छत्तीसगढ़ प्रवर्तक श्रमण गौरव संत श्री रतन मुनि, डॉ सतीश मुनि, शुक्ल मुनि रमण मुनि आदित्य मुनि एवं घोर तपस्वी गणेश लाल जी महाराज के शिष्य श्री विवेक मुनि सौरव मुनि गौरव मुनि आज पदनाभपुर दुर्ग से जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में चातुर्मास हेतु प्रवेश किया।
श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के कार्यकर्ता पदनाभपुर पहुंचकर संत समुदाय की अगवानी की।
श्रमण संघ दुर्ग की चातुर्मास प्रवेश यात्रा मोती काम्प्लेक्स दुर्ग से प्रारंभ हुई जहां जैन समाज के सभी जैन संघ के प्रमुख सदस्यों की विशेष उपस्थिति तथा श्रमण संघ परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति में प्रवेश यात्रा आगे बढ़ी जवाहर चौक गांधी चौक शनिचरी बाजार होते हुए गंजपारा स्थित आनंद मधुकर रतन भवन मैं साधु वृंद का मंगलमय प्रवेश हुआ।
जगह जगह वंदना अर्पित करते हुए गुरुदेव भगवनतो का प्रवेश अवसर पर स्वागत सत्कार किया गया।
प्रथम बार छत्तीसगढ़ आए संत विवेक मुनि के शिष्य श्री गौरव मुनि ने 11 उपवास की तपस्या के साथ संकल्प रतन मुनि के मुखारविंद से ग्रहण किया
प्रतिवर्ष चातुर्मास प्रवेश के शुभ अवसर पर श्री गौरव मुनि 11 उपवास की तपस्या पूर्ण करते हैं।
आनंद मधुकर रतन भवन में आयोजित धर्म सभा को डॉ सतीश मुनि एवं गौरव मुनि ने संबोधित किया। गौरव मुनि ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा यह चातुर्मास ज्ञान का समुंदर है और इस चातुर्मास में सभी जैन समाज के अनुयायियों को इस ज्ञान के समुंदर में गोता लगाना है और ज्ञान के मोती को ग्रहण करना है।
इस चातुर्मास में धर्म की बैंक खुल रही है और आज बैंक का उद्घाटन है इस उद्घाटन अवसर पर सभी को अपना अकाउंट यहां खोलना है अपने समय का टाइम का इन्वेस्टमेंट आत्मा के उत्थान के लिए हमें धर्म स्थानक भवन में करना है। जिस तरह हम दूध के बर्तन को अंदर से साफ कर उसमें दूध डालते हैं अगर बर्तन गंदा होगा तो दूध फट जाता है उसी तरह हमें आत्मा के उत्थान के लिए आत्मा की जागृति के लिए अपनी भावनाओं को शुद्ध रखते हुए क्रोध, मान, माया, लोभ को छोड़कर धर्म स्थानक भवन में आना चाहिए और सभी से प्रेम वात्सल्य धारण कर मीठा बोलते हुए शांति के साथ धर्म आराधना करते हुए अपना यह मानव जीवन सुदृढ़ बनाना चाहिए।
इस भवन में आने के बाद हमें रायचंद जी हुक्मीचंद जी ज्ञान चंद जी एवं टीकमचंद जी नहीं बनना है अर्थात हमें ना राय देना है ना किसी को हुकुम देना है ना किसी को ज्ञान देना है और ना किसी के विषय पर बेवजह टीका टिप्पणी करना है छोटे छोटे उदाहरणों के माध्यम से संत गौरव मुनि ने धर्म सभा में समा बांधा।
इन 4 माह में प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर आधारित धर्म आराधना होगी जिसमें सभी आत्मीय जनों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना है।
धर्म सभा में श्रमण संघ महिला मंडल के सदस्यों ने गौरव मुनि के 11 उपवास की तपस्या के उपलक्ष में तपस्या गीत प्रस्तुत करते हुए उनके गीतों के माध्यम से तपस्या की अनुमोदना की।
श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल श्रमण संघ महिला मंडल, श्रमण संघ बालिका मंडल, एवं आनंद मधुकर पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

चातुर्मास प्रवेश के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों रायपुर राजनांदगांव बालाघाट,बैंगलोर वाणी भिलाई 3 ,साजा बीजा, डौंडीलोहारा गुंडरदेही कवर्धा सहित अन्य क्षेत्रों से भी श्रमण संघ परिवार के सदस्य गुरुदेव रतन मुनि का आशीर्वाद प्राप्त करने उपस्थित हुए।
श्री सुभाष लोढा, महावीर चंद कोठारी, ललित पटवा, गौतम बाफना, गोलू जैन, ने सभी साधु समुदाय से चातुर्मास उपरांत विचरण करने हेतु निवेदन किया।
संत गौरव मुनि परम पुरुषार्थी तपो मूर्ति की उपाधि से सम्मानित
संत गौरव मुनि को छत्तीसगढ़ प्रवर्तक रतन मुनि महाराज की प्रेरणा से छत्तीसगढ़ श्रमण संघ परिवार की ओर से परम पुरुषार्थी तपोमूर्ति की चादर ओढ़ाकर गौरव मुनि के तपस्या की अनुमोदना की।
23 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ
23 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है और 22 जुलाई से आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में आयोजित रहेगी
आज के कार्यक्रम का बेहतरीन मंच संचालन श्रमण संघ के मंत्री टीकम छाजेड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन संघ के अध्यक्ष निर्मल बाफना ने किया।
प्रवेश यात्रा के अवसर पर श्री कमल पटवा गौतम बोथरा गौतम सांखला पारसमल संचेती जसराज पारख, नेमीचंद नाहर, प्रवीण श्री श्री माल मदन जैन जितेंद्र कोचर सुरेश लूनिया सुरेश बाघमार अशोक झामण एवंता छाजेड़ जितेंद्र भंडारी सरिता श्री श्री माल सपना संचेती चंदा रुणवाल अमित बाघमार, अशोक रतन बोहरा पदम छाजेड़ आदित्य ओस्तवाल सौरभ रतन बोहरा, आदित्य नाहर,अमित जैन टोनू छाजेड़ सहित श्रमण संघ महिला मंडल एवं वर्धमान सेवा मंच श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के सभी सदस्य विशेष रुप से पूरे कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित रहे।
नवीन संचेती
प्रचार प्रसार प्रमुख
श्रमण संघ दुर्ग