साधक साधना शिविर का हुआ आयोजन किलपॉक, चेन्नई : भारतीय संस्कृति के उत्थान में सन्त महात्माओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान युग में इस संत संस्कृति संवर्धन के सोद्देश्य भिक्षु निलयम,किलपाॅक में मुनि मोहजीतकुमार ठाणा 3 के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में किशोर मंडल, किलपॉक के द्वारा एकदिवसीय साधक साधना का विशिष्ट उपक्रम चला। जिसमें 51 सदस्यों ने भाग लेकर अपने आप को साधुचर्या स...
श्री गुजराती जैन संघ गांधी नगर बंगलौर में चातुर्मास हेतु विराजमान दक्षिण सूरज ओजस्वी प्रवचनकार डॉ. श्री वरुण मुनि जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि दीन, दुखी और पीड़ित प्राणियों की अनदेखी करना साक्षात धर्म और परमात्मा का अपमान करने के समान है। हर एक आत्मा में परमात्मा का निवास माना गया है। उसकी सेवा में समर्पित होना चार धामों की यात्रा करने के बराबर है। हर एक धार्मिक स्थान सेवा का केंद्र बने। उन...
प्रवचन – 16.08.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) भगवंत महावीर स्वामींनी आपल्या मोक्षमार्गावर चालण्यासाठी 12 भावनांचे चिंतन सांगितले आहे. त्यातील दुसरी भावना आहे “अश्रय भावना”. ‘अश्रय’ म्हणजे आधार. आपण नेहमी कोणाचा तरी, कशाचा तरी आधार घेत जगत असतो – पैसा, मान-सन्मान, पद, सत्ता, नातेसंबंध, शरीर, सौंदर्य… पण विचार करा, हे सारे किती टिकणारे आहे? जैन धर्म सांगतो की...
जालना : माणसाने आपल्या मुळाला कधीच विसरले नाही पाहिेजे. कारण जो मनुष्य आपल्या मुळाला विसरतोे तो जैन आहे, वाटत नाही, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना श्रमणसंघ...
चेन्नई सहित अखिल भारतीय स्तर पर जैन धर्म का मौलिक इतिहास की पुस्तकों पर स्वाध्याय प्रश्न मंच प्रतियोगिता चेन्नई सहित अखिल भारतीय स्तर पर इतिहास मार्तण्ड आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हस्तीमलजी म.सा द्वारा रचित जैन धर्म का मौलिक इतिहास की चालीस पुस्तकों पर स्वाध्याय प्रश्न प्रतियोगिता के रुप में स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं | जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर. नरेन्द्रजी ...
सितम्बर-2024 में श्रुताचार्य, वाणी भूषण, साहित्य सम्राट पूज्य प्रवर्तक श्री अमरमुनिजी महाराज सा. के संयम अमृत वर्ष का शुभारंभ हुआ। गुरु अमर संयम अमृत वर्ष (2024-25) के उपलक्ष्य में देशभर में अनेक सेवाकार्य तथा आयोजन हुए। जिनमें उपप्रवर्तक पंकजमुनिजी एवं अमरशिष्य डॉ. वरुणमुनिजी की मंगल प्रेरणा जुड़ी रही। इस क्रम में अ. भा. गुरु अमर संयम अमृत वर्ष आयोजन समिति की ओर से श्रुत संवर्धन तथा विशिष्ट सेवाओ...
जालना : भगवान महावीरांना खूप काही अपमान सहन करावा लागला. काठ्यांनी मारहाण त्यांना सहन करावी लागली, आपण तर त्यांच्यापुढे काहीच नाहीत, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पुढे ...
‘संविधान की धार, मर्यादाओं का हो आधार’ मुख्य विषय पर आधारित हुई प्रतियोगिताएं किलपाॅक, चेन्नई : अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में, चेन्नई अणुव्रत समिति की आयोजना में अणुव्रत क्रिएटिविटी कांटेस्ट 2025 की तमिलनाडु राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन मुनिश्री मोहजीतकुमार जी के सान्निध्य में किलपाॅक भिक्षु निलयम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनिश्रीजी द्वारा नमस्कार ...
आज शुक्रवार 15 अगस्त 2025 को 79 वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) जॉर्जटाउन, चेन्नई में स्थित शाखा 7 के मुख्य प्रबन्धक दिनेश कुमारजी ने झंडारोहण करते हुए शाखा तीन, सात व तेरह के अभिकर्ताओं को बधाई दी | इस अवसर पर शाखा 13 के मुख्य प्रबन्धक मुन्नुस्वामी,शाखा 3 के सह प्रबंधक आनन्दजी व बालाजी चैयरमैन सदस्य मुरली रामसेठीजी, गोविन्दस्वामीजी, भास्करणजी, अनिलकुमारजी जैन, आर नर...
आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी, मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य में तेरापंथ धर्मस्थल में आयोजित आगम आधारित प्रवचनमाला में गुरुवार को मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि सामायिक नौवां व्रत है, जबकि पौषध ग्यारहवां व्रत है, इसलिए पौषध में सामायिक नहीं पचखी जा सकती है। सामयिक कभी भी की जा सकती है। जबकि पौषध चार प्रहर अथ...
79वाँ स्वतंत्रता दिवस महापुरुषो की आदाकारी साकार कर बड़े धुमधाम से मनाया गया! विशेष आकर्षण विश्वस्तो द्वारा महापुरुषो के वचन! रक्तदान एवं मॉं पद्मावती के 100 से अधिक बहनों के एकासन संप्पन्न! साध्वी स्नेहाश्री जी द्वारा रक्तदान!🩸। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे गुरुमॉं महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकलाश्री जी म.सा., शासन सुर्या स्नेहाश्रीजी म.सा., मधुर गायिका पु. श्रुतप्रज्ञाश्री जी म....
आत्मा को प्रतिष्ठित या अप्रतिष्ठित कुल में जन्म प्राप्त कराने वाला गोत्र कर्म है। ऊँच और नीच कुल का भेद कर्मकृत है, मनुष्यकृत नहीं है। किसी भी व्यक्ति की नीचता या उच्चता के मापदण्ड का आधार धन-सम्पत्ति या सत्ता नहीं है अपितु गोत्र कर्म ही है। इस कर्म की तुलना कुम्हार से की गई है। जैसे कुम्हार छोटे-बड़े अनेक घड़ों का निर्माण करता है वैसे ही आत्मा को ऊँच-नीच गोत्र में पैदा कराने वाला यह कर्म है। अनीत...