चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने गुरुवार को अवसर का महत्व समझने की बात कही। उन्होंने कहा चातुर्मास सभी के लिए जीवन कल्याण का संदेश लेकर आता है। इस दौरान परमात्मा के दिव्य वचनों को जेहन में उतारते हुए धर्म, आराधना, तप, जप द्वारा जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। लोगों को जीवन में बदलाव लाने के लिए सिर्फ एक बार मौका मिलता है जो उस मौके को समझ कर सदुपयोग कर लेगा उसका जीवन ...
चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित संयमरत्न विजय ने कहा चातुर्मास ज्ञान, ध्यान, स्वाध्याय का प्रकाश लेकर आता है। चातुर्मास हमारे बुरे कर्मो का पर्दाफाश करने के साथ देव-गुरु धर्म की आस व उन पर दृढ़ विश्वास लेकर आता है। करेले व नीम का रस, चिरायता व सुदर्शन चूर्ण जिस प्रकार कड़वा होने के बावजूद गुणकारी होता है उसी प्रकार जीवन को सन्मार्ग की ओर लाने के लिए गुरु के वचन कड़वे होने के बा...
श्री ए.एम.के.एम. जैन मेमोरियल सेंटर, पुरुषवाकम में विराजित चेन्नई. श्री ए.एम.के.एम. जैन मेमोरियल सेंटर, पुरुषवाकम के प्रागंण में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषिजी और तीर्थेशऋषिजी का प्रवचन आयोजित किया गया। प्रवचन के दौरान उन्होंने आचारांग सूत्र और राजा श्रेणिक का चारित्र श्रवण कराते हुए कहा कि जैनोलॉजी का पहला मंत्र है जो कर सकते हैं उसे करने से बचें नहीं बल्कि करने का प्रयास करें ...
-चतुर्विध धर्मसंघ ने दी स्मरण व अर्पित की भावांजलि चेन्नई. माधवरम में चातुर्मास प्रवास स्थल परिसर स्थित ‘महाश्रमण समवसरण’ प्रवचन पंडाल में विराजित आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में तेरापंथ धर्मसंघ के प्रणेता आचार्य भिक्षु का जन्मदिवस ‘बोधि दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य ने आचार्य भिक्षु के जीवन वृत्तांत सुनाते हुए उनके जीवन से सीख लेने की प्रेरणा दी। आचार्य ने कहा आचार्य भिक्षु का ज...
चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित संयमरत्न विजय ने कहा ध्यान से ज्ञान की प्राप्ति होती है। ध्यान का फूल खिलता है तो ज्ञान की महक फैलने लगती है। ध्यान का दीपक जलता है तो ज्ञान की उर्जा प्रसारित होती है। परमात्मा की ओर जाने वाले दो मार्ग है-एक ज्ञान का व दूसरा भक्ति का। जिस व्यक्ति को ज्ञान के आधार पर चलना है उसे ध्यान साधना पड़ता है। भक्ति का अर्थ है पूरी तरह डूबना, मदमस्त होना और ...
चेन्नई. साहुकारपेट स्थित श्री राजेन्द्र भवन में मुनि संयमरत्न विजय व भुवनरत्न विजय ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन को सुंदर बनाना हो तो अपने अंदर आना होगा। जीवन को सफल बनाकर सुफल प्राप्त करना हो तो अपनी शक्तियों को केन्द्रित एवं मन को एकाग्र करना होगा। यदि हम एकाग्रतापूर्वक परमात्मा या किसी मंत्र का ध्यान करते हैं तो शीघ्रता के साथ हमें सिद्धि प्राप्त हो सकती है। नर का मन वानर की ...
चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित श्री ए.एम.के.एम. जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा कि यदि व्यक्ति अपने अधूरेपन को स्वीकार कर ले तो वह एक दिन पूर्णत्व को प्राप्त जरूर करता है। यदि घर-परिवार में व्यक्ति में यह समझ और भाव आ जाएं कि कोई भी पूर्ण नहीं होता है और मैं भी सर्वगुण संपन्न नहीं हंू, मुझ में भी कई कमियां है तो संसार के सभी लड़ाई-झगड़े स्वत: ही सुलझ जाएंगे।...
मन की एकाग्रता से नर भी नारायण बन जाता है चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित संयमरत्न विजयजी ने कहा यदि हम एकाग्रतापूर्वक परमात्मा या किसी मंत्र का ध्यान करे तो शीघ्रता के साथ हमें सिद्धि प्राप्त हो सकती है। नर का मन तो वानर की तरह चंचल है जो इधर से उधर भटकता रहता है। मन की एकाग्रता से नर भी नारायण बन जाता है। साधना के समय मन विराधना की ओर जाने लगता है, इसका एकमात्र कारण है-हमारी र...
जीवन में दया, अनुकंपा अपनाने की दी प्रेरणा चेन्नई. आदमी किसी भी क्षेत्र में कार्य करे, उसमें ईमानदारी व नैतिकता होनी चाहिए। राजनीति भी एक सेवा का क्षेत्र, माध्यम व साधन है। राजनीति में रहना भी एक प्रकार की कठोर तपस्या का जीवन हो सकता है। राजनीति में नैतिकता के प्रति निष्ठा रहे, मानव के प्रति मानवता की भावना रहे, किसी के प्रति घृणा नहीं, सब के प्रति मंगल भावना, अहिंसा, अनुकंपा की भावना रहे, तो राज...
गुस्सा एक ऐसी चिज जो हमारा शत्रु है – शत्रु वो होता है जो हमारा नुकसान करता है। आदमी को गुस्सा नहीं करना चाहिए जब गुस्सा आये तो दिर्ध श्वांस का प्रयोग करे। जो कार्यकर्ता स्वयं को सेवा के लिए समर्पित कर दिया है वो ध्यान रखे हमे हर परिस्थिति में गुस्सा नहीं करना चाहिए। मनुष्य को शान्ति का जिवन जिना चाहिए, अपमान हो गया तो भी शान्ति रखे और सम्मान मिल भी गया तो भी शांति रखे। दुनिया अच्छे कार्य कर...
वेलूर. यहां सतुआचारी से विहार कर सोमवार को श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन संघ के तत्वावधान में ज्ञान मुनि एवं लोकेश मुनि का भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर सीएमसी रोड में संतों के पहुंचने के बाद सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने उनका भव्य स्वागत किया। यहां से जुलूस के रूप में संत आरकाट रोड, पुराने बस अड्डा, लांग बाजार, मेन बाजार, गांधी रोड होते हुए जैन भवन में पहुंचे जहां शोभायात्रा धर्मसभ...
विनयवान गुरु के हृदय में पाता है स्थान चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में मुनि संयमरत्न विजय ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अभिमान आंखों पर ऐसी पट्टी लगा देता है कि अभिमानी को अपने अतिरिक्त और कोई व्यक्ति दिखाई नहीं देता। वह एक प्रकार से अंधा हो जाता है। अभिमानी कहता है- जगत मेरा सेवक है जबकि विनयवान कहता है-मैं जगत का सेवक हूं। जिस प्रकार फटी जेब में धन सुरक्षित नहीं रहता, उसी प्र...