लम्बे प्रवास में होली चातुर्मास और महावीर जन्म कल्याणक का होगा आयोजन
तिरुकलीकुण्ड्रम: तेरापंथ के धर्माचार्य महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी लावण्यश्रीजी ठाणा- 3 का तिरुकलीकुण्ड्रम में श्री देवीचन्दजी दुगड के घर से प्रात: 07.45 को मंगल विहार कर भव्य जुलूस के साथ गेलडा जैन भवन मे प्रवेश हुए। आचार्यश्री के आदेशानुसार साध्वीश्री का पक्षीतीर्थ में चार हफ्ते से ज्यादा का प्रवास रहेगा। आपके सान्निध्य में आगामी होली चातुर्मास और महावीर जन्म कल्याणक के कार्यक्रम भी यही समायोजित होंगे।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी लावण्यश्रीजी ने अपने उद्बोधन में तत्व के अर्थ का बोध कराते हुए उत्पाद, व्यय, धौव्य पर प्रकाश डाला। भगवान महावीर स्वामी एवं गौत्तम स्वामी के बीच हुए प्रश्नोत्तर का सिलसिला भी बताया। अमरकुमार की निर्मल बुद्धि का उदाहरण के द्वारा पावन पाथेय प्रदान किया।
साध्वी सिद्धांतश्रीजी एवं साध्वी दर्शितप्रभाजी ने गीतिका का संगान किया।
समाचार सम्प्रेषक : स्वरूप चन्द दाँती




