Author: saadhak

जीवन का लक्ष्य है जीवन को गुणों से सुगन्धित करना: साध्वी संबोधि

आज के मनुष्य की यह कैसी विडम्बना है कि उसे थोड़ा सा सम्मान मिलते ही वह पागल हो जाता है;; जरा-सा धन प्राप्त होते हो बेकाबू हो जाता है; साधारण-सा ज्ञानार्जन सीखते ही वह उपदेश की भाषा में बोलने लग जाता है और तनिक सा यश मिलते ही दुनिया का उपहास करने लग जाता है। यदि सुन्दर रूप मिल गया तो वह दर्पण को तोड़ डालता है। थोड़ा-सा अधिकार हासिल होते ही वह दूसरों को तबाह करने में लग जाता है। इस प्रकार तमाम उम्र ...

तपस्या कर्म निर्जरा के लिए की जाती है : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

छह तपस्विनी बहनों की तपस्या का तपोभिनंदन आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य एवं तेरापंथी सभा के तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में महिमा भूरा (11), सायर देवी नाहर (11), मंजुला भादानी (11), प्रिया सेठिया (11), मंजुलता सेठिया (10), संगीता कोठारी (8) की तपस्या के उपलक्ष्य...

अहिंसा, दया, तपस्या सभी धर्मों से श्रेष्ठ धर्म है- डॉ. श्री वरुण मुनि जी

दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रचारक डॉ. श्री वरुण मुनि महाराज, जो श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर में चातुर्मास हेतु विराजमान हैं, ने आज धार्मिक सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि दीन, दुखी और पीड़ित प्राणियों की अनदेखी करना प्रत्यक्ष रूप से धर्म और परमात्मा का अपमान करने के समान है। प्रत्येक आत्मा में परमात्मा का वास माना गया है। उसकी सेवा में समर्पित होना चार धामों की यात्रा करने के बर...

चार तपस्वियों का तपोभिनंदन

महातपस्वी युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डाॅ ज्ञानेन्द्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में इस वर्ष पूर्वोत्तर भारत एवं असम गुवाहाटी में तपस्या का नया रिकार्ड बन गया है। आज भी तपोभिनंदन कार्यक्रम में चार तपस्वियों का तपोभिनंदन कार्यक्रम तेरापंथ सभा के द्वारा आयोजित हुआ। जिसमे पति- पत्नी ने दस एवं पुत्र ने आठ दिन की तपस्या की।  तपस्वी लहर ...

श्री अमर मुनि जी महाराज के 75 वें दीक्षा दिवस पर विशाल सामूहिक आयंबिल तप साधना का आयोजन 4 अक्टूबर को

श्रुताचार्य साहित्य सम्राट वाणी भूषण परम पूज्य प्रर्वतक श्री अमर मुनि जी महाराज के 75 वें दीक्षा निमित्त गुरु अमर संयम अमृत वर्ष के पावन अवसर पर उप प्रवर्तक श्री पंकज मुनि जी म सा, दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म सा, मधुर वक्ता श्री रुपेश मुनि जी म सा के पावन सानिध्य में एवं श्री गुजराती वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ गांधीनगर के तत्वावधान में एवं अखिल भारतीय श्रुताचार्य श्री गुरु...

महत्वाकांक्षा दुख का कारण: साध्वी संबोधि

जिनवाणी में संसार का स्वरूप बताया गया है यह संसार निश्चित ही दुःख रूप है। आधि, व्याधि और उपाधि से ग्रस्त इस संसार में सुख की अपेक्षा दुःख की मात्रा अधिक है। मनुष्य के पास सौ सुख हो और एक दुःख है तो वह एक दुःख भी उसे पीडित करता रहेगा। क्योकि सौ सुख होने पर भी वह स्वयं को सुखी नहीं मानता। सौ सुखों में से यदि एक सुख भी चला जाता है तो मनुष्य रोने लगता है हालाँकि निन्यानवें सुख उसके पास है फिर भी वह रो...

स्वाध्याय भवन में सांवत्सरिक पर्व मनाया गया

साहूकारपेट में बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में सांवत्सरिक पर्व मनाया गया | स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट में संवत्सरी महापर्व 27 अगस्त बुधवार को देवसिय व 28 अगस्त को प्रातःकाल रायसी प्रतिक्रमण युवा स्वाध्यायी योगेशजी श्रीश्रीमाल ने करवाया | एम प्रकाशजी कांकरिया ने पौषध सहित बेला योगेशजी श्रीश्रीमाल व मोहितजी छाजेड़ ने अष्ठ प्रहर सज्जनराजजी बोथरा ने पांच प्रहर उच्छबराजजी गांग गौतमचन...

तपोधाममध्ये सामूहिक क्षमा याचना सोहळा

जालना (प्रतिनिधी) : जालना शहरातील गुरु गणेश तपोधाम येथे आज सामूहिक क्षमा याचनाचा भव्य व पवित्र सोहळा मोठ्या श्रद्धा, भक्ती व उत्साहाच्या वातावरणात संपन्न झाला. या प्रसंगी प.पू. रमनिकमुनिजी म.सा. यांच्या सान्निध्यात भाविकांनी एकमेकांना मिच्छामी दुक्कडम् म्हणत वैरभाव विसरून मैत्री, शांती आणि सद्भावनेचा संदेश दिला. सकाळपासूनच तपोधाम परिसरात भाविकांची गर्दी उसळली होती. स्त्री-पुरुष, युवक-युवती आणि ज्य...

माफ़ी मांगने वाला हर हाल मे बड़ा होता हैं – साध्वी स्नेहाश्रीजी

एक बने आग तो दूसरा बने पानी  यही हैं प्रभु महावीर कि वाणी  माफ़ी मांगने वाला हर हाल मे बड़ा होता हैं – साध्वी स्नेहाश्रीजी का “ क्षमापना” पर्व पर उद्बोधन ! आज आकुर्डी स्थानक भवन मे “ सामुदायिक-क्षमापना” महोत्सव गुरुमॉं पु. चंद्रकला श्री जी म.सा. शासन सुर्या पु. स्नेहाश्रीजी म.सा. एवं मधुरकंठी पु श्रुतप्रज्ञाश्री जी के पावन सानिध्य मे मनाया गया।इस अवसर पर क्षमापना का महत्व विशद कर साध्वी स्नेहा...

सत्संग, साधना करने से होती है मन की शुद्धि : श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर बंगलौर में चातुर्मास के लिए विराजमान दक्षिण सूरज ओजस्वी प्रवचनकार डॉ. श्री वरुण मुनि जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि धर्म स्थान का भाव है कि मन में ही धर्म का निवास हो। धन, विद्या, संपत्ति, रूप, पदवी — इन सबसे बढ़कर धर्म है। उन्होंने कहा कि क्षमा और सत्य से ऊपर कोई धर्म नहीं। धर्मप्रेमी बहनों-भाइयों को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि भवन को भोजनशाला नहीं बनाना चाह...

तेरापंथ धर्मस्थल में भव्य रूप से मना क्षमायाचना दिवस

सामूहिक क्षमायाचना आस्था संचेती के 9 की तपस्या पर तपोभिनंदन तेरापंथ धर्मस्थल में भव्य रूप से मना क्षमायाचना दिवस आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी, मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन वृहस्पतिवार को प्रात: 9 बजे से स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में क्षमायाचना दिवस का भव्यातिभव्य समारो...

क्षमा वीरों का भूषण है- डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने पर्व पर्यूषण आराधना के आठवें दिन संवत्सरी महापर्व पर बुधवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि क्षमा वीरस्य भूषणम। अर्थात् तीर्थंकर परमात्मा भगवान महावीर स्वामी ने क्षमा को वीरों का भूषण बताया है। शूरवीर ही क्षमा कर सकते हैं, कायर व्यक्ति नहीं। उन्होंने कहा कि...

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