Author: saadhak

उदय में आये हुये अशुभ कर्म पुद्गल को पाप कहते हैं

क्रमांक – 33 . *तत्त्व – दर्शन*  *🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार* *👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष।* *🔅 पाप तत्त्व* *उदय में आये हुये अशुभ कर्म पुद्गल को पाप कहते हैं। जैन सिद्धान्त दीपिका में कहा गया है- अशुभं कर्म पापम्। ज्ञानावरणादि अशुभ कर्मों को पाप कहा जाता है। उपचार से पाप के हेतु भी पाप कहलाते हैं, इसस...

पुण्य की उत्पत्ति स्वतंत्र है या नहीं?

क्रमांक – 32 . *तत्त्व – दर्शन*  *🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार* *👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष।* *🔅 पुण्य तत्त्व* *🔹पुण्य की उत्पत्ति स्वतंत्र है या नहीं? धर्म के बिना पुण्य का बन्ध होता है या नहीं?* *👉 आत्मा की जितनी क्रिया होती है, उसके दो प्रकार हैं-अशुभ एवं शुभ। अशुभ से पाप-कर्म का बन्ध होता है और शुभ ...

“डोर रिस्तों की” सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया

ब्यावर एसोसिएशन मद्रास का दीपावली मिलन समारोह “डोर रिस्तों की” सांस्कृतिक कार्यक्रम दिनांक -20 oct 2024 रविवार को सुबह राजा अन्नामलई मंडपम में आयोजित किया गया। ब्यावर एसोसिएशन के सचिव श्री राज़ेश बोहरा ने बताया कि इस समारोह में लगभग 600 सदस्यों ने शिरकत की । अध्यक्ष श्री अजीत जी गोठी ने सभी का स्वागत अभिनंदन किया । दिवाली चेयरमैन श्री सुनील रांका ने बताया कि ८५ लोगों ने अपनी प्रतिभा को मंच प...

जपाचेही खूप महत्व-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: जपालाही खूप महत्व आहे, आपण येथे तर दररोज जप करतो. मात्र आपल्या घरी सुध्दा तसे वातावरण असायला हवे, असा हितोपदेश साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. तत्पूर्वी साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनीही मार्गदर्शन केले. यावेळी पुढे बोलतांना साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. स...

संसार के विषय भोग कटु फल देने वाले हैं – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

मुनि हितेंद्र ऋषि को जन्मदिन की बधाई संदेश का लगा तांता एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने शुक्रवार को उत्तराध्ययन सूत्र के 19वें अध्याय मृगपुत्रीय की विवेचना करते हुए कहा कि यह अध्याय में सुग्रीव नगर के युवराज मृगपुत्र पर आधारित है। पिछले अध्यायों से इस अध्याय की विशेषता यह है कि इसमें नरक और नरक की वेदना का वर्णन हुआ है। एक बार युवराज मृगप...

गुमानचंद्रजी म.सा का 223 वां स्मृति दिवस मनाया गया

आज कार्तिक कृष्ण अष्ठमी गुरुवार 24 अक्टूबर 2024 को रत्नवंश के प्रथम आचार्य पूज्यश्री गुमानचंद्रजी म.सा का 223 वां स्मृति दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में जप-तप- त्याग,पूर्वक स्वाध्याय दिवस के रुप मे मनाया गया | सभी श्रदालुओं ने संयम चालीसा की रागपूर्वक स्तुति की | श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने जोधपु...

ही भगवान महावीरांची वाणी प्रत्येकाने श्रवण केलीच पाहिजे-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

जालना : गेल्या काही दिवसापासून आपण सर्वजन भगवान महावीरांची वाणी ऐकत आहोत. त्या वाणीत बरेच काही आहे, त्याचा पुरेपूर लाभ हा आपल्याला घ्यायचा आहे, तो घेण्यात कसलाही कसूर ठेऊ नये, असा हितोपदेश साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. तत्पूर्वी साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनीही मार्गदर्शन ...

सभी को भगवान महावीर की वाणी सुननी चाहिए: साध्वी सत्यसाधनाजी म. सा

जालना: हम सभी पिछले कुछ दिनों से भगवान महावीर की वाणी सुन रहे हैं. साध्वी पी ने कहा कि उस आवाज में बहुत कुछ है, हमें उसका भरपूर लाभ उठाना है, लेने में कोई गलती नहीं करनी है. डब्ल्यू सत्यसाधनाजी म. सा यहां बोल रहा हूं.   वे तपोधाम क्षेत्र में गुरु गणेश सभा मंडप में चार्तुमास के अवसर पर आयोजित प्रवचन में बोल रही थीं।   इससे पहले साध्वी प. डब्ल्यू हर्षप्रज्ञाजी म. सा. उन्होंने मार्गदर्शन भी किया. इस ...

स्व की प्राथमिकता ही परम सुख का मार्ग है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 9️⃣5️⃣ 🪞 *_471)_* स्व की प्राथमिकता ही परम सुख का मार्ग है.! *_472)_* अपनी मस्ती में रहेगा वो बलाओं से मुक्त रहेगा.! *_473)_* धर्म अध्यात्मलक्षी हो तो ही शाश्वत सुख का कारण बनेगा.! *_474)_* मोह के कारण गलत,गलत नहीं लगता.! *_475)_* साधना का परिणाम नही मिल रहा प्रसन्नता की प्राप्ति नही हो रही तो उसका...

सुशिष्य के लक्षण

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   9️⃣4️⃣ 🪷 *सुशिष्य के लक्षण:* 💎 *जो विनयावनत हो…* अर्थात गुरु के सामने सदैव विनम्रता पूर्वक रहें, अहंकार से सिर ऊंचा न करें विनयपूर्वक मस्तक झुकाकर रहे.. 💎 *जो कृतपांजली हो..* अर्थात गुरु कुछ पूछे कोई बात कहे या बुलाए तब गुरु की आवाज सुनकर अविलंब उपस्थित होना औ...

गुरुदेव कोमल मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में एक पैदल यात्रा का आयोजन

अत्यंत ही हर्ष का विषय है की दिनांक 25 अक्टूबर 2024 को परम पूज्य गुरुदेव मेवाड़ प्रवर्तक भोले बाबा मदन मुनि जी महाराज साहब की दीक्षा जयंती के उपलक्ष में जीव दया एवं गौशाला तक गुरुदेव कोमल मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में एक पैदल यात्रा का आयोजन पोषधशाला से अंबेश गुरु कृष्ण महावीर गौशाला मंगलवाड तक जाना प्रस्तावित हैl 25 तारीख को सुबह प्रार्थना के पश्चात 8:15 बजे जाना तय हैl आप सभी महानुभावों से ...

जहां ग्रंथी है वहां दुख ही दुख है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 9️⃣4️⃣ 🔎 *_466)_* जहां ग्रंथी है वहां दुख ही दुख है.! *_467)_* प्रभु की त्रिपदी में शाश्वत सुख का त्रैकालिक मार्ग छूपा हैं.! *_468)_* साधन से सुख पाने की इच्छा भ्रम है क्योंकि सुख तो साधना में है साधन में कहीं भी नही हैं.! *_469)_* प्रायश्चित वरदान है पापी के लिए.! *_470)_* जो अध्यात्म से जुड़ जाता...

Skip to toolbar