आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञानुवर्ती उग्र विहारी, तपोमूर्ति मुनि श्री कमलकुमारजी ठाणा 3 गुरुदेव के आज्ञानुसार बंगलूर शान्तिनगर चातुर्मास सम्पन्न कर आज प्रातः तेरापंथ सभा भवन साहूकारपेट, चेन्नई पधारे। मुनि श्री के स्वागत विहार में संघीय संस्थाओं के काफी भाईयों ने सहभागिता निभाई।
तेरापंथ सभा भवन में मुनि श्री ने अर्हत्, आचार्य की स्तुति के साथ धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जैन आगमों में दशवेकालिक आगम एक महत्वपूर्ण आगम हैं। श्वेतांबर परंपरा के सभी साधु साध्वी चाहे वह स्थानकवासी हो, मंदिरमार्गी हो या तेरापंथी, सभी के लिए इस आगम का अध्ययन करना आवश्यक हैं।
इस आगम में साधु की सामान्य प्रत्येक चर्या जैसे उसे कैसे रहना, आहार-पानी की कैसे गवेषणा करनी, कैसे ग्रहण करना, विहार – स्वाध्याय कैसे और कब करना इत्यादि का उल्लेख मिलता है। स्वागत कार्यक्रम का प्रारम्भ मुनिश्री के नमस्कार महामंत्र के मंगल स्मरण के साथ हुआ।
मंगलाचरण श्रीमती बसंता बाबेल ने किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री विमल चिप्पड़ ने सभी संघीय संस्थाओं की ओर से स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
तेरापंथ सभा ट्रस्ट साहूकारपेट के प्रधानन्यासी श्री सुरेशजी नाहर ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन मंत्री प्रवीण बाबेल ने किया। इससे पूर्व मुनि श्री प्रातः 6.15 बजे अमजीकरे तेजराजजी पुनमिया के घर से विहार कर साहूकारपेट सभाभवन पधारें।
स्वरुप चन्द दाँती
प्रचार प्रसार प्रभारी
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चेन्नई