हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं, वह इस प्रकार हैंl
बंधुओं जैसे कि उत्साह भाव से करें हर कार्य आप एक मंत्र लीजिए आप जो कुछ भी करते हैं जैसा भी करते हैं उससे प्यार से करना सीखेl जो भी व्यवसाय करते हैं विद्या अध्ययन करते हो अन्य कुछ भी काम करते हो उससे प्यार करना सीखोl बेमन से कोई काम मत करो बोझिल मन से किया गया था पांव की बेड़ियां बन जाता हैl जबकि उत्साह भाव से किया गया काम व्यक्ति के लिए मुक्ति का प्रथम द्वारा हो जाता हैl कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता हर काम अच्छा होता हैl
कभी किसी काम को करने में या ना सोचा और यह काम बाद अगर तुम गरीब हो और धन नहीं लगा सकते तो बड़ा व्यापार के बारे में मत सोचो तुम फल की दुकान लगा कर बैठ जाओl बड़े प्यार से उसे धंधे को करो तुम्हें मुनाफा होगा फिर किसी अन्य व्यवसाय के बारे में विचार करो अरे दुनिया में कई लोग तो रद्दिभीइ कटी करके भी अपना गुजारा कर लेते हैंl हर कार्य को पूरे साली के और पूर्ण उत्साह से कीजिए अगर कहीं ईश्वर के देवता भी उसे देख लेंगे तो आपकी तारीफ करेंगेl सलीके से कम करो बहुत से काम खराब मन से करने की बजाय थोड़ी से कम अच्छे ढंग से करना अधिक श्रेष्ठ हैl अच्छे तरीके से बहुत प्यार से अदब से मन से किसी भी कम को कीजिए हां अपने काम को इतनी परिपूर्ण के साथ कीजिए कि फिर किसी अन्य को उसे कम को दोहराने की जरूरत ही ना पड़े आप एक ग्रहणी हैl
एक महिलाएं तो अपने घर में झाड़ू भी इतने ढंग से लगाइए फिर किसी और को दोबारा झाड़ू लगाने की जरूरत ना पड़ेl ऐसा लगे जैसे मंदिर में प्रभु भक्ति कर रहे हो रविंद्र नाथ टैगोर गीतांजलि लिख रहे हो या कोई उपन्यासकार अपने नूतन उपन्यास की रचना कर रहा होl इतने साल से बाहर यह की झाड़ू लगाना भी किसी कहानी को पढ़ने जैसा आनंद बन जाए आंगन इतना साफ हो जाएl आपके घर आने वाला एक बार आपकी तारीफ कर दे मस्त रहे हर हाल में एक बात और कहना चाहूंगी कि आप अपने आप को सदा प्रसन्न रखेंl मस्त रहे हर हाल में आपको इतना प्रश्न रखिए अगर कोई गुस्सा करें तब भी आप मुस्कुराना मत बोलिए यही जीवन जीने की कला हैl
जय जिनेंद्र जय महावीर🌈🌈🌈🌈






