*🌧️विंशत्यधिकम्*
*📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️*
🌧️
2️⃣9️⃣
⚡
अनुकूल स्थान,
समर्पित भक्तवर्ग,
वैभवसंपन्न व्यक्ति का
राग किए बिना
अलीप्त रहते हुए
जबतक
शक्ति हो तबतक
वीर श्रमण अविरत एवं
*अप्रतिबद्ध विहार करते है.!*
🛑
विशेष
कारण के अभाव में
एक स्थान में चातुर्मास के
अतिरिक्त समय में एक माह से
अधिक समय स्थिरता नही करते.!
🌼
*उनके*
*संपर्क में*
*आते है उनको*
*अध्यात्म स्नान का*
*अमूल्य लाभ प्राप्त होता है.!*
💛
अप्रतिबद्ध विहारी
वीर श्रमण जहा जाते है
वहां सोना ही सोना..
जहां से जाते है
वहां सुना सुना हो जाता है.!
*_📕श्री प्रवचन सारोद्धार📕_*
🌷
*तत्त्वचिंतन:*
*मार्गस्थ कृपानिधि*
*सूरि जयन्तसेन चरण रज*
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर