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अपने पापों को प्रकट कर प्रायश्चित करना भी तप है: साध्वी नूतन प्रभाश्री जी

साध्वी जी ने बताया कि आसान है उपवास करना, लेकिन प्रायश्चित, विनय और सेवा नहीं है आसान Sagevaani.com @शिवपुरी। भगवान महावीर ने तप के जो 12 प्रकार बताए हैं उनमें प्रायश्चित भी एक है। प्रायश्चित में अपने पापों को प्रकट कर आंसू बहाने ्रचाहिए। उक्त उद्गार प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने स्थानीय पोषद भवन में आयोजित एक धर्मसभा में व्यक्त किए। इस अवसर पर मधुर गायिका साध्वी वंदनाश्री जी ने काव्यात्मक अंदाज में भजन गाते हुए कहा कि अपने पापों पर जब तू रो देगा, तेरा एक-एक आंसू पापों को धो देगा…। साध्वी जयश्री जी ने बताया कि इंसान संसार में दुखों, परेशानियों और कष्टों को भोग रहा है। इनसे मुक्ति के लिए वह आत्महत्या तक कर लेता है या उसका विचार उसके मन में आता है, लेकिन वैराग्य की भावना कभी मन में नहीं उपजती है। उन्होंने कहा कि संसार में तो अनेक परिशय हैं, लेकिन संत जीवन में सिर्फ 22 परिशय ...

परिवार को समय दो, संस्कार दो, समाधान दो, स्नेह दो: आगमश्रीजी म.सा.

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ कम्मनहल्ली में कर्नाटक तप चंद्रिका प.पू. आगमश्रीजी म.सा. ने प्रवचन में बताया हमारा परिवार कैसा है। परिवार को समय दो, संस्कार दो, समाधान दो, स्नेह दो, तो आपका परिवार एक आदर्श परिवार होगा। बाहर की मीटिंगे बढ़ गई तो घर की सेटिंग बिगड़ गई। प.पू. धैर्याश्रीजी म.सा. ने बताया जो भी कार्य करना है इसमें इमानदारी रखना है। बेईमानी छोड़ना तो ही हमारे जीवन की सार्थकता है। बच्चों का संस्कार शिविर हुआ। संगीत स्पर्धा हुई। बहुत अच्छी तरह से प्रोग्राम हुआ। कांफ्रेंस विहार सेवा मंडल ने दर्शन वंदन धर्म लाभ लिया। मंत्री हस्तीमल बाफना ने अभिवादन किया। अध्यक्ष विजयराज चुत्तर ने स्वागत किया। संचालन सुधीर सिंघवी ने किया।

रजत द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

    राजस्थानी एसोशिएशन तमिलनाडु द्वारा आशासिंह मोहता चैरीटेबल ट्रस्ट के सहयोग से 6 अगस्त 2023, रविवार को डी जी वैष्णव कालेज के प्रांगण में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रार्थना के पश्चात् मुख्य अतिथि तथा रजत के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया। स्वागतीय भाषण अध्यक्ष मोहनलाल बजाज ने दिया। रजत की गतिविधियों पर महासचिव देवराज आच्छा ने प्रकाश डाला। प्रतिभा सम्मान समिति के चैयरमेन सीए राजेंद्र कुमार जैन ने प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी।      मुख्य अतिथि विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव सीए महावीर सिंघवी, आईएफएस तथा विशेष अतिथि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में कैरियर काउंसलिंग कमिटी के चैयरमेन सीए रोहित रुवाटिया अग्रवाल पधारें।   मुख्य अतिथि सिंघवी जी का परिचय निखिता लोढा ने दिया तथा विशेष अतिथि रोहित रुवाटिया अग्रवाल का परि...

पापी से पाप छुड़ाने के लिए उससे घृणा छोड़नी होगी: गुरुदेव जयतिलक मुनिजी

एस एस जैन संघ नार्थ टाउन में चातुर्मासार्थ विराजित गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने बताया कि भगवान कहते हैं पापी से नहीं पाप से घृणा करो। पाप को जानना और पाप को छोडना आवश्यक है। पापी को सुधारा जा सकता है। पापी से पाप छुड़ाने के लिए उससे घृणा छोड़नी होगी। तभी हम पापी को पाप से मुक्त कर सकते है। अभ्यास से ये सब सम्भव है। पापी से पापी व्यक्ति भी पाप को छोड़कर मोक्ष में जा सकता है। ज्ञानीजन कहते है इसलिए पाप, एकान्त रूप से छोड़ने योग्य है। आचरण करने योग्य है क्योकि संसार में सारे दुःखो का कारण पाप है। अत: पाप से निवृत होना आवश्यक है। ज्ञानीजन कहते है भविष्य की चिन्ता छोड़ वर्तमान को सुधारों यदि वर्तमान संवर गया तो भविष्य अपने आप संवर जायेगा और भूतकाल का चिन्तन मत करो इसलिए भगवान कहते हैं कि वर्तमान में पच्चखान करों स्वयं को पाप से निवृत करो जिससे की भविष्य मे दुःख न आये। भूतकाल का चिन्तन करने से आद्र ध्...

मर्यादा, लक्ष्मण रेखा में रहने वाला परिवार रहता सुरक्षित: गच्छाधिपति जिनमणिप्रभसूरिश्वरजी 

★ गाड़ी की तरह जीवन में भी स्पीड ब्रेकर, रेड सिग्नल, रिवर्स गियर की बताई उपयोगिता  Sagevaani.com @चेन्नई : श्री मुनिसुव्रत जिनकुशल जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री सुधर्मा वाटिका, गौतम किरण परिसर, वेपेरी में शासनोत्कर्ष वर्षावास में धर्मपरिषद् को संबोधित करते हुए गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिनमणिप्रभसूरीश्वर म. ने कहा कि गाड़ी की सुरक्षा के लिए जैसे रेड़ सिग्नल, स्पीड ब्रेकर जरूरी है उसी तरह जीवन में भी रेड़ सिग्नल, स्पीड ब्रेकर, रिवर्स गियर का होना जरूरी है, उसी का नाम है- मर्यादा। मर्यादा परिवार को, स्वयं को सुरक्षित रख सकती है। हर रावण सीता को उठा कर ले जा सकता है, जब वह लक्ष्मण रेखा को पार कर जाती है। हमारे परिवार की सुरक्षा, संस्कारों के संवर्धन, शील की सुरक्षा के लिए जरूरी है हम लक्ष्मण रेखा का उल्लंघन न करे। उस रेखा के भीतर रहकर हम प्रसन्नता का अनुभव कर सकते है। पंतग तभी तक सुरक्षित है, ज...

  Sagevaani.com @चेन्नई : तेरापंथ जैन विद्यालय का 32वॉ खेल दिवस जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शनिवार को आयोजित हुआ। प्रांगण के प्रवेश द्वार पर मुख्य अतिथि विश्वनाथन आईपीएस डीआईजी हाउसिंग बोर्ड, विशिष्ट अतिथि श्री हरीश आंचलिया एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट एवं तेरापंथ एजुकेशन मेडिकल ट्रस्ट के पदाधिकारियों के पहुंचते ही स्कूल बैंड द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा विद्यालय ध्वज फहराया गया। स्कूल के सभी हाउस के सदस्यों स्काउट गाइड के विद्यार्थियों एवं छात्र संसद के पदाधिकारियों ने नयनाभिराम मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया और मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि एवं सभी पदाधिकारियों को सलामी दी। छात्रों की सलामी देख कर ऐसा लगता था, जैसे भारतीय सेना के जवान सलामी दे रहे हो। मुख्य अतिथि द्वारा स्पोर्ट्स मीट का मशाल प्रज्वलित कर उद्घाटन किया...

संघ बड़ा है व्यक्ति नहीं: उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया

हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान है। वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं वह इस प्रकार हैं। तीन बातें एक संघं दूसरा संप 3 संत तीन बातें मिल जाती है। तो संघ बन जाता है यूनिटी पिरिडी सिंगिरिटी यह तीनों बातें मिल जाते हैं तो आत्मा का उद्धार हो जाता है तीर्थंकर ने भी संघ के बारे में बताया नमो संघस अगर जहां भी संघहो वहां साधु-साध्वी एक कदम भी उनको बिना पूछे आगे नहीं रखते। इसलिए संघ बड़ा है व्यक्ति बड़ा नहीं फूल को धागों में गिराया जाता है तो वह माला बन जाता है सभी नदियां मिल जाती है तो वह सागर बन जाता है।  अगर एक एक इंट इकट्ठे करते हैं तो वह महल बन जाता है। उसी प्रकार अगर संघ में एक-एक व्यक्ति जुड़ता है वह संघ बन जाता है। आज का योग टीवी और कंप्यूटर का है इसलिए जेसा सिनेमा इंटरनेट पर दिखाया जाएगा य...

कार्यक्रम – ‘त्योहारों की बौछार’ का आयोजन हुआ

राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु कि महिला इकाई गणगौर ने 4 अगस्त को एसआरकेके अग्रवाल सभा भवन में सावन कार्यक्रम – ‘त्योहारों की बौछार’ का आयोजन किया, जहां 125 सदस्यों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। स्वागत भाषण गणगौर अध्यक्ष कांता बिसानी ने दिया तथा मंच संचालन त्रिशला चांडक व खुशबू नाहर ने किया। कार्यक्रम में खेल, नाटक और नृत्य शामिल थे, लेकिन मुख्य आकर्षण गणगौर के पूर्व अध्यक्षों – उर्मिला सराफ, निर्मल खेमका, सरिता खेमका, शालिनी अग्रवाल, सुनीता डागा, संगीता जैन, पुष्पलता झंवर, डॉ. सुनीता जैन, कंचन बंसल द्वारा किया गया रैंप वॉक था जिसमें वर्तमान अध्यक्ष कांता बिसानी और सह अध्यक्ष रेखा सिंघी भी शामिल थे। आई हुई सभी महिलाओं ने भोजन का भी खूब आनंद उठाया। समिति सदस्यगण निहारिका राठी, संगीता बिसानी, प्रीति गुप्ता, नमीता जयसवाल, शिखा जैन, प्रियंका जैन, ममता अग्रवाल और मधु तुलस्यान न...

जो समवशरण में भगवान देशना देते हैं उसे सिहासन कहते हैं: उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया

हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं वह इस प्रकार हैंl एक बार गौतम स्वामी भगवान महावीर स्वामी से पूछा कि हे भगवान सिहासन कितने प्रकार के होते हैंl तब भगवान ने फरमाया सिहासन तीन प्रकार के होते हैंl जिस आसन पर सिह के माफिक बैठकर जनता को समझावे उसे सिंहासन कहते हैंl जो समवशरण में भगवान देशना देते हैं उसे सिहासन कहते हैंl उसकी रचना इंद्र करते हैंl दूसरा सिहासन जहां पर राजा बैठकर न्याय करता है उसकी रचना कारिगर लोग करते हैंl तीसरा सिहासन शादी के मंडप में वर-वधू बैठते हैं वहभी एक ही सिंहासन हैl एक सिंहासन ऐसा जिस पर साधु साध्वी आचार्य बैठते हैं वे संघ के प्रमुख सहायक है यह तो बाहरी सिहासन हैl एक सिहासन समाज का जैसे कि अध्यक्ष मंत्री उपाध्यक्ष आदि पर हमें तो श्रद्...

कोहिनूर हीरे के समान है प्रभु के वचन:  आगमश्रीजी म.सा.

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ कम्मनहल्ली में कर्नाटक तप चंद्रिका प.पू. आगमश्रीजी म.सा. ने बताया मानव भव पाने के बाद जिनवाणी का श्रवण अति महत्व का है। कोहिनूर हीरे के समान है प्रभु के वचन। इन वचनों को सुनकर छ: खंड के अधिपति चक्रवर्ती भी राज्य को छोड़ देते हैं पर हमने श्रवण के बाद क्या-क्या छोड़ा।इच्छा, लालसा, लोभ, तृष्णा को नहीं छोड़ा तो भव भ्रमण ही है। दरिद्र कौन है, सदा मांगते जा रहे हैं। प.पू. धैर्याश्रीजी म.सा. ने प्रवचन के माध्यम से बताया कंचन वर्णि देही मिली है इसकी कद्र करो। बहिरात्मा,अंतरात्मा, परमात्मा के बारे में बताया। मंत्री हस्तीमल बाफना ने अभिवादन किया। अध्यक्ष विजयराज चुत्तर ने स्वागत किया। संचालन सुधीर सिंघवी ने किया।

गौतम कलश को हर घर तक पहुंचाने देशभर से शहर पहुंचे 200 प्रतिनिधि

उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि की मौजूदगी में संपन्न हुआ कार्यक्रम Sagevaani.com @रायपुर. जैन समाज की सेवा और सहायता के लिए उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने अनूठा अभियान‌ चलाया है। वे समाज के हर घर में गौतम निधि कलश की स्थापना करवा रहे हैं। जिन घरों में यह कलश स्थापित होता है, उस परिवार के प्रत्येक सदस्य हर दिन दान के रूप में कुछ राशि कलश में डालते हैं। एक निश्चित समयावधि में सारी रकम इकट्ठी कर समाजहित में खर्च की जाती है। प्रवीण ऋषि ने पूरे देश मूें ऐसे कलश की स्थापना कराई है। इस योजना का सही तरीके से संचालन करने के लिए उन्होंने प्रतिनिधि भी नियुक्त किए हैं। शनिवार को राजधानी के टैगोर नगर स्थित श्री लालगंगा पटवा भवन में इन्हीं प्रतिनिधियों का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। गौतम निधि लब्धि कलश रायपुर के प्रमुख कमल पटवा ने बताया कि देशभर से 200 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में हिस्सा लि...

जिसने बंधन को समझा वह मुक्ति को समझेगा: प्रकाश मुनि जी मासा

सौभाग्य प्रकाश संयम सवर्णोत्सव चातुर्मास खाचरोद मुनि को निर्वाण का उपदेश करना , मुक्ति का उपदेश करना, जिसने बंधन को समझा वह मुक्ति को समझेगा यह बात बताते हुए पुज्य प्रर्वतक की प्रकाश मुनि जी मासा ने फरमाया कि.. संत ज्ञान के दिपक होते है। स्व व पर को प्रकाशीत करते हैं। दीपक के प्रकाश से सब दिखता है। ज्ञान से स्व व पर को देखते है। *स्व पर प्रकाशम इति ज्ञान* -जो स्वयं व पर को प्रकाशीत करता है वह ज्ञानी है । *आप कौन है !* में मात्मा हूँ। ज्ञानपहले स्वप्रकाशीत होता है, आप अपने आप को जानते हे दुसरे को नहीं जानते हे। मन: पर्याय ज्ञान का स्वामी वह सामने वाले के मन में क्या चल रहा है वह जानता है, अपने चिंतन को अपन या सर्वज्ञानी जानते है ! पर हम उनको नहीं जानते हैं। गुरुरेव संतों को रत्न की उपमा दी है। स्वप्रकाशीत है वह उससे को भी प्रकाशित करते हे। जलकांत मणि,सूर्यकांत मणि, चंद्रकांत मणि, मणियों को ...

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