श्री वर्ध. स्था. जैन श्रावक संघ पनवेल कपड़ा बाजार में विराजित परम पूज्या गुरुणी मैय्या स्पष्टवक्ता साध्वी आभा श्री जी. म.सा. ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहाकि साधक को दीर्घद्रष्टी वाला होना चाहिए। यानि दूर का सोचने वाला, सम्यक द्रष्टि वाला संसार को पार कर सकता है। भूत,भविष्य,वर्तमान को जानने वाला दीर्घद्रष्टि वाला होता है। हनुमान जी विभिषण से पूछते हैं कि तुम धर्मवान होकर लंका में कैसे रहते हो। उन्होंने बोला कि ठीक वैसे ही रहता हूँ जैसे 32दांतो के बीच में जीभ रहती है। साध्वी डॉ. श्रेयांशी श्री जी म.सा ने कहा कैसे हम अपने क्रोध को अवायड कर सकते हैं- ‘हाउ टू अवायड योर एन्गर इशु How to avoid your Anger Issu? Apne एंगर इशु को अनदेखा (अवायड) करने के लिए – पेशंस , प्रेम, सम्मान, टोलरेन्स पावर को जीवन में लाना होगा। चाय को गर्म होने में जितना समय लगता है उतना समय ही Mind को गर्म होने म...