मधुर वाणीमे पेश किया! आनंद चालीसा की सुंदर प्रस्तुति माधुरी भंसाली, सारिका ...
प्रवचन – 21.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) आज आपण पूज्य आनंद ऋषीजी म.सा. यांची 126वी जन्म जयंती निमित्त त्यांच्या महान व्यक्तिमत्त्वाचे गुणगान करणे हा आत्मिक गौरवाचा क्षण आहे. अल्पवयातच त्यांनी आपल्या गुरूप्रती अढळ श्रद्धा, प्रगाढ भक्तिभाव व संपूर्ण समर्पणभाव जोपासला. त्यांनी अत्यंत विनयशीलतेने आगमशास्त्राचे गहन अध्ययन केले आणि तप-जप यांच्या माध्यमातून आत्मिक उन्नती साधली. अखेर त्यांनी संघात अत्युच्च “आचार्य पद” प्राप्त करून आत्मिक तेजाने संघाला प्रकाशित केले. त्यांचे संपूर्ण जीवन संयम व सेवा यांचे मूर्तिमंत उदाहरण होते. त्यांनी कधीही क्रोध केला नाही, आणि कोणतीही स्थिती असो, मन:शांती व क्षमा त्यांच्या वर्तनात सदैव दिसून आली. शिक्षण घेताना वयाने व दर्जाने लहान असणाऱ्या व्यक्तीकडूनही शिकण्याची तयारी ठेवत, त्या गुरूचा सन्मान करत आपले आसन सोडण्याची न...
राजधानी दिल्ली के ऋषभ विहार में 2025 के पावन चातुर्मास में उपप्रवर्तक महाश्रमण इतिहास केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ। 20 जुलाई प्रातः 8:15 बजे ही ऋषभ विहार जैन स्थानक का हाल जनता से भरता ही गया और जब पूज्य गुरुदेव ने नवकार आना पूर्वी का मांगलिक आराधना का आह्वान किया अनुपम एवं दिव्य माहौल का निर्माण होता ही गया सवा डेढ़ घंटा कहां बीत गया उपस्थित जनता को मालूम ही न पड़ा पूरे हॉल में नवकार महामंत्र की गूंज थी पिन ड्रॉप साइलेंट माहौल था नवकार मंत्र के अलावा और कोई ध्वनि जैन स्थानक के विशाल हॉल में न थी । उपस्थित अबाल वृद्ध जनता ने सामूहिक आनापूर्वी के इस अद्भुत प्रयोग की मुक्त कंठ से सराहना की। इस अवसर पर महाश्रमण उप प्रवर्तक गुरुदेव श्री जी ने अपने मांगलिक उद्बोधन में नवकार महामंत्र की महिमा ...
उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा प्रणेता पु प्रविण ऋषिजी म. सा . का सपना किया परिवर्तन चातुर्मास 2025 समिती ने किया साकार! “उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जेता का हुआ है आना! परिवर्तन चातुर्मास 2025 का हमे पुरा लाभ है उठाना! सव्वा करोड जाप की हुई सामुहिक आराधना ! 2100 अठाईयों की हर घर से चल रही है साधना! हम आयेंगे आपको भी सहपरिवार हररोज है आना! अविरत साधना, धारणा, संस्कारोकी हमे मिलेंगी “ प्रविण” प्रभावना! सुनील- राजश्री- अनिल युवा युवती संग आदिनाथ का हमे उपलब्ध हुआ है खजाना! “ गुरु- आनंद” की क्रुपा सारी नही चाहिये कोई भी बहाना! नित्य रुपसे आकर हमे इस धर्म-नगरी मे है नहाना! सुभाष ललवाणी संघाध्यक्ष आकुर्डी
🟨 * *हजारो परिवारो एक स्वर में गुंजाय उठा गगन सव्वा करोड़ महामंत्र नवकार के सामुहिक जपानुष्ठान का भारतवर्ष का पहला इतिहास* ⬜* *अर्हम् विज्जा प्रणेता उपाध्याय भगवंत परम पूज्य श्री प्रवीण ऋषिजी म सा* का सपना किया *श्रीआदिनाथ जैन संघ तथा परिवर्तन चातुर्मास समिती ने साकार* 🟩 *चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्री सुनिलजी नहार सचिन जी नहार परिवार एवं राजेंन्द्र जी खिवराज जी मुथा सुखी परिवार ने लिया लाभ इस महामंत्र जपानुष्ठान तथा गुरु आनंद जन्मोत्सव के आयोजन के लाभार्थी का पाया सौभाग्य* 🟦 *गुरु आनंद फाऊंडेशन की एवं नवकार तीर्थ फाऊंडेशन तथा गौतमलब्धी फाऊंडेशन पुना की रही सक्रिय भुमिका* 🏳️🌈 *सुबह 6.00 बजे से ही पुना वासियों के कदम इस पावन स्थान की और बढे* 🟫 *उपाध्याय श्रीजी ने जतायी बड़ी प्रसन्नता तथा पुना वासियों के प्रति कृतज्ञता* 🟪 *पूज्य गुरुदेव के स्वर के साथ एक साथ लाखों स्वर महामंत्र जपानुष्ठान ...