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नवकार महामंत्र का सामुहिक जाप किया गया | 

नवकार महामंत्र का सामुहिक जाप किया गया | 

साहूकारपेट, चेन्नई के बेसिन वाटर स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में विश्व शान्ति व प्राणी मात्र के कल्याण के लिए नवकार महामंत्र का सामुहिक जाप किया गया |

विश्व शान्ति व प्राणी मात्र के कल्याण के लिए गुरुवार 9 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट में स्वाध्यायीगण द्वारा नवकार महामंत्र जाप का आयोजन सम्पन्न हुआ |

 वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने आगम वांचन के अंतर्गत गणधर द्वारा विवेचन प्रश्न व्याकरण सूत्र मूल व आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हस्तीमलजी म.सा द्वारा लिखित अर्थ व भावार्थ का वांचन किया | जिसमे आश्रव द्वार के अंतर्गत अदतादान से होने वाले कर्म बन्धनों का विस्तृत रुप से प्रकाश किया | स्वाध्यायी बन्धुवर ने विश्व शान्ति व प्राणी मात्र के कल्याण हेतु स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट में नवकार महामंत्र के सामुहिक जाप के साथ घर में परिवार के सदस्यों के साथ सामूहिक जाप करने का संकल्प करवाया |

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि नवकार महामन्त्र में शुद्ध अवस्था को प्राप्त अरिहन्त व सिद्ध भगवन्तों को एवं उनके बताए मार्ग पर अनुसरण करने वाले आचार्य,उपाध्याय व साधुओं को नमस्कार किया गया हैं | इस महामंत्र के उच्चारण व स्मरण से चिन्ता,भय व इच्छाओं का नाश होता हैं व भावों की शुद्धि होती हैं | उन्होंने बताया कि आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा आदि ठाणा के चेन्नई वेपेरी में वर्ष 2005 में गौतम-किरण के चातुर्मास काल में पूरे चार महीने अखण्ड जाप हुआ था | यह मन्त्र आध्यात्मिक सुखों की प्राप्ति का मन्त्र हैं |

 जे कमलजी चोरडिया ने चिन्तन सूत्र करवाया | आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने संकल्प सूत्र करवाये | स्वाध्यायी बन्धुवर श्री इंदरचंदजी कर्णावट ने तपस्या व पोरसी के प्रत्याख्यान व वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने गुरु सुखसाता पृच्छा पाठ करवाया | सभा में रुपराजजी सेठिया, बाबू धनपतराजजी सुराणा पदमचन्दजी व दीपकजी श्रीश्रीमाल, वीरेंद्रजी ओस्तवाल, उच्छबराजजी गांग, लीलमचन्दजी बागमार श्री जैन रत्न श्राविका मण्डल तमिलनाडु की अध्यक्षा श्रीमती शशिजी कांकरिया, लीलादेवीजी ओस्तवाल, सुबीताजी सुराणा सहित श्रावक श्राविकाओं की सामायिक परिवेश में प्रमोदजन्य उपस्थिति रही | तपस्वी श्राविका लीलादेवीजी ओस्तवाल ने मांगलिक सुनाई |

प्रेषक : स्वाध्याय भवन 24/25- बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट, साहूकारपेट, चेन्नई,

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