चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने कहा परमात्मा महावीर ने घर बार त्याग कर घोर तपश्या कर अपने जीवन को बदला। बहुत सारे महान पुरुषों ने भी उसी मार्ग को अपनाते हुए मोक्ष पा लिया।
लेकिन वर्तमान में मनुष्य थोड़ा भी विफल होता है तो प्रयास करना छोड़ देता है। धर्म के प्रति अगर सच्ची आस्था होगी तो निश्चय ही विफलता के बाद भी प्रयास नही छोड़ेगा। लेकिन आस्था नहीं होने की वजह से मनुष्य भटक रहा है।
महापुरुषो ने लाख कठिनाई आने के बाद भी धर्म के प्रति आस्था कायम रखी और अंत मे सफल हुए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने जितना किया है उसका 1 प्रतिशत भी मनुष्य नहीं कर पाता है। अगर उतना भी कर ले तो जीवन के भटकाव के मार्ग बंद हो जाएंगे। धर्म मे 1 प्रतिशत भी लगन दिखी तो निश्चय ही उसका लाभ मिलेगा।
संघ मंत्री देवीचंद बरलोटा ने बताया कि रविवार को जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा के सानिध्य में चातुर्मास के संपूर्ती पर कृतज्ञता ज्ञापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। संघ अध्यक्ष बुधराज भंडारी, मंत्री देवीचंद बरलोटा, समेत अन्य पदाधिकारी तैयारियों में लगे हैं।
आज यशस्वी चातुर्मास समाप्ति दिवस के रूप में मनाने जा रहे हैं। अनु पूर्वी कलश की बोली अशोककुमार महावीरचंद गौतमचंद तालेड़ा ने ली है।