राजधानी दिल्ली के ऋषभ विहार में 2025 के पावन चातुर्मास में उपप्रवर्तक महाश्रमण इतिहास केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ।
20 जुलाई प्रातः 8:15 बजे ही ऋषभ विहार जैन स्थानक का हाल जनता से भरता ही गया और जब पूज्य गुरुदेव ने नवकार आना पूर्वी का मांगलिक आराधना का आह्वान किया अनुपम एवं दिव्य माहौल का निर्माण होता ही गया सवा डेढ़ घंटा कहां बीत गया उपस्थित जनता को मालूम ही न पड़ा पूरे हॉल में नवकार महामंत्र की गूंज थी पिन ड्रॉप साइलेंट माहौल था नवकार मंत्र के अलावा और कोई ध्वनि जैन स्थानक के विशाल हॉल में न थी ।
उपस्थित अबाल वृद्ध जनता ने सामूहिक आनापूर्वी के इस अद्भुत प्रयोग की मुक्त कंठ से सराहना की।
इस अवसर पर महाश्रमण उप प्रवर्तक गुरुदेव श्री जी ने अपने मांगलिक उद्बोधन में नवकार महामंत्र की महिमा पर व्यापक प्रकाश डालते हुए कहा कि नवकार महामंत्र 14 पूर्वों का सार है इस मंत्र की महिमा अपरंपार और व्यापक है बस आवश्यकता है तो श्रद्धा की है अगर श्रद्धा है तो मंत्र का स्मरण फलित होते देर नहीं लगती।
जप आराधना का सुंदर संयोजन प्रवचन दिवाकर श्री दीपेश मुनि जी महाराज ने किया और उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र यूनिवर्सल मंत्र है यह मंत्र व्यक्ति विशेष की महिमा को इंगित नहीं करता अपितु व्यक्तित्व पूजा का प्रबल परिचय प्रदान करता है साथ ही आना पूर्वी आराधना कंसंट्रेशन और ग्रास्पिंग पावर तथा मानसिक शांति का अद्भुत प्रयोग है
इस अवसर पर चातुर्मास सहवर्ती श्रमणी गौरव साध्वी रत्ना श्री शक्ति प्रभा जी महाराज, स्वर कोकिला साध्वी रत्ना डॉ० श्री अक्षिता जी महाराज, प्रज्ञा श्रमणी साध्वी रत्ना श्री रक्षिता जी महाराज ने सुंदर भजनों से समा बांध दिया।
इस अवसर पर अनेक क्षेत्रों से भारी संख्या में गणमान्य महानुभावों ने पधार कर जप आराधना का विशेष लाभ लिया और इस प्रकार की जप आराधनाओं का कार्यक्रम आयोजित कराने की भावना गुरु चरणों में अभिव्यक्त की
ऋषभ विहार श्री संघ के महामंत्री श्री अशोक जी जैन खट्टे वालों ने आगंतुक सभी व्यक्तियों का आदर सम्मान किया और गुरुदेव का विशेष आभार व्यक्त किया।
-राजीव जैन-
(अध्यक्ष ऋषभ विहार श्री संघ)