क्रमांक – 8 . *तत्त्व – दर्शन* *🔹 नवतत्त्वों का क्रम* *👉 यहां प्रश्न होता है कि नवतत्त्वों में जीव ही सबसे पहले क्यों? इसके उत्तर में यह कहा जा सकता है कि सारी घटनाएं जीव के साथ ही घटती हैं। वही ज्ञाता है, शुभ और अशुभ कर्मों का कर्ता, भोक्ता एवं स्वामी है। वही पुद्गलों का उपभोक्ता है। संसार में मोक्ष के लिए भी वही प्रवृत्ति करता है। अतः नवतत्त्वों में प्रधान जीव ही है। इसलिए क्रम में स...
क्रमांक – 7 . *तत्त्व – दर्शन* *🔹सत् (द्रव्य) के प्रकार* *👉 द्रव्य या तत्त्व कितने हैं? इस प्रश्न का उत्तर विभिन्न ग्रंथों में विविध रूपों में दिया गया है। जहाँ तक द्रव्य सामान्य का प्रश्न है, सब एक हैं। वहाँ किसी प्रकार की भेद-कल्पना उत्पन्न ही नहीं होती। जो सत् है, वही द्रव्य है और वही तत्त्व है।* *यदि हम द्वैत दृष्टि से देखें तो द्रव्य को दो रूपों में देख सकते हैं। ये दो रूप हैं ...