*1. सचित्त :- सचित्त अर्थात जिस पदार्थ में जीव राशि है ।* इसमें सचित पदार्थो के सेवन की दैनिक मर्यादा रखी जाती है।जैसे कच्ची हरी सब्जी , कच्चे फल , नमक , कच्चा पानी, कच्चा पूरा धान आदि का सम्पूर्ण त्याग अथवा इतनी संख्या से अधिक उपयोग नही करूँगा ऐसा नियम करना । ( 3, 5 ,7 आदि ) *2 . द्रव्य :- खाने – पीने की वस्तु / द्रव्य की प्रतिदिन मर्यादा रखनी है , इसमें पदार्थो की संख्या का निश्चय ...
क्रमांक – 10 . *तत्त्व – दर्शन* *🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार* *👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष।* *🔅 जीव तत्त्व* *👉 जिसमें चेतना हो, सुख-दुःख का संवेदन हो उसे जीव कहा गया है। उत्तराध्ययन सूत्र में ‘जीवो उवओग लक्खणो’ कहकर इस तथ्य को अभिव्यक्त किया गया है। चेतना जीव का स्वरूप लक्षण है, आगन्तुक लक्...
क्रमांक – 9 . *तत्त्व – दर्शन* *🔹 जीव-अजीव की दृष्टि से नवतत्त्व* *👉 जैसा कि पूर्व में ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि मूलतत्त्व दो ही हैं – जीव और अजीव। इन्हीं के संयोग एवं वियोग से अन्य तत्त्वों को समझा जाता है। अतः अन्य सात तत्त्व इन्ही दो में ही समाहित हैं। बन्ध पुद्गल की अवस्था विशेष है, अतः बन्ध अजीव में समाहित होता है। इसी तरह पुण्य, पाप, बंध भी अजीव के पर्याय हैं अतः अजी...