Author: saadhak

शुद्ध एवं सरल अंत:करण में होता है धर्म का वास : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

तेरापंथ धर्मस्थल में संवत्सरी महापर्व आयोजित क्षमापना दिवस कल आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, मुनि रमेश कुमार, मुनि पद्म कुमार एवं मुनि रत्न कुमार के पावन सान्निध्य एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में सभी संघीय संस्थाओं के सहयोग से बुधवार को प्रात: 8 बजे से स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में भगवती संवत्सरी महापर्व का भव्यातिभव्य आयोजन किया गया।सैकडों भाई ...

क्षमा, स्नेह आणि आत्मशुद्धी-प.पू. रमणिकमुनीजी म.सा.

जालना : जैन समाजातील आठ दिवसांच्या पर्युषण पर्वाचा समारोप झाला. अंतिम दिवस संवत्सरी महापर्व – आलोयणा हा जैन धर्मीयांसाठी अत्यंत पवित्र मानला जातो. या दिवशी सकाळपासूनच शहरातील विविध जैन मंदिरांमध्ये भाविकांची मोठी गर्दी झाली. सर्वत्र धार्मिक वातावरण, उपवास, स्वाध्याय व सामूहिक प्रतिक्रमणाचे आयोजन करण्यात आले.या प्रसंगी प.पू. रमणिकमुनीजी म.सा. यांनी आपल्या प्रबोधनपर प्रवचनातून संवत्सरीच्या पाव...

सबके साथ मैत्रीभाव रखना ही संवत्सरी पर्व का संदेश – साध्वी स्नेहा़श्री जी म.सा.

सबके साथ मैत्रीभाव रखना ही संवत्सरी पर्व का संदेश – सवंत्सरी पर्व बिते वर्ष मे हुई भुलवतो क्षमा करनेका एवं क्षमा माँगने का पर्व है! साध्वी स्नेहा़श्री जी म.सा. उप प्रवर्तिनी महाराष्ट्र सौरभ पूज्या गुरूवर्या श्री चंद्रकला श्री जी म सा वाणी के जादूगर शाशन सूर्या पूज्य स्नेहा श्री जी म सा मधूर गायिका पूज्या श्रुतप्रज्ञा श्री जी म सा के पावन सानिध्य में जैन समाज ने एक साथ मनाया संवत्सरी महापर्व!...

तप आत्म शुद्धि का पवित्र माध्यम- डॉ वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म.सा.ने पर्यूषण पर्व के सातवें दिन धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि तप आत्म शुद्धि का पवित्र माध्यम है। उन्होंने अंतगड सूत्र के माध्यम से राजा श्रेणिक की काली, सुकाली, महाकाली आदि दस रानियों के प्रभु महावीर के पास जाकर दीक्षा ग्रहण करके विभिन्न रत्नावली आदि अनेक प्रकार ...

तप के साथ ध्यान से कषाय बने उपशांत : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

पर्युषण पर्व में ध्यान दिवस बना तप दिवस तेरापंथ धर्मस्थल में तपस्या का मेला 30 तपस्वी भाई बहनों का एक साथ तपोभिनंदन पूर्वोत्तर भारत के गुवाहाटी में तपस्या का नया कीर्तिमान बना संवत्सरी महापर्व कल इस चातुर्मास में तपस्या का नया कीर्तिमान बन गया। गुवाहाटी में आज 30 तपस्वी भाई-बहिनों का एक साथ तपोभिनंदन का मेला लगा। इस अद्भुत मेले में 14 तपस्वी भाई एवं 16 तपस्विनी बहिनों का मुनिश्री डाॅ ज्ञानेंद्र कु...

पर्युषण पर्व म्हणजे आत्मशुद्धीचा महामार्ग – प.पू. रमणिकमुनी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: जैन समाजातील सर्वात पवित्र व महत्वाचा मानल्या जाणार्‍या पर्युषण महापर्वाच्या निमित्ताने जालना शहरात आयोजित धार्मिक सभेत प.पू. रमणिकमुनी म. सा. यांनी आपल्या ओजस्वी प्रवचनातून पर्युषणाचा खरा गाभा उलगडून दाखवला.सभागृहात भाविकांची मोठी उपस्थिती होती. प्रारंभी मंगलाचरण, भजन व जिनवाणी पठणाने कार्यक्रमाची सुरुवात झाली. त्यानंतर प.पू. रमणिकमुनींनी आपल्या प्रवचनातून उपस्थितांना जीवनात...

क्षमा का पर्व समवत्सरी महापर्व: साध्वी संबोधि

संवत्सरी का महापर्व जन-जन के अन्तर्मानस में अभिनव जागृति का संदेश लेकर आता इसे क्षमा पर्व भी कहते हैं। संवत्सरी महापर्व का जो विशेष संदेश है, वह यह है कि व्यक्ति अपने भीतर में सम्पूर्ण जीव-जगत अर्थात् प्राणीमात्र के प्रति क्षमा का, समत्व का पवित्र भाव जागृत करें। आध्यात्मिक साधना में तभी प्राण पैदा होता है, जब समत्व और उपशम का भाव जीवन में स्थान पाता है। महापर्व संवत्सरी के अवसर पर व्यक्ति सम्पूर्...

पर्यूषण पर्व : कल्प चरित्रातून संयम व त्यागाचे दर्शन-प.पू. रमणिकमुनीजी म.सा. यांचे प्रवचन

जालना : शहरात सुरू असलेल्या पर्यूषण पर्वात आज सहावा दिवस उत्साहात व श्रद्धाभावाने साजरा करण्यात आला. प्रातःकाळी मंदिरात सामूहिक मंगलाचरण व अंतःकृत दशांग सूत्र पठणाने वातावरण पवित्रतेने भारून गेले. या मंगल प्रसंगी प.पू. रमणिकमुनीजी म.सा. यांच्या प्रवचनाचा भाविकांना लाभ झाला. आजच्या प्रवचनाचा विषय होता कल्पसुत्र चरित्रातून संयम व त्यागाचे दर्शन घडले. प.पू. रमणिकमुनीजी म.सा. यांनी सांगितले की, एयवंता...

आदर्श माता श्रध्येय प्रमिलाबाई नौपदलालजी साखला सन्मानीत

आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के विश्वस्त मंडल द्वारा सन 2025 च्या के आध्यात्मिक चातुर्मास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे चातुर्मास कालीन गौतम प्रसादी का आयोजन साखला परिवार के और से आदर्श माता श्रध्देय प्रमिलाबाई नौपदलालजी साखला जी के आज्ञा से उद्योजक परम गणेश भक्त राजेश जी ऋषभ जी साखला परिवार ने किया है! आज आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ का विश्वस्त मंडल बाई के सन्मान करने हेतु पहुंचा ! बाई क...

जैन जगत के दैदीप्यमान ज्योतिपुंज नक्षत्र थे पूज्य गुरुदेव प्रवर्तक श्री अमर मुनि जी महाराज- डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म . सा. ने अंतगड सूत्र के माध्यम से अतिमुक्त कुमार के कथानक पर सारगर्भित प्रकाश डाला। जन्म के साथ मृत्यु निश्चित है पर धर्म साधना, संयम,जप तप आराधना करके साधक अपनी मृत्यु को भी महोत्सव बना सकता है। संसार में संयम ही सार है बाकी सब असार है। सब यही रह जाने वाला है। जो साधक धर्म साधना आराधना कर लेते...

विचारोकी निर्मलता, आचरण की पवित्रता मे धर्म है! धर्म प्रदर्शन मे नही, आत्म दर्शन मे है – साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

आज पर्युषण पर्व के छठम दिवसपर अंतगड सुत्रका वाचन पु. श्रुतप्रज्ञा श्री जी म.सा ने किया! समवसरण यात्रा गुरुमॉं पु. चंद्रकला श्री जी म.सा. ने करायी एवं भगवान महावीर स्वामीजी के जीवन शैली पर अपनी बात रखी! धन है वे भाग्यशाली, धन और स्वास्थ्य वे सौभाग्यशाली, धन स्वास्थ्य, धर्म वे महाभाग्यशाली है ! धर्म स्वास्थ्य धन नही वे दुर्भाग्यशाली है! ज़िंदगी के साथ भी और ज़िंदगी के बाद भी साथ है एकमात्र धर्म! धर्...

जप करने से मन एकाग्र होता है : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

पर्युषण पर्व में जप दिवस का आयोजन आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में सभी संघीय संस्थाओं के सहयोग से सोमवार को पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का छठा दिन जप दिवस के रूप में मनाया गया। गौहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश माननीय कल्याण जी सुराणा आज...

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