नागदा जं. निप्र- महावीर भवन में महासति दिव्यज्योतिजी म.सा. ने कहा कि जब चारो तरफ घृणा, हिसा, नफरत, मारकाट, झूठ का बोलबाला था तब भगवान महावीर स्वामी ने जैन धर्म समाज की स्थापना कर सत्य, अहिंसा, प्रेम, वात्सल्य, जियो और जीने दो को साकार करने हेतु शुद्ध शाकाहारी समाज की स्थापना की गई जैसे देवो के देव इन्द्र देव है, उसी प्रकार जैन धर्म में सबसे बलशाली प्रभावी वैभवी परमात्मा महावीर है। महासति दिप्तिश्रीजी ने कहा कि नफरत की दीवार को प्रेम से तोड़ सकते है। महासति सौम्याश्रीजी म.सा. ने कहा कि हमेशा सत्य की विजय होती है, झूठ का खात्मा होता है। महासति वैभवश्रीजी म.सा. ने कहा कि जैन धर्म में राजसीक, तामसीक भोजन का कोई स्थान नही है। हमें सात्वीक आहार का ही सेवन करना चाहिये। महासति काव्याश्रीजी म.सा. एवं नाव्याश्रीजी म.सा. ने एक धार्मिक स्तवन प्रस्तुत किया।
मीडिया प्रभारी महेन्द्र कांठेड एवं नितिन बुडावनवाला ने बताया कि तेले की लड़ी मेघा संदीप कांठेड , धर्मचक्र मनोरमा मारू एवं निर्मला पितलीया वर्षीतप की तपस्या चंदनमलजी संघवी, किशोर राठौड, मुन्नीबेन छोरिया, राखी जैन एवं मानु जैन तरवेचा के तपस्या चल रही है। अतिथि सत्कार का लाभ सन्तोषजी मोहीतजी रोहितजी कोलन ने लिया। जाप की प्रभावना सेजल मनीष चपलोत एवं अशोकजी जैन इन्दौर ने वितरीत की। संचालन राजेन्द्र कांठेड़ ने किया एवं आभार श्रीसंघ अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र जैन लुणावत एवं चातुर्मास अध्यक्ष सतीश जैन सांवेरवाला ने माना।
दिनांक 08/09/2022
मीडिया प्रभारी
महेन्द्र कांठेड
नितिन बुडावनवाला