दिपावलीत रांगोळी आणि मंदिर व होली आदी जसे महत्वपूर्ण आहेत, अगदी तशाच प्रकारे जैन धर्मात सुध्दा नवपद खूप महत्वाचे मानले आहे. आपल्यासुध्दा श्रीपाळ सारखं आयुष्य मिळावं, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. स...
Sagevaani.com /जालना: नवकार हा मंत्र नुसता मंत्रच नाही तर तो खर्याअर्थाने महामंत्र आहे. एमडब्लू गाडीमध्ये आज कोणाला बसू वाटत नाही, परंतू ज्यातच मनवफकार आहे तो महामंत्र ज्यांच्याकडे आहे त्याला अशा कारची गरजच नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथा...
Sagevaani.com /चेन्नई: 8 अक्टूबर मंगलवार को लायन्स क्लब मीनमब्बाकम ने मेक ए विश फाऊंडेशन के सहयोग से करीबन 55 चयनित असाध्य रोग ग्रस्त बालक- बालिकाओं को उनकी ईच्छानुरुप सामग्री प्रदान कर उनके सपनों को साकार किया। इस आयोजन को एग्मोर स्थित अशोका होटल में अति उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ प्रस्थित किया गया। इसमें स्वप्नार्थियों के पारिवारिक अभिभावकगण भी साक्षी बने। क्लब के जोशिले एवं दूरदृष्टिधारक, ही...
आज उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सर्व धर्म दिवाकर भारत संत गौरव श्री पीयूष मुनि जी महाराज के स्वर्ण जयंती वर्ष प्रवेश के उपलक्ष्य में गुणानुवाद सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। चतुर्विध संघ ने गुरू चरणों में अपने भाव रखे।प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज की आज्ञा ...
प्रातः स्मर्णीय युग निर्माता, प्रतिपल वन्दनीय उत्तक्रांती प्रदाता परम पूजनीय आचार्य प्रवर श्री 1008 श्री रामलाल जी म. सा.बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेशमुनि जी म.सा. आदि ठाणा एवं महासतीयाजी के दर्शनार्थ एवं बंगलोर से मुमुक्षु कु. जिया जी कोठारी 18-वर्ष (सुपुत्री:- श्री मती कविता जी, श्री मान प्रकाशजी सा कोठारी) सुपौत्री (श्री मति मंजुबाई जी श्री प्यारेलाल जी सा कोठारी) बैंगल...
*☀️प्रवचन वैभव☀️* *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣0️⃣ ☘️ 396) *भयभीत* *साधक की साधना* *फलीभूत नही होती.!* 397) जिसको जंजीर बंधनरूप नही लगती, वह उससे मुक्त होने का पुरुषार्थ कभी नही करेगा.! 398) *देह के दुख को* *देह में ही रहने दो,* *उसे आत्मा का* *बोझ मत बनाओ.!* 399) एक्सन का रिएक्सन अवश्य होगा, विभाव का एक्सन हैं तो बंधन का रिएक्सन भी होगा.! 4...
जालना : हमारी प्रार्थना निरंतर चल रही है। यह चक्कर काटकर आगे बढ रहे है!! परंतु एवढ्यावरच आपले समाधान आहे काय? तर मुळीच नाही, म्हणूनच भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो आपल्या मदतीस धावून आल्याशिवाय राहणार नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठाव...
दिनांक 6 अक्टूबर 2024 चेन्नई श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु ने धार्मिक खुली पुस्तक परीक्षा स्वाध्याय भवन, चेन्नई व अनेक केन्द्रों मे आयोजित की | चेन्नई : श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान मे श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु के सुसंचालन मे अखिल भारतीय श्री जैन रत्न युवक परिषद् द्वारा अखिल भारतीय श्री जैन रत्न आध्यात्मिक शिक्षण बोर्ड की कक्षा एक से चार तक की पुस्तक की ...
शुध्द आराधना मोक्ष का मार्ग दिखाती है। ज्ञान का बोध प्राप्त करना है तो साधु- संतोंका समागम आवश्यक है – डॉ. राज श्री जी म.सा. श्रुत ज्ञान अज्ञान का क्षय करता है! श्रुत ज्ञान याने सम्यक् ज्ञान का बोध! केवलज्ञान अनमोल ज्ञान है! स्वाध्याय करनेसे कर्म का ज़हर उतर जाता है! साधुकी साधकता अपने अंदर होती है! साधकता की पुजा होती है! हम सभोको आत्माके अंदर ज्ञाता दिप जलाना है! ज्ञान नहीं तो दान देना निर...
*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. 7️⃣9️⃣ 🌼 🧘♂️ इंद्रियों के विषयों के प्रति विराग ही शील है… 🛑 कोई साधक महा विद्वान है, शास्त्रो का ज्ञाता है,, प्रतिबोध प्रवचन कुशल है लेकिन शील, सदाचार संपन्न नही है तो इन्द्रियों के विषय उसके ज्ञान को नष्ट निष्फल विकृत कर देंगे.! 🪔 यदि सदाचार से, चारित्र से ...
*☀️प्रवचन वैभव☀️* *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 7️⃣9️⃣ ⚡ 391) बेहोशी से बाहर आना ही साधना का उद्देश्य हैं.! 392) सभी क्रिया, शास्त्र,श्लोक आत्मा को स्वदेशकी दिशामें ले जातें हैं लेकिन उद्देश्य स्वलक्षी हो तो.! 393) पदार्थो की परिणति जिसके अंतर में न हो वह साधक मार्गस्थ है.! 394) जागृति रहोगे तो सुरक्षित रहोगे… 395) विकारों का पवन आत्मा को ...
“समाजभुषण” राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष जी ललवाणी सन्मानित ! सुर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन्स बन्सी-रत्न वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा गया नवाज़ा! पुनाः अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत “ सुर्यदत्ता” एज्युकेशन फ़ाउंडेशन द्वारा रजत वर्ष के सुअवसरपर “बन्सी-रतन” वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा आज विविध पुरस्कारोंसे मान्यवरोंको सन्मानीत किया गया! सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र मे वि...