क्रमांक – 29 . *तत्त्व – दर्शन* *🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार* *👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष।* *🔅 पुण्य तत्त्व* *पुण्य के नौ भेद मुनि को लक्ष्य कर किये गये हैं, ऐसा कहा जा सकता है। मुनि को अन्न-पान आदि की आवश्यकता होती है अतः अन्न पुण्य, पान पुण्य आदि कहा गया है। मुनि को गाय-भैंस और सोना-चांदी आदि की आवश...
🔆 *श्रावक के १४ नियम जो हमें रोज़ लेने चाहिये …..* *१. सचित्त :- सचित्त अर्थात जिस पदार्थ में जीव राशि है ।* इसमें सचित पदार्थो के सेवन की दैनिक मर्यादा रखी जाती है।जैसे कच्ची हरी सब्जी , कच्चे फल , नमक , कच्चा पानी, कच्चा पूरा धान आदि का सम्पूर्ण त्याग अथवा इतनी संख्या से अधिक उपयोग नही करूँगा ऐसा नियम करना । ( 3, 5 ,7 आदि ) *२ . द्रव्य :- खाने – पीने की वस्तु / द्रव्य की प्रतिदिन मर्यादा रख...