Author: saadhak

प्रसिध्द उद्योजक श्री जयप्रकाश जी रांका यांचा अम्रुतमहोत्सवी सन्मान

चिंचवडः येथील प्रसिध्द उद्योजक, चिंचवड श्टेशन श्री संघाचे पुर्व अध्यक्ष, जैन विद्या प्रसारक मंडलाचे विश्वस्त श्री जयप्रकाशजी रांका यांचा अम्रुतमहोत्सवी सन्मान आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघाच्या विश्वस्तांनी शाल माळा, व वपुष्पगुच्छ देऊन केला व सुद्दरुढ आरोग्याची मंगलकामना केली. याप्रसंगी संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी, वरिष्ट उपाध्यक्ष विजयजी गांधी, विश्वस्त धनराजजी छाजेड, कोषाध्यक्ष नेनसुखजी मांडोत ...

संस्कार घरसे मिलते है- साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

पर्युषण पर्व के द्वितीय पुष्पमे साध्वी स्नेहाश्री जी ने स्तवन के माध्यमसे अपनी बात रखी! स्वर्ग सरीखा लगे सु्नेहरा, मंदीरसा सुंदर हो, ऐसा अपना घर हो! हॅंसी खुंशी हो, जहॉं सभी सुखकर हो, कर्मयोग के किस्मत से मिली जमी हो! प्रेम, त्याग और मर्यादा, जिसकी नींव बड़ी हो! विश्वास के दिवारे से बना परिवार हो! रहे रोशनी ज्ञानकी उसमें, आगम भावके दरवाज़े हो! चंद्रमा जैसी रोशनी, माता-पिता ईश्वर हो! प्रेम प्यार , ...

जालना येथे पर्युषण पर्वाचा दुसरा दिवसही उत्साहात

जालना (प्रतिनिधी) : जालना शहरात सुरु असलेल्या पर्युषण पर्वाच्या दुसर्‍या दिवसाचे आयोजन आज अत्यंत भक्तिभावाने झाले. सकाळपासूनच श्रावक-श्राविकांनी जिनालयात मोठ्या संख्येने उपस्थित राहून धर्मप्रवचनाचा लाभ घेतला. या प्रसंगी प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी आपल्या ओजस्वी शैलीत उपस्थितांना जिनवाणी श्रवणाचे महत्त्व समजावून सांगितले. जिनवाणीचे औषधासारखे महत्त्व मुनीश्रींनी प्रवचनात सांगितले की – जसे डॉ...

श्रीकृष्ण जी से सीखो – माता पिता की भक्ति- डॉ वरुण मुनि

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म .सा. ने पर्व पर्यूषण के दुसरे दिन गुरुवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में माता पिता की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। श्रीकृष्ण ने अपने माता पिता की आदर्श सेवा भक्ति, उनकी हर आज्ञा का विनम्रता से पालन करके जगत के समक्ष एक अनुपम, दिव्य आदर्श उदाहरण प्रस्त...

पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व 20 से 27 अगस्त तक

स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व 20 से 27 अगस्त 2025 प्रतिक्रमण पौषध संवर साधना  इस वर्ष पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व दिनांक 20 अगस्त 2025 बुधवार से दिनांक 27 अगस्त 2025 बुधवार तक हैं | पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के पावन प्रसंग पर विशेष आत्मसाधना,ज्ञानाराधना व तपाराधना का लक्ष्य रखा गया हैं | प्रतिवर्ष की तरह पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के प्रसंग पर दैनिक रुप से प्रतिक्रमण,संवर, ...

पर्युषण पर्वाचा आज पहिला दिवस, धार्मिक अनुशासनास प्रारंभ

जालना (प्रतिनिधी) : आज जालना येथे पर्युषण पर्वाचा शुभारंभ मोठ्या श्रद्धाभावाने करण्यात आला. हे पर्व जैन धर्मातील अत्यंत महत्त्वाचे असते. आत्मशुद्धी, संयम, क्षमाशीलता, आणि धार्मिक अनुशासन या मूल्यांवर आधारित या पर्वाचा पहिला दिवस प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांच्या मार्गदर्शनाखाली हे पर्व साजरे करण्यात आले. या सोहळ्यात शहरभरातील विविध भागांतून मोठ्या संख्येने श्रद्धालू उपस्थित होते. धार्मिक विधी आणि भक...

प्रणाम और प्रार्थना से ग्रह दिशा बदलती है: साध्वी स्नेहाश्रीजी म.सा .

इन्सान के जीवन की सबसे बड़ी पॅुंजी होती है दुऑं की दौलत, पर्वाधिराज पर्यषण पर्व का जपतप आराधना से शुभारंभ हुआ ! महाराष्ट्र सौरभ, उपप्रवरतिनी पु. चंद्रकला़श्री जी म.सा.,शासन सुर्या पु स्नेहाश्रीजी म.सा. एवं मधुरकंठी पु. श्रुतप्रज्ञाश्री जी म.सा. आदि ठाणा 3 के पावन सानिध्य मे चातुर्मास गतिमान हो रहा है! आज पर्युषण पर्व के प्रथम पुष्प मे स्नेहाश्री जी ने अपने पुर्वाधिराज के स्वागत मे “ मेरे महावीर भग...

आत्माका पर्व पर्युषण महापर्व: साध्वी संबोधि

महापर्व पर्युषण आत्म-जागरण का पर्व है। अपने आप पर अनुशासन का पर्व है। विभाव से स्वभाव की ओर बढ़ने का पर्व है। अपने आपको बाहर से समेटकर भीतर से संलग्न करने का पर्व है। पर्युषण पर्व समग्र कषायों से विरति का संकल्प लेते हुए क्षमा-विनय-सरलता, समता, संतोष और स‌द्भाव-सौहार्द की अभिवृद्धि करने का पर्व है। सर्वथा विशुद्ध, इस आध्यात्मिक पर्व में आत्म-निरीक्षण, आत्म-चिंतन, आत्म-रमण और स्वभाव-रमण कीऔर जीवन क...

 आध्यात्मिक पर्व है – पर्यूषण: डॉ वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म .सा. ने बुधवार को पर्यूषण पर्व के प्रथम दिवस पर पर्युषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यूषण यह आध्यात्मिक पर्व है। इस पर्व को मनाने के लिए देवलोक से देवता भी मेरु पर्वत पर आकर अष्ट दिवस तक इस पर्व को धूमधाम से महोत्सव रूप मानते हैं। संसार के भौतिक राग रंग को छोड़कर, आमोद प्रमोद, सांसारि...

तप और त्याग का महायज्ञ है पर्युषण : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, मुनि रमेश कुमार, मुनि पद्म कुमार एवं मुनि रत्न कुमार के पावन सान्निध्य एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में सभी संघीय संस्थाओं के सहयोग से बुधवार को पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का पहला दिन खाद्य संयम दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने उपस्थित अपार जनमेदिनी को फरमाया कि जैन धर्म का पर्वाधि...

जेवढा कसायभाव कमी होत जाईल तेवढाच मैत्रीभाव वाढेल-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : प्रकाश कटेल तर अंधकार येईल, अगदी त्याचप्रमाणे कसायभाव जसा-जसा कमी होत जाईल,तीतकाच मैत्रीभाव वाढेल. आणि मैत्रीभाव वाढला की आपण प्रभूंच्या जवळ जाऊ, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची...

शुभ भावों से आत्मा की सिद्धि: डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म सा ने लेश्याओ के शुभ अशुभ परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि सभी जीवों में भाव लेश्या परिणामों के साथ बदलती रहती है।सदा शुभ भावों के चिंतन करते हुए अपने व्यक्तित्व को आकर्षक मजबूत बनाया जा सकता है। प्रथम तीन लेश्याए अ प्रशस्त होने के कारण जीव के अधिक पाप कर्म का बंधन करवाती है इसलिए इन तीनों का ...

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