Share This Post

Featured News / Featured Slider / ज्ञान वाणी

मनुष्य का जीवन शतरंज के खेल कि तरह है वही वही जीतता है जो धैर्य के साथ खेलता है: साध्वी धर्मप्रभा

मनुष्य का जीवन शतरंज के खेल कि तरह है वही वही जीतता है जो धैर्य के साथ खेलता है: साध्वी धर्मप्रभा

Sagevaani.com @चैन्नई। जीवन एक शतरंज है।गुरूवार साहूकार पेठ एस.एस.जैन भवन के मरूधर केसरी दरबार में साध्वी धर्मप्रभा ने श्रध्दालूओ को सम्बोधित करतें हुए कहा कि मनुष्य का जीवन भी शतरंज के खेल से कम नही है। जिस तरह मनुष्य शतरंज को खेलते समय धैर्य रखता है उसी तरह व्यक्ति जीवन में धैर्य सर्तकता और सुझ – बुझ के साथ चले तो संसार के सुखों को भोग सकता है।शतरंज के खेल मे उसकी कि एक गलत चाल जीती हुई बाजी को हरा देती है। परन्तु मनुष्य कब वह हारता है जब जीवन मे सुख ही सुख हो और दुःख आने पड़ इंसान को परिस्थितियों के अनुरूप अपने कदमों को पीछे भी लेना पड़ जाए तो वह हार जाता है।

धेर्य साहस और धीरज के साथ चलेगा तो हारी बाजी को जीत मे बदल सकता है। समय को बदलतें देर नही लगती है। कौन अपना है,कौन पराया यह बात मनुष्य को समझ मे आनी चाहिए जो आज है वह कल नही रहने वाला है। सुई जो काम सकती है, वह तलवार नही कर पाएगी । पेड़ भी वही अच्छे लगते है, जो फलों से लदे हूए हो और झुके हूए। मनुष्य भी जीवन मे जितना झुका हुआ रहेगा उतना वह आगे बढ़ सकता है,वरना वह हार जाएगा।

साध्वी स्नेहप्रभा ने प्रवचन के प्रांरभ में कहा कि मनुष्य को शतरंज के खेल से.जीवन मे रणनीति बनाकर चलेगा तो जीवन मे हार नही सकता है। जीवन मे संघर्ष ना हो तो वह जीवन नहीँ है। संघर्षो का डटकर मुकाबला करोगे तो हारी हुई बाजी भी जीत जाओगें। मनुष्य सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हैं,वह शतरंज के खेल से सिख सकता है। कितनी ही बार मोहरों को पीछे लेना पड़ता है ।

 

मनुष्य भी अगर पीछे नही आया तो रास्ते से भटककर हार जाएगा। जीवन मे रंग ना हो तो जीवन बेरंग हो जाएगा। मनुष्य जीवन भी किताब कि तरह उसमे रंग स्वंय को भरने पड़ते है । मनुष्यों को जीवन को बहुत सारे बलिदानों की आवश्यकता होती है; बलिदान किए बिना मनुष्य जीवन मे रोशनी नही कर पाएगा। श्री एस.एस.जैन संघ साहूकर पेठ के कार्याध्यक्ष महावीर चन्द सिसोदिया ने बताया कि धर्मसभा में साध्वी धर्मप्रभा से अनेक बहनों ने सिध्दी तप एकासाना, आयंबिल, उपवास आदि के प्रत्याख्यान लिए।

सज्जनराज सुराणा, सुरेश डूगरवाल, अशोक सिसोदिया, शम्भूसिंह कावड़िया, मोतीलाल ओस्तवाल, पदमचन्द ललवानी, बादल कोठारी, जितेन्द्र भंडारी, कमल खाब्या, हस्ती मल खटोड़, पी महावीर कोठारी, रमेश दरणा आदि सभी पदाधिकारियों की धर्मसभा मे श्रध्दालूओ के साथ उपस्थित रही।

प्रवक्ता सुनिल चपलोत

श्री एस.एस.जैन संघ साहूकार पेठ चैन्नई

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Skip to toolbar