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पनवेल श्री संघ में विराजित श्रमण संघीय जैन दिवाकरिया महासाध्वी श्री संयमलताजी म. सा.,श्री अमितप्रज्ञाजी म. सा.,श्री कमलप्रज्ञाजी म. सा.,श्री सौरभप्रज्ञाजी म. सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में प्रभावशाली भगवान चंद्रप्रभु का अनुष्ठान सानंद संपन्न हुआ। धर्म सभा को संबोधित करते हुए महासती संयमलता ने कहा इस संसार में सभी दुखी हैं कोई रोग के कारण तो कोई संतान न होने के कारण, कोई सास बहू से दुखी हैं तो कोई बहु सास से दुखी, पति पत्नी से तो पत्नी पति से दुखी, गरीब रुपया कमाने की चिंता में दुखी तो धनवान रुपया संभालने की चिंता में दुखी; अर्थात सुखी कोई नहीं। यह संसार जन्म, बुढ़ापा, मरण आदि दुख रूपी आग में जल रहा है।

मनुष्य जीवन की पीड़ाओं के साक्षात दर्शन करने हो तो किसी एक अस्पताल में जाकर देखें कि लोग कैसे-कैसे भयंकर रोगों से घिरे हुए हैं। कोई हार्ड का मरीज है, तो कोई किडनी का, कोई कैंसर का, किसी के हाथ कटे है तो किसी के पैर। महासती ने आगे कहा दुनिया में धन और सांसारिक साधनों में हम सुख मानते हैं परंतु यह हमारी भ्रांति है। जीवन का सच्चा सुख वासना में नहीं साधना में हैं। सुख शांति और शीतलता की खोज में निकले व्यक्ति के लिए भगवान चंद्रप्रभु का अनुष्ठान अंधेरे में रोशनी के समान है। भगवान चंद्रप्रभु की स्तुति रिद्धि सिद्धि और समृद्धि दायक है। अनुष्ठान का लाभ कामोठे निवासी श्री गहरीलाल पंकजकुमार टुकलिया परिवार एवं पनवेल निवासी सौ.वर्षाबेन जयंतीभाई गड़ा परिवार ने लिया। धर्म सभा में कौशल्या बाफना ने 58 उपवास,गरिमा चपलोत ने 16 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये। चातुर्मास आयोजन समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र खेरोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को जैन स्थानक में भगवान पार्श्वनाथ मां पद्मावती के एकासन का आयोजन रहेगा।

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