धर्म अगले जन्म को भव को सुधारणा यह मान्यता हमने हमारे मन में बसाकर रखी है! इसलीए आज युवापिढी धर्म से हद्यय से नही जुडी है धर्म की शरण सदा मंगलकारी है ! धर्म की कमाई के लिये मिला जन्म हमने अधिक भौतिक सुविधा की पुर्ती मे लगा दिया याद रखे धर्म कोई तुम्हारा वाशिंग पावडर नही जो पहले इस्तेमाल करो फिर विश्वास करो।
धर्म तो जीवन विमा की तरह जो जिंदगी के साथ भी चलता है और जिंदगी के बाद भी इसलिए धर्म की शरण में आकार पुण्य को बढाने का पावन संदेश *नवकार साधक परम पूज्य श्री तारकऋषीजी म सा के सुशिष्य आगमज्ञाता पूज्यश्री सुयोगऋषीजी म सा* ने श्रावक संघ औरंगाबाद द्वारा चातुर्मासिक आराधना के अंतर्गत *महावीर भवन* की धर्मसभा मे दिया।
🔆 * **चि भावेश एवं चि करण बोथरा वैजापुर* इन्होने *पूज्यश्रीजी से 5 उपवास के पचखान लिए*
*संघ की और से उनका सम्मान किया गया*
📿 नवकार महामंत्र का घर घर जाप तथा एकासना आय़बील ,तेले की कडी मे अपना नाम लिखाए
🔆 *कल दि 6 गुरुवार का जाप श्री झुंबरलालजी मनोजकुमारजी पगारीया इनके यहाँ रहेगा।
*श्री वर्धमान श्वेताबंर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ औरंगाबाद*
✍🏼 प्रकाश कोचेटा