Author: saadhak

बेटी धन की पेटी

आज एक सुंदर सा माहौल बना बेटी के बारे में बहू के बारे में बहुत सुंदर बताया गया प पू धैर्याश्रीजी म सा ने बेटियों पर एक सुंदर गीतिका पेश की प पू आगमश्रीजी म सा ने बताया बेटियां दो घर की पहचान एक में जिसने जन्म लिया है दूसरे में बसे है प्राण। बेटी धन की पेटी जिमावे घी ने बाटी प्रेम स्नेहा वात्सल्य की नाती तू संस्कारों की भारी हैl पोटी भारतीय संस्कृति में बेटी का बहुत ही गौरवपूर्ण और सम्मान पूर्ण स्थ...

दसरा आपण का साजरा करतो-साध्वी सत्यसाधनाजी म. सा.

जालना : रावण तसा काहीही वाईट नव्हता, त्याच्याकडून फक्त एक अपराध झाला होता. तो अपराधच त्याला बदनामीत रुपांतरीत झाला. आणि त्याला जन्मभर डाग लागला. त्यामुळेच आपण रावणाचा व्देष करु लागलो परंतू त्याला दहा तोंडे असतात, हे कुणी पाहिले? त्याला हे तोंड केव्हापासून आले, याची सुध्दा एक आख्यीका आहे, असे प्रतिपादन साध्वी प.पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना केले. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात च...

गुरु हे सर्वात. मोठे -साध्वी सत्यसाधनाजी म. सा

जालना : गुरु हे सर्वात मोठे आहेत. गुरुशिवाय कोणतेही काम पूर्णत्वास जात नाही, याची जाणीव आपण ठेवली पाहिजे. असा हितोपदेश साध्वी प.पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. तत्पूर्वी साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी कालच्या प्रचवनाचा थोडक्यात आढावा घेऊन त्या म्हणाल्या की, राजा श्रीपाळ म्हणतो की, आप...

श्रीअरिहंत के विरह में आचार्य सन्मार्ग संवाहक है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣4️⃣ 💛 *_416)_* श्रीअरिहंत के विरह में आचार्य सन्मार्ग संवाहक है.! *_417_* शुद्ध शास्त्रोक्त प्ररूपणा जैनाचार्य की पहचान हैं.! *_418)_* अंतर में समर्पण हो तो व्यवहार में, आचार में विनय नम्रता प्रगट होते ही हैं.! *_419)_* दुष्ट राजवी से उत्तम साधक बन गए ऐसे प्रदेशीराजा के उपकारी थे श्रीकेशी गणधर.!...

श्रावक के 14 नियम जो हमें रोज़ लेने चाहिये

*1. सचित्त :- सचित्त अर्थात जिस पदार्थ में जीव राशि है ।* इसमें सचित पदार्थो के सेवन की दैनिक मर्यादा रखी जाती है।जैसे कच्ची हरी सब्जी , कच्चे फल , नमक , कच्चा पानी, कच्चा पूरा धान आदि का सम्पूर्ण त्याग अथवा इतनी संख्या से अधिक उपयोग नही करूँगा ऐसा नियम करना । ( 3, 5 ,7 आदि ) *2. द्रव्य :- खाने – पीने की वस्तु / द्रव्य की प्रतिदिन मर्यादा रखनी है , इसमें पदार्थो की संख्या का निश्चय किया जाता है ।*...

साधना सिद्धि का विशिष्ट समय होता नवरात्र : साध्वी डॉ॰ गवेषणाश्री

 नव दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का हुआ समापन   Sagevaani.com /माधावरम्, चेन्नई: युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा 4 के साथ में नौ दिन का नवरात्र का अनुष्ठान बहुत ही जागरुकता और उत्साह के साथ किया गया।  साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा कि- हर दिन, हर पल, हर समय अपने आप में मंगल होता है। पर इन 365 दिनों में कुछ दिन खास माने जाते हैं, इसमें भी नवरात्र...

सिद्ध प्रभु की पहचान अरिहंत प्रभु कराते है 

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣3️⃣ 💛 *_411)_* सिद्ध प्रभु की पहचान अरिहंत प्रभु कराते है इसलिए उनको प्रथम वंदन.! *_412)_* तप करना श्रेष्ठ हैं.. तप करने की शक्ति नही है तो कमसेकम तप करनेवाले की निंदा अन्तराय मत करो.! *_413)_* कैसे होता कर्मबन्ध कैसे होती कर्म निर्जरा इसका विज्ञान समझना ही सिद्धत्व की प्राप्ति का मार्ग हैं.! *_...

आचार्यांसारखं वर्तन जीवनात उतरवलं तर आपणही परमात्मा बनू शकतो-हर्षप्रज्ञाजी

Sagevaani.com /जालना: आपण आपल्या आयुष्यात आचार्यांसारखं वर्तन उतरवण्याचा प्रयत्न केला तर आपला देह सुध्दा परमात्मा बनल्याशिवाय राहणार नाही, परंतू त्यासाठी आपल्याला आचार्यंसारखं जीवन जगावे लागेल, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्...

चक्रवर्ती के लिए विजय प्राप्त करने योग्य  क्षेत्र को विजय कहा जाता है

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   8️⃣1️⃣ 🏳️ चक्रवर्ती के लिए विजय प्राप्त करने योग्य क्षेत्र को विजय कहा जाता है.. 🌎 ढाई द्वीप में कुल 170 विजय है.! 5 भरत क्षेत्र की 5 विजय 5 ऐरावत क्षेत्र की 5 विजय 5 महाविदेह की 160 विजय… 👑 चक्रवर्ती 170 विजय में प्रत्येक विजय के 6 खंड के सभी देव देवी राजा मह...

Oath taking ceremony of Terapanth Professional Forum, Chennai organised

Smt. Babita Chopra became President and Shri Jayesh Daga became Secretary  Sagevaani.com /Madhavaram, Chennai: The oath taking ceremony of the newly formed team of Terapanth Professional Forum (TPF) Chennai was organized at Tirthankara Samavasaran, Jain Terapanth Nagar under the guidance of Sadhvi Dr. Gaveshnashriji Thana-4, the learned disciple of Acharya Shree Mahashramanji.  The program started...

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, चेन्नई का शपथ ग्रहण समारोह समायोजित

श्रीमती बबीता चोपड़ा अध्यक्ष एवं श्री जयेश डागा बने मंत्री Sagevaani.com /माधावरम्, चेन्नई : आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा- 4 के सान्निध्य में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) चेन्नई की नवगठित टीम का शपथ ग्रहण समारोह तीर्थंकर समवसरण, जैन तेरापंथ नगर में समायोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वीश्रीजी के नवरात्र अनुष्ठान द्वारा हुई। अध्यक्ष श्री प्रसन्न बोथरा न...

निज पद में  स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣1️⃣ 🤍 *401)* निज पद में स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना..! नवपद सानिध्य में रहेंगे तो दोषों से सुरक्षित रहेंगे.! *402)* *_नवपद_* *_आराधना से_* *_सिद्धों के परिवार में_* *_प्रवेश प्रशस्त होता है.!_* *403)* वही दोषमुक्त बनेगा, जो दोषदृष्टि को छोड़ेगा.. *404)* *जितनी विशाल भावना* *उतना भव्य पुण्...

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