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त्योहार: धर्म, कर्तव्य और मानवता के प्रकाशपुंज – भारत गौरव वरुण मुनि

दिवाली, धनतेरस, रुप चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज का संदेश – जीवन में धर्म, ज्ञान और करुणा का आलोक  चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत आज आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव डॉ. श्री वरुण मुनि जी महाराज ने गुजराती भवन में अपने चातुर्मासिक प्रवचनों के दौरान कहा कि भारत विविध त्योहारों की पावन भूमि है। ये पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, धर्म और मानवता के जीवंत प्रतीक हैं। ये हमें जीवन के कर्तव्यों, नैतिक मूल्यों और आत्मिक विकास की प्रेरणा देते हैं। मुनि श्री ने कहा कि दीपावली अपने साथ पाँच प्रमुख पर्वों – धनतेरस, रुप चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा, दीपावली और भाई दूज – की श्रृंखला लेकर आती है। प्रत्येक पर्व में गहन आध्यात्मिक अर्थ और जीवनोपयोगी शिक्षाएँ निहित हैं।उन्होंने कहा कि धनतेरस के दिन लोग सामान्यतः स्वर्ण, रजत, आभूषण एवं वस्त्र क्रय करते हैं, किंतु धन केवल भौतिक वस्तुओं तक सीमित न...

प.पू.हिमानींचा वाढदिवस तपोधाममध्ये साजरा!

जालना : प. पू.हिमानीजी म. सा. यांचा वाढदिवस आज तपोधाममध्ये हर्षोल्लासात साजरा करण्यात आला. प.पू. हिमानीजी म. सा. यांचे आज रोजी आयबीलचे 108 वा उपवास असून त्याच पार्श्वभूमीवर आज वाढदिवस साजरा करण्यात आला. तसेच धुळे येथील संगीता बाफना यांचेही 81 आहेत. त्यांची आज संघात पचकावनी होती. जीनवाणी अजूनही फायदा नाही तर ती आपल्या जीभेवर असायला हवी. तरच त्याचा काही उपयोग होईल, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित श्रृत आराधनेच्या अध्यायातील प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. प्रवचनाच्या प्रारंभीच त्यांनी आजच्या दिवसाचे महत्व सांगून ते म्हणाले की, प. पू. हिमानीजी म. सा. यांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा दिल्या. श्रमणसंघीय सलाहकार...

आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग ही देता है जीवन को सार्थकता : भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि

चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत आज आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव, डॉ. श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग ही मानव जीवन को सार्थकता और शांति प्रदान करता है। मुनि श्री ने अपने प्रवचन में बताया कि जो व्यक्ति धर्म, सदाचार और आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाता है, उसका जीवन स्वतः ही दिव्यता से आलोकित हो उठता है। जब मनुष्य अपने भीतर झाँकता है और अपनी आत्मा के स्वर को सुनता है, तभी वास्तविक सुख और शांति का अनुभव होता है।उन्होंने आगे कहा कि आज का मानव बाहरी सुख-सुविधाओं में आनंद खोजने की भूल कर रहा है, जबकि सच्चा आनंद आत्मशुद्धि और आत्मजागरण में ही निहित है। भौतिक उपलब्धियाँ क्षणभंगुर हैं, परंतु आत्मकल्याण की प्राप्ति शाश्वत आनंद प्रदान करती है।मुनि श्री ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सत्य, संयम, करुणा और सद्भाव को अपनाएँ, ...

श्री तनसुखलाल नाहर बने प्रबंधन्यासी, श्री प्रवीण बाबेल मंत्री

 साहुकारपेट तेरापंथ ट्रस्ट बोर्ड की नवनिर्वाचित टीम का हुआ शपथ ग्रहण समारोह साहूकारपेट, चेन्नई : साध्वीश्री उदितयशाजी ठाणा- 4 के पावन सान्निध्य में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा ट्रस्ट बोर्ड, साहूकारपेट चेन्नई के वर्ष 2025-2027 की नवनिर्वाचित टीम का शपथ ग्रहण समारोह तेरापंथ सभा भवन में समायोजित हुआ। साध्वी श्री उदितयशाजी ने निवर्तमान टीम के सफलतम कार्यकाल के प्रति अहोभाव व्यक्त करते हुए नवनिर्वाचित टीम के सफलतम कार्यकाल हेतु आध्यात्मिक मंगल आशीर्वाद प्रदान करवाया।  निवर्तमान प्रबंधन्यासी श्री विमल चिप्पड ने संपूर्ण ट्रस्ट बोर्ड की ओर से पूज्य गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि पूज्य प्रवर से प्राप्त ऊर्जा एवं आशीर्वाद से हम सदैव ऊर्जावान बने रहे, जिससे सभी कार्य सानंद एवं निर्विघ्न रूप से संपादित हुए तथा साथ ही साथ सभी चरित्र आत्माओं से प्राप्त सान्निध्य एवं मार्गदर्शन हेतु...

दि पुना मर्चंट्स् चेंबर पुणे संचलित “ लाडु- चिवड़ा

“आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण केंद्राचे उद्घाटन श्री संघाचे अध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी यांचे शुभहस्ते गुरुमॉं उपप्रवर्तिनी पु. चंद्रकलाश्रीजी, प्रवचन- विभु पु. स्नेहाश्री जी म.सा., मधुरकंठी पु. श्रुतप्रज्ञाश्रीजी म.सा. यांच्या पावन सानिध्यात झालें . वितरण व्यवस्था पहाणारे श्री संघाचे विध्यमान विश्वस्त जवाहरजी मुथा, नेनसुखजी मांडोत, राजेंन्द्र जी छाजेड, हिरालालजी लुणावत, नितीनजी छाजेड, विजयजी नहार माधुरी भंसाली या प्रसंगी उपस्थित होते. ना नफा ना तोटा या चत्वप्रणाली वर गेल्या 38 वर्षापासुन हा उपक्रम पुना मर्चंट चेंबर च्या माध्यमातुन राबवला जातो. गेल्या चार वर्षापासुन हा उपक्रम आकुर्डी स्थानकात राबवला जातो. गतवर्षी 7.5 टन एवढ्या फराळाच्या वस्तु आकुर्डी केंद्रात वितरित केल्या गेल्या . या वर्षी 10 हजार किलोचे उद्दिष्ट आहे. गुरुमॉं च्या मांगलीक ने उपक्रमाची सुरुवात आज आकुर्डीत झाली.

चातुर्मास की परंपरा का सनातन महत्व -भारत गौरव डॉ,वरुण मुनि

वर्ष 2026 के चातुर्मास स्थल की घोषणा चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत आज आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव, डॉ. श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की तीन प्रमुख धाराएँ — हिंदू, जैन और बौद्ध परंपरा — अपने मूल में अध्यात्म, संयम और साधना पर आधारित हैं। इन तीनों ही परंपराओं में चातुर्मास का अत्यंत महत्त्व माना गया है। समय के साथ जहाँ वैदिक और बौद्ध परंपराओं में चातुर्मास की संकल्पना में कुछ परिवर्तन दृष्टिगोचर हुए हैं, वहीं जैन परंपरा में यह व्यवस्था आज भी अपने प्राचीन स्वरूप में गतिमान है। ‘चातुर्मास’ का अर्थ है— चार महीनों का एक समूह। वर्षभर में फाल्गुनी, कार्तिकी और आषाढ़ी — इन तीन पूर्णिमाओं से तीन चातुर्मास माने गए हैं, जिनमें आषाढ़ी पूर्णिमा से आरंभ होने वाला चातुर्मास सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में जैन साधु–साध्वियाँ एक स्थ...

संस्कारीय पाठशाला विंग्स टू फ्लाई द्वारा उत्तराध्ययन सूत्र पर लाइव प्रस्तुति   

चेन्नई : श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के संचालन में रविवारीय संस्कारीय व नैतिक शिविर विंग्स टू फ्लाई के अन्तर्गत ज्ञानार्जन करने वाले बालक बालिकाओं ने प्रभु महावीर की अन्तिम वाणी उत्तराध्ययन सूत्र के पात्रों पर लाइव प्रस्तुति दी | स्वाध्याय भवन साहूकारपेट विंग्स टू फ्लाई में हर रविवार प्रशिक्षण सेवाएं देने वाले श्राविका मण्डल से मनीषाजी कांकरिया शशिजी कांकरिया गुणवन्तीजी बाफना सोनलजी सुराणा ने गुरुदेवों की भावपूर्वक स्तुति की | उत्तराध्ययन सूत्र के पात्रों की प्रस्तुति का शुभारंभ विंग्स टू फ्लाई की स्वाध्याय भवन साहूकारपेट शाखा के शिविरार्थियों ने तेंतीसवें अध्ययन कम्मप्पयडी [ कर्म पकृत्ति ],तीसवें अध्ययन तवम ग्ग्म [ तपोमार्ग ] सोलहवें अध्ययन दुम्रपत्रक कुल तीन अध्ययनों पर सुन्दर प्रस्तुति दी | किलपाक शाखा चेन्नई के शिविरार्थियों ने तेरहवें अध्ययन चित्त संभूइज्ज [ चित्त संभुति ] पर स...

गुरुवारी जैन श्रावक संघ आणि लायन्स क्लब, जालना यांच्याकडून मोफट नेत्र तपासणी शिबिर

जालना : अमोलक मानस, तपज्योत्स्ना प.पू. श्री हिमानीजी एम.एस. यांच्या 46 व्या वाढदिवसानिमित्त 16 ऑक्टोबर 2025 गुरुवार रोजी सकाळी 11 ते दुपारी 3 वाजेपर्यंत श्री.व्ही.जैन श्रावक संघ आणि लायन्स क्लब ऑफ जालना, गोल्ड, रॅपिड आणि अन्नपूर्णा यांच्या संयुक्त विद्यमाने छ. शिवाजी महाराज चौकातील श्री गुरु गणेश नगर (तपोधाम) येथे मोफत मोती बिंदू आणि नेत्र तपासणी शिबिराचे आयोजन करण्यात आले आहे. रात्रीच्या वेळी, नेत्रतज्ज्ञ डॉक्टर रुग्णांना मोती बिंदू आणि नेत्र तपसणी करून मार्गदर्शन करतील आणि ज्यांना शस्त्रक्रियेची आवश्यकता आहे त्यांच्यासाठी (मोफत ऑपरेशन) व्यवस्था केली जाईल आणि ते शस्त्रक्रियेशी संबंधित सल्ला देतील जेणेकरून गरजूंना जास्तीत जास्त फायदा मिळू शकेल. या शिबीराचा जास्तीत जास्त रुग्णांनी लाभ घ्यावा, असे आवांहन जैन श्रावक संघाचे अध्यक्ष श्री. सुदेशकुमार सकलेचा, तसेच विजय बगाडिया, पुरुषोत्तम जयपूरिय...

समाजसेवी, श्री संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी का जन्मदिवस गुरुमॉं उपप्रवर्तिनी श्रमणी गौरव पु. चंद्रकला श्री जी के सानिध्यमे संप्पन्न

आकुर्डी- श्रमणी गौरव उपप्रवर्तिनी पु. चंद्रकलाश्री जी, प्रवचन विभु पु.स्नेहाश्रीजी दिवाकर दिप्ती पु. श्रुतप्रज्ञाश्री जी म. सा के पावन सानिध्यमे “श्रीमद् उत्तराध्ययन श्रुत आराधना “से, पुच्चिसुणं के जापसे संप्पन्न हुआ! गुरुमॉं महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकलाश्री जी ने मंगलमय आशिर्वाद प्रदान कर देव- धर्म-गुरु-संघ-समाज की निरंतर सेवा हो यह कामना की! और “ संघ शिरोमणी” पदसे अलंक्रुत किया! वाणीके जादुगर पु. स्नेहाश्री जी नेअपने मंगलमय कामना मे कहॉं  “जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ और बधाई! आपका जीवन हमेशा खुशियों से भरा रहे, हर दिन नई सफलताओं की सौगात लाए, स्वास्थ्य, प्रेम और समृद्धि हमेशा आपके साथ रहें परमात्मा से यही प्रार्थना है कि आपकी सारी मनोकामनाएँ पूर्ण हों। आपका आने वाला वर्ष अपार खुशियाँ और उपलब्धियाँ लेकर आए। मुस्कुराती रहे ज़िंदगी तुम्हारी,यही दुआएँ खुदासे हमारी! फुलोसे सजी हो हर राह तु...

परमात्मा की भक्ति श्रद्धा और समर्पण भाव से करनी चाहिए : भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि

धार्मिक उत्साह और भक्ति के वातावरण में श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर में प्रवचन सभा का आयोजन किया गया। चातुर्मास हेतु विराजित भारत गौरव डॉ. श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने मंगलवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा की सच्ची भक्ति वही है, जो पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और आत्मसमर्पण के भाव से की जाए। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ या अनुष्ठान का विषय नहीं, बल्कि आत्मा की गहराइयों में उत्पन्न होने वाली वह भावना है, जो मनुष्य को परमात्मा के समीप ले जाती है। मुनि श्री ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जब मनुष्य अपने अहंकार, क्रोध और मोह को त्यागकर प्रभु के चरणों में शरणागत होता है, तभी उसका जीवन सफल और सार्थक बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि प्रतिदिन कुछ समय प्रभु-स्मरण, ध्यान और सत्कर्मों में व्यतीत करें, जिससे जीवन में शांति, संतोष और आनंद की प्राप्ति हो सके। कार्यक्रम के दौर...

श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु द्वारा साधर्मिक भक्ति

 चेन्नई : पूज्य आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचन्द्रजी म.सा के 63 वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष में श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु द्वारा साधर्मिक भक्ति के रुप में महासतीजी श्री सुमतिप्रभाजी म.सा आदि ठाणा 7 के चातुर्मास स्थल मुनियप्पा रोड किलपाक में स्थित सामायिक स्वाध्याय भवन में 120 जैन परिवारों को आवश्यक सामग्री भेंट की गयी | कार्यक्रम को सफलता पूर्वक आयोजित करने में श्री गुरु विजय सहायक समिति के अध्यक्ष श्री सुदर्शनजी छल्लाणी,शांतिलालजी कांकरिया,महावीरचन्दजी रांका,विमलचन्दजी बोकड़िया, महावीरजी रेड़ पदाधिकारियों श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ श्री जैन रत्न श्राविका मण्डल व श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के पदाधिकारियों व परोपकार समिति के संयोजकगण संदीपजी बोथरा,अभिषेकजी कटारिया राहुलजी बोहरा हर्षजी चोरडिया समस्त युवक कर्मठ कार्यकर्ताओं का पूर्ण सहयोग रहा |  गुरु विजय सहायक समिति के अध्य...

मां का संकल्प बनता है संतान के जीवन का दिव्य कवच: भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि

श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर में चातुर्मास हेतु विराजमान *भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि* म.सा. ने सोमवार को अहोई अष्टमी व्रत के पावन अवसर पर मातृत्व की दिव्यता और व्रत की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रेरणापूर्ण प्रवचन दिए तथा माताओं को मंगल आशीर्वचन प्रदान किए।मुनि श्री ने कहा —“अहोई अष्टमी का यह व्रत मातृत्व की महिमा का जीवंत प्रतीक है। यह वह दिन है जब मां अपनी संतान की दीर्घायु, आरोग्यता और मंगल जीवन के लिए निस्वार्थ भाव से उपवास रखती है। आज जो माताएँ श्रद्धा और प्रेम से यह व्रत कर रही हैं, वे वास्तव में अपने बच्चों के जीवन में पुण्य और सुरक्षा का दिव्य कवच बुन रही हैं।”मुनि श्री ने सभी माताओं को आशीर्वाद देते हुए कहा —“आप सबकी संतानों का जीवन सद्गुणों, संस्कारों और सफलता से आलोकित हो। आपके व्रत की सात्त्विक भावना आपके घर-परिवार में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रकाश फैलाए। मां का आशीर्वाद सबसे ब...

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